Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- حَلَالًا (हलालान): वह चीज़ जो शरिया में जायज़ हो और जिसके खाने पर कोई पाप या सज़ा न हो।
- طَيِّبًا (तय्यिबन): पाक और साफ़ चीज़, जो नापाक न हो और नुकसानदेह न हो।
- خُطُوَاتِ الشَّيْطَانِ (ख़ुतुवातिश शैतान): शैतान के निशान और रास्ते, यानी उसके बहकावे और धोखे।
- عَدُوٌّ مُّبِينٌ (अदुव्वुन मुबीन): खुला और स्पष्ट दुश्मन, जिसकी दुश्मनी ज़ाहिर हो।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ लोगों! अल्लाह तआला ने तुम्हें ज़मीन में जो कुछ रिज़्क़ दिया है, उसमें से खाओ, लेकिन उसके साथ दो शर्तें हैं: पहली यह कि वह हलाल हो, यानी उसे कमाने और हासिल करने का तरीक़ा जायज़ हो, और दूसरी यह कि वह पाक और अच्छा हो, यानी उसमें कोई नापाकी, गंदगी या नुकसान न हो। अल्लाह ने ज़मीन पर तरह-तरह के फल, अनाज, सब्ज़ियाँ, जानवर और नेमतें पैदा की हैं, और उनमें से जो पाक और हलाल हैं, उन्हें खाने की इजाज़त दी है। लेकिन शैतान तुम्हें बहकाता है कि तुम हराम और नापाक चीज़ें खाओ, या हलाल को हराम और हराम को हलाल ठहराओ, या अल्लाह के हुक्म के खिलाफ अपनी मनमानी करो।
अल्लाह तआला तुम्हें साफ़ हिदायत दे रहा है कि शैतान के नक्शे-क़दम पर न चलो, यानी उसके उन रास्तों से बचो जिन पर वह तुम्हें ले जाता है — जैसे बिदअतें (धर्म में नई चीज़ें निकालना), गुनाह, हराम कमाई, और अल्लाह के हुक्म में तब्दीली। शैतान तुम्हारा खुला दुश्मन है, उसकी दुश्मनी कोई छिपी हुई बात नहीं है, बल्कि उसने आदम (अलैहिस्सलाम) के ज़माने से लेकर आज तक हर मौके पर इंसान को बरबाद करने की कोशिश की है। वह चाहता है कि तुम जहन्नम में जाओ और अल्लाह की रहमत से महरूम रहो।
यह हिदायत सिर्फ़ खाने-पीने तक ही नहीं है, बल्कि पूरी ज़िंदगी के लिए है — कि इंसान हर मामले में अल्लाह के हुक्म को माने और शैतान की पैरवी से बचे। अल्लाह ने जो चीज़ें हलाल और पाक बनाई हैं, वे इंसान के लिए बेहतरीन हैं, और जो चीज़ें हराम की हैं, उनमें इंसान का नुकसान ही नुकसान है। इसलिए अक़्लमंद इंसान को चाहिए कि वह अपने खुले दुश्मन की बात न माने, बल्कि अपने रब की इताअत करे, क्योंकि रब ही असली मेहरबान है और वही बेहतर जानता है कि उसके बंदों के लिए क्या फायदेमंद है और क्या नुकसानदेह।
याद रखो, अल्लाह तआला ने जो कुछ भी हलाल किया है, उसमें बरकत रखी है, और जो हराम किया है, उसमें इंसान की तबाही है। जो लोग शैतान के पीछे चलते हैं, वे दुनिया में भी परेशान रहते हैं और आख़िरत में भी नुकसान उठाएँगे। लेकिन जो लोग अल्लाह के हुक्म पर चलते हैं, उनके लिए दुनिया में सुकून और आख़िरत में जन्नत की खुशखबरी है। अल्लाह तआला अपने बंदों से मुहब्बत करता है और उन्हें आसान रास्ता दिखाता है, इसलिए उसकी बात मानो और शैतान से दूर रहो — यही तुम्हारी भलाई है।
📜 आयत 166-170 — सूरा अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 168
सूरा अल-बकरा आयत 168 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐ लोगों जो कुछ ज़मीन में हैं उस में से…सूरा आयत 168/286 — सूरा अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-बकरा सुनें, सूरा अल-बकरा अनुवाद, सूरा अल-बकरा mp3, सूरा अल-बकरा pdf. आयत 166–170. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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