अल-बकरा · 169/286
अनुवाद उच्चारण — अल-बकरा
إِنَّمَا يَأْمُرُكُم بِالسُّوءِ وَالْفَحْشَاءِ وَأَن تَقُولُوا عَلَى اللَّهِ مَا لَا تَعْلَمُونَ ۝١٦٩
Innamaa yaamurukum bissooo`i walfahshaaa`i wa an taqooloo alal laahi maa laa ta`lamoon
📖 हिंदी अर्थ
वह तो तुम्हें बुराई और बदकारी ही का हुक्म करेगा और ये चाहेगा कि तुम बे जाने बूझे ख़ुदा पर बोहतान बाँधों

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • السُّوء: वह गुनाह जो इंसान को तकलीफ़ और नुक़सान पहुँचाए।
  • الْفَحْشَاء: अत्यंत बुरे और घिनौने काम, जो शर्मनाक और सख्त गुनाह हों।
  • أَن تَقُولُوا عَلَى اللَّهِ مَا لَا تَعْلَمُونَ: अल्लाह के बारे में बिना ज्ञान के झूठी बातें कहना, जैसे किसी चीज़ को हलाल या हराम ठहराना।

तफ़सीर (व्याख्या):

यह आयत शैतान के उस दुष्ट कार्य को उजागर करती है जिसके ज़रिए वह इंसान को गुमराह करता है। शैतान का काम ही है कि वह तुम्हें हर उस काम का हुक्म देता है जो बुरा हो, जो तुम्हारे दिल को दुखी करे और तुम्हारी आत्मा को नुक़सान पहुँचाए। वह तुम्हें छोटे-बड़े सभी गुनाहों की तरफ़ ले जाता है, और फिर उन कामों की तरफ़ ले जाता है जो इंसानियत के लिए शर्मनाक और अत्यंत घिनौने हैं — जैसे ज़िना, झूठ, चुगली, और दूसरों को नुक़सान पहुँचाना।

इससे भी बड़ी बात यह है कि शैतान तुम्हें यह सिखाता है कि तुम अल्लाह के बारे में बिना ज्ञान के बातें करो — जैसे कि किसी चीज़ को हलाल या हराम ठहराना, अल्लाह पर झूठा आरोप लगाना, या उसके दीन में ऐसी बातें जोड़ना जो उसने नहीं कहीं। यह सबसे बड़ा गुनाह है, क्योंकि इससे इंसान अल्लाह पर झूठ बोलता है और लोगों को गुमराह करता है।

दावत और नसीहत:

ऐसे इंसान! ज़रा सोचो — शैतान तुम्हारा खुला दुश्मन है, और वह तुम्हें केवल उसी चीज़ की तरफ़ बुलाता है जो तुम्हारे लिए बुरी है। वह तुम्हें कभी भलाई की तरफ़ नहीं बुलाता, कभी सच्चाई की तरफ़ नहीं बुलाता, कभी पाकीज़गी की तरफ़ नहीं बुलाता। उसका हर काम तुम्हें अल्लाह से दूर करना है, तुम्हारी ज़िंदगी को बर्बाद करना है, और तुम्हें आख़िरत में नुक़सान उठाने के लिए तैयार करना है।

अल्लाह तआला ने तुम्हें अक़्ल दी है, समझ दी है, और क़ुरआन जैसी रहनुमाई दी है। वह तुम्हें हलाल और पाक चीज़ों की तरफ़ बुलाता है, और हराम व गंदी चीज़ों से रोकता है। तो क्यों न तुम शैतान की बजाय अल्लाह की बात मानो? क्यों न तुम उस रास्ते पर चलो जो तुम्हें जन्नत की तरफ़ ले जाए, और उस रास्ते से बचो जो तुम्हें जहन्नम की तरफ़ ले जाता है?

याद रखो, अल्लाह के बारे में बिना ज्ञान के बात करना सबसे बड़ी बुराई है। इसलिए हमेशा उलमा और सही ज्ञान से सीखो, और कभी भी अल्लाह के दीन में अपनी तरफ़ से कोई बात न जोड़ो। अल्लाह तुम पर रहमत करे, तुम्हें सीधा रास्ता दिखाए, और शैतान के वसवसों से बचाए। आमीन।



📜 आयत 167-171 — अल-बकरा

167وَقَالَ الَّذِينَ اتَّبَعُوا لَوْ أَنَّ لَنَا كَرَّةً فَنَتَبَرَّأَ مِنْهُمْ كَمَا تَبَرَّءُوا مِنَّا ۗ كَذَٰلِكَ يُرِيهِمُ اللَّهُ أَعْمَالَهُمْ حَسَرَاتٍ عَلَيْهِمْ ۖ وَمَا هُم بِخَارِجِينَ مِنَ النَّارِ
और पैरव कहने लगेंगे कि अगर हमें कहीं फिर (दुनिया में) पलटना मिले तो हम भी उन से इसी तरह अलग हो जायेंगे जिस तरह एैन वक्त पर ये लोग हम से अलग हो गए यूँ ही ख़ुदा उन के आमाल को दिखाएगा जो उन्हें (सर तापा पास ही) पास दिखाई देंगें और फिर भला कब वह दोज़ख़ से निकल सकतें हैं
168يَا أَيُّهَا النَّاسُ كُلُوا مِمَّا فِي الْأَرْضِ حَلَالًا طَيِّبًا وَلَا تَتَّبِعُوا خُطُوَاتِ الشَّيْطَانِ ۚ إِنَّهُ لَكُمْ عَدُوٌّ مُّبِينٌ
ऐ लोगों जो कुछ ज़मीन में हैं उस में से हलाल व पाकीज़ा चीज़ (शौक़ से) खाओ और शैतान के क़दम ब क़दम न चलो वह तो तुम्हारा ज़ाहिर ब ज़ाहिर दुश्मन है
169إِنَّمَا يَأْمُرُكُم بِالسُّوءِ وَالْفَحْشَاءِ وَأَن تَقُولُوا عَلَى اللَّهِ مَا لَا تَعْلَمُونَ
वह तो तुम्हें बुराई और बदकारी ही का हुक्म करेगा और ये चाहेगा कि तुम बे जाने बूझे ख़ुदा पर बोहतान बाँधों
170وَإِذَا قِيلَ لَهُمُ اتَّبِعُوا مَا أَنزَلَ اللَّهُ قَالُوا بَلْ نَتَّبِعُ مَا أَلْفَيْنَا عَلَيْهِ آبَاءَنَا ۗ أَوَلَوْ كَانَ آبَاؤُهُمْ لَا يَعْقِلُونَ شَيْئًا وَلَا يَهْتَدُونَ
और जब उन से कहा जाता है कि जो हुक्म ख़ुदा की तरफ से नाज़िल हुआ है उस को मानो तो कहते हैं कि नहीं बल्कि हम तो उसी तरीक़े पर चलेंगे जिस पर हमने अपने बाप दादाओं को पाया अगरचे उन के बाप दादा कुछ भी न समझते हों और न राहे रास्त ही पर चलते रहे हों
171وَمَثَلُ الَّذِينَ كَفَرُوا كَمَثَلِ الَّذِي يَنْعِقُ بِمَا لَا يَسْمَعُ إِلَّا دُعَاءً وَنِدَاءً ۚ صُمٌّ بُكْمٌ عُمْيٌ فَهُمْ لَا يَعْقِلُونَ
और जिन लोगों ने कुफ्र एख्तेयार किया उन की मिसाल तो उस शख्स की मिसाल है जो ऐसे जानवर को पुकार के अपना हलक़ फाड़े जो आवाज़ और पुकार के सिवा सुनता (समझता ख़ाक) न हो ये लोग बहरे गूँगे अन्धें हैं कि ख़ाक नहीं समझते
अल-बकराकुरान सूची
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अनुवाद — अल-बकरा 169

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Tuesday, August 18, 2026

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