Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَا بَنِي إِسْرَائِيلَ: ऐ इसराईल (याकूब अलैहिस्सलाम) की संतानो!
- اذْكُرُوا: याद करो, स्मरण करो।
- نِعْمَتِيَ: मेरी उन नेअमतों (उपकारों) को।
- أَنْعَمْتُ عَلَيْكُمْ: जो मैंने तुम पर कीं।
- فَضَّلْتُكُمْ: मैंने तुम्हें श्रेष्ठता दी, विशेषता प्रदान की।
- الْعَالَمِينَ: अपने समय के संसार के लोगों पर।
विस्तृत तफसीर:
अल्लाह तआला बनी इसराईल (हज़रत याकूब अलैहिस्सलाम की संतान) को सम्बोधित करते हुए फ़रमाता है कि ऐ इसराईल की संतानो! मेरी उन नेअमतों को याद करो जो मैंने तुम पर प्रदान कीं। यह याद दिलाना उन्हें शुक्र अदा करने की तरफ़ बुलाना है, क्योंकि नेअमत को याद करना और उसे पहचानना शुक्र की बुनियाद है। अल्लाह ने बनी इसराईल पर अनेकों दीनी और दुनियावी नेअमतें कीं — उनमें से एक बड़ी नेअमत यह थी कि उनके बीच बहुत से पैग़म्बर भेजे गए, उन पर आसमानी किताबें (तौरात, इंजील) उतारी गईं, और उन्हें अपने ज़माने की दुनिया के लोगों पर श्रेष्ठता प्रदान की गई। यह श्रेष्ठता उनके पूर्वजों (बुज़ुर्गों) के ज़रिये उन्हें मिली, लेकिन इसका शरफ़ उनकी आने वाली नस्लों को भी हासिल है। अल्लाह उन्हें यह याद दिला रहा है ताकि वे इन नेअमतों की क़द्र करें, अल्लाह की इताअत (आज्ञाकारिता) करें और उसके दिए हुए दीन पर साबित क़दम रहें। यहाँ "الْعَالَمِينَ" से मुराद उनके समय के लोग हैं, यानी उनके ज़माने की दुनिया के सभी लोगों पर उन्हें फ़ज़ीलत दी गई थी।
फ़ायदे (सबक़):
- नेअमतों की याद शुक्र का ज़रिया है — जब इंसान अल्लाह की दी हुई नेअमतों को याद करता है, तो उसका दिल अल्लाह की मोहब्बत से भर जाता है और वह शुक्र अदा करने की तरफ़ बढ़ता है। शुक्र अदा करने से अल्लाह नेअमतों में और इज़ाफ़ा करता है।
- अल्लाह की नेअमतें असंख्य हैं — अल्लाह ने इंसान पर दीनी और दुनियावी दोनों तरह की नेअमतें की हैं। हमें चाहिए कि इन्हें पहचानें और इनका सही इस्तेमाल करें।
- श्रेष्ठता का मतलब बड़ाई नहीं, बल्कि ज़िम्मेदारी है — जिसे अल्लाह फ़ज़ीलत देता है, उस पर अल्लाह की इताअत की ज़्यादा ज़िम्मेदारी होती है। बनी इसराईल को दी गई श्रेष्ठता उनके लिए इम्तिहान थी, न कि घमंड का सबब।
- पूर्वजों की नेअमतें आने वाली नस्लों के लिए शरफ़ हैं — अल्लाह की नेअमतें सिर्फ़ एक पीढ़ी तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि उनका असर और शरफ़ आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचता है। इसलिए हमें अपने पूर्वजों की नेअमतों को याद करके अल्लाह का शुक्र अदा करना चाहिए।
- क़ुरआन हमें अल्लाह की नेअमतों की याद दिलाता है — यह आयत हमें सिखाती है कि क़ुरआन सिर्फ़ अहकाम (आदेशों) की किताब नहीं, बल्कि अल्लाह की नेअमतों को याद दिलाने वाली किताब भी है, ताकि हमारा दिल अल्लाह की तरफ़ झुके और हम उसके शुक्रगुज़ार बनें।
📜 आयत 45-49 — सूरा अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 47
सूरा अल-बकरा आयत 47 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐ बनी इसराइल मेरी उन नेअमतों को याद करो जो…सूरा आयत 47/286 — सूरा अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-बकरा सुनें, सूरा अल-बकरा अनुवाद, सूरा अल-बकरा mp3, सूरा अल-बकरा pdf. आयत 45–49. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, September 29, 2026
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