ताहा · 10/135
अनुवाद उच्चारण — ताहा
إِذْ رَأَىٰ نَارًا فَقَالَ لِأَهْلِهِ امْكُثُوا إِنِّي آنَسْتُ نَارًا لَّعَلِّي آتِيكُم مِّنْهَا بِقَبَسٍ أَوْ أَجِدُ عَلَى النَّارِ هُدًى ۝١٠
Iz ra aa naaran faqaala li alhlihim kusooo inneee aanastu naaral la`alleee aateekum minhaa biqabasin aw ajidu `alan naari hudaa
📖 हिंदी अर्थ
तो अपने घर के लोगों से कहने लगे कि तुम लोग (ज़रा यहीं) ठहरो मैंने आग देखी है क्या अजब है कि मैं वहाँ (जाकर) उसमें से एक अंगारा तुम्हारे पास ले आऊँ या आग के पास किसी राह का पता पा जाऊँ
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • آنَسْتُ: मैंने देखा / मुझे दिखाई दी
  • قَبَسٍ: आग की लौ का एक टुकड़ा, जलती हुई लकड़ी का सिरा या चिंगारी
  • هُدًى: राह दिखाने वाला, मार्गदर्शक

तफ़सीर (व्याख्या):

यह वह समय था जब मूसा (अलैहिस्सलाम) रात के अंधेरे में अपने परिवार के साथ सफर कर रहे थे। रास्ते में उन्होंने दूर से एक आग देखी। उन्होंने अपने परिवार से कहा: "तुम यहीं ठहरे रहो, मुझे आग दिखाई दी है। शायद मैं तुम्हारे लिए उसमें से कोई जलती हुई लकड़ी का टुकड़ा ले आऊँ ताकि तुम उससे आग जला सको और ठंड से बच सको, या फिर उस आग के पास कोई ऐसा व्यक्ति मिल जाए जो हमें रास्ता बता सके।"

यह आयत हमें मूसा (अलैहिस्सलाम) की कुछ खूबसूरत सिफ़ात (गुणों) से परिचित कराती है:

  1. परिवार के प्रति प्रेम और ज़िम्मेदारी: उन्होंने अपने परिवार को अकेला नहीं छोड़ा, बल्कि उन्हें सुरक्षित स्थान पर ठहराया और उनकी ज़रूरतों का ख्याल रखा। यह हमारे लिए सबक है कि हमें अपने परिवार की देखभाल और उनकी सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए।
  2. मुश्किलों में हिम्मत और सूझबूझ: रात के अंधेरे में रास्ता भटक जाने के बावजूद वे घबराए नहीं, बल्कि उन्होंने हर संभव उपाय सोचा — आग से रोशनी और गर्मी पाना, या किसी राहगीर से रास्ता पूछना। यह हमें सिखाता है कि मुसीबत में घबराना नहीं चाहिए, बल्कि अल्लाह पर भरोसा रखते हुए हर संभव कोशिश करनी चाहिए।
  3. अल्लाह की रहमत का ज़रिया: इस आग के पास पहुँचने पर अल्लाह ने मूसा (अलैहिस्सलाम) को नबूवत (पैग़म्बरी) का महान पद प्रदान किया। यह दिखाता है कि अल्लाह अपने बंदों को अप्रत्याशित तरीकों से अपनी ओर बुलाता है। एक साधारण सी दिखने वाली आग ही उनके जीवन का सबसे बड़ा मोड़ बन गई।
  4. हर हाल में अच्छाई की तलाश: मूसा (अलैहिस्सलाम) ने आग से भलाई पाने की कोशिश की — चाहे वह रोशनी हो, गर्मी हो या रास्ते का पता। हमें भी हर परिस्थिति में भलाई की तलाश करनी चाहिए और कभी निराश नहीं होना चाहिए।

यह क़िस्सा हमें यह भी बताता है कि अल्लाह अपने नेक बंदों की मदद करता है और उन्हें कभी अकेला नहीं छोड़ता। जब मूसा (अलैहिस्सलाम) ने अपने परिवार की भलाई के लिए कदम उठाया, तो अल्लाह ने उन्हें वह कुछ दिया जो उन्होंने सोचा भी नहीं था — नबूवत और अपनी पाक कलाम (तौरात) का शरीफ़। यह हमारे लिए प्रेरणा है कि अल्लाह पर भरोसा रखें, अपने कर्तव्यों का पालन करें, और अल्लाह की रहमत से कभी निराश न हों।

🎧 सुनें

📜 आयत 8-12 — ताहा

8اللَّهُ لَا إِلَٰهَ إِلَّا هُوَ ۖ لَهُ الْأَسْمَاءُ الْحُسْنَىٰ
अल्लाह (वह माबूद है कि) उसके सिवा कोइ माबूद नहीं है (अच्छे-अच्छे) उसी के नाम हैं
9وَهَلْ أَتَاكَ حَدِيثُ مُوسَىٰ
और (ऐ रसूल) क्या तुम तक मूसा की ख़बर पहुँची है कि जब उन्होंने दूर से आग देखी
10إِذْ رَأَىٰ نَارًا فَقَالَ لِأَهْلِهِ امْكُثُوا إِنِّي آنَسْتُ نَارًا لَّعَلِّي آتِيكُم مِّنْهَا بِقَبَسٍ أَوْ أَجِدُ عَلَى النَّارِ هُدًى
तो अपने घर के लोगों से कहने लगे कि तुम लोग (ज़रा यहीं) ठहरो मैंने आग देखी है क्या अजब है कि मैं वहाँ (जाकर) उसमें से एक अंगारा तुम्हारे पास ले आऊँ या आग के पास किसी राह का पता पा जाऊँ
11فَلَمَّا أَتَاهَا نُودِيَ يَا مُوسَىٰ
फिर जब मूसा आग के पास आए तो उन्हें आवाज आई
12إِنِّي أَنَا رَبُّكَ فَاخْلَعْ نَعْلَيْكَ ۖ إِنَّكَ بِالْوَادِ الْمُقَدَّسِ طُوًى
कि ऐ मूसा बेशक मैं ही तुम्हारा परवरदिगार हूँ तो तुम अपनी जूतियाँ उतार डालो क्योंकि तुम (इस वक्त) तुआ (नामी) पाक़ीज़ा चटियल मैदान में हो
ताहाकुरान सूची
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मक्कीRevelation
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अनुवाद — ताहा 10

सूरा ताहा आयत 10 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो अपने घर के लोगों से कहने लगे कि तुम…

सूरा आयत 10/135 — ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ताहा सुनें, ताहा अनुवाद, ताहा mp3, ताहा pdf. आयत 8–12. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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