Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَلَمَّا أَتَاهَا: जब वे उस (आग) के पास पहुँचे।
- نُودِيَ: पुकारा गया।
- يَا مُوسَىٰ: ऐ मूसा!
तफ़सीर (व्याख्या):
जब हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने दूर से आग देखी, तो वे अपने परिवार से बोले कि तुम यहीं ठहरो, मैं आग की तरफ़ जाता हूँ, शायद मैं कोई खबर लाऊँ या कोई अंगारा ले आऊँ ताकि तुम लोग आग सेंक सको। यह एक आम इंसानी ज़रूरत थी, लेकिन अल्लाह तआला ने इसी ज़रूरत को एक महान नबुव्वत के आगाज़ का ज़रिया बना दिया।
ज्यों ही हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) उस आग के पास पहुँचे, अल्लाह तआला ने उन्हें पुकारा: "ऐ मूसा!" यह पुकार सीधे अल्लाह की तरफ़ से थी, बिना किसी माध्यम के। यह उनके लिए एक बेहद पवित्र और ऐतिहासिक पल था, जब अल्लाह ने उन्हें अपने पैग़म्बर के रूप में चुनने का एलान किया। इसी पुकार के बाद अल्लाह ने उनसे फ़रमाया: "बेशक मैं ही तेरा रब हूँ, तू अपनी जूतियाँ उतार दे, क्योंकि तू पवित्र घाटी 'तुवा' में है।"
यह पुकार सिर्फ़ मूसा (अलैहिस्सलाम) के लिए नहीं थी, बल्कि हर उस इंसान के लिए एक पैग़ाम है जो अल्लाह की तरफ़ रुजू करता है। अल्लाह तआला अपने बंदों को पुकारता है, उन्हें अपनी तरफ़ बुलाता है, और जो उसकी तरफ़ आता है, उसे कभी निराश नहीं करता। यह हमारे लिए कितनी बड़ी ख़ुशख़बरी है कि हमारा रब हमसे हमेशा बात करता है — क़ुरआन के ज़रिए, उसकी निशानियों के ज़रिए, और हमारे दिलों में डाली गई हिदायत के ज़रिए।
इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि अल्लाह की राह में उठाया गया हर क़दम, चाहे वह कितना ही छोटा क्यों न हो, अल्लाह उसे बरकत दे सकता है और उसे एक बड़ी मंज़िल तक पहुँचा सकता है। हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) सिर्फ़ आग लाने गए थे, लेकिन अल्लाह ने उन्हें नबुव्वत का मुक़ाम अता कर दिया। इसलिए हमें कभी भी अल्लाह की रहमत से मायूस नहीं होना चाहिए, और हर अच्छे काम को छोटा नहीं समझना चाहिए, क्योंकि अल्लाह जिसे चाहता है, उसे बड़ा बना देता है।
यह पुकार आज भी हर मोमिन के कानों में गूँजती है — "ऐ मूसा!" — और हमें याद दिलाती है कि अल्लाह अपने बंदों से मुहब्बत करता है और उन्हें अपनी तरफ़ बुलाता है। काश! हम भी उस पुकार का जवाब दें और अपने रब की तरफ़ दौड़ पड़ें।
📜 आयत 9-13 — सूरा ताहा
अनुवाद — ताहा 11
सूरा ताहा आयत 11 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर जब मूसा आग के पास आए तो उन्हें आवाज…सूरा आयत 11/135 — सूरा ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा ताहा सुनें, सूरा ताहा अनुवाद, सूरा ताहा mp3, सूरा ताहा pdf. आयत 9–13. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा ताहा
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


