ताहा · 11/135
अनुवाद उच्चारण — सूरा ताहा
فَلَمَّا أَتَاهَا نُودِيَ يَا مُوسَىٰ ۝١١
Falammaaa ataahaa noodiya yaa Moosaa
📖 हिंदी अर्थ
फिर जब मूसा आग के पास आए तो उन्हें आवाज आई

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • فَلَمَّا أَتَاهَا: जब वे उस (आग) के पास पहुँचे।
  • نُودِيَ: पुकारा गया।
  • يَا مُوسَىٰ: ऐ मूसा!

तफ़सीर (व्याख्या):

जब हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने दूर से आग देखी, तो वे अपने परिवार से बोले कि तुम यहीं ठहरो, मैं आग की तरफ़ जाता हूँ, शायद मैं कोई खबर लाऊँ या कोई अंगारा ले आऊँ ताकि तुम लोग आग सेंक सको। यह एक आम इंसानी ज़रूरत थी, लेकिन अल्लाह तआला ने इसी ज़रूरत को एक महान नबुव्वत के आगाज़ का ज़रिया बना दिया।

ज्यों ही हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) उस आग के पास पहुँचे, अल्लाह तआला ने उन्हें पुकारा: "ऐ मूसा!" यह पुकार सीधे अल्लाह की तरफ़ से थी, बिना किसी माध्यम के। यह उनके लिए एक बेहद पवित्र और ऐतिहासिक पल था, जब अल्लाह ने उन्हें अपने पैग़म्बर के रूप में चुनने का एलान किया। इसी पुकार के बाद अल्लाह ने उनसे फ़रमाया: "बेशक मैं ही तेरा रब हूँ, तू अपनी जूतियाँ उतार दे, क्योंकि तू पवित्र घाटी 'तुवा' में है।"

यह पुकार सिर्फ़ मूसा (अलैहिस्सलाम) के लिए नहीं थी, बल्कि हर उस इंसान के लिए एक पैग़ाम है जो अल्लाह की तरफ़ रुजू करता है। अल्लाह तआला अपने बंदों को पुकारता है, उन्हें अपनी तरफ़ बुलाता है, और जो उसकी तरफ़ आता है, उसे कभी निराश नहीं करता। यह हमारे लिए कितनी बड़ी ख़ुशख़बरी है कि हमारा रब हमसे हमेशा बात करता है — क़ुरआन के ज़रिए, उसकी निशानियों के ज़रिए, और हमारे दिलों में डाली गई हिदायत के ज़रिए।

इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि अल्लाह की राह में उठाया गया हर क़दम, चाहे वह कितना ही छोटा क्यों न हो, अल्लाह उसे बरकत दे सकता है और उसे एक बड़ी मंज़िल तक पहुँचा सकता है। हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) सिर्फ़ आग लाने गए थे, लेकिन अल्लाह ने उन्हें नबुव्वत का मुक़ाम अता कर दिया। इसलिए हमें कभी भी अल्लाह की रहमत से मायूस नहीं होना चाहिए, और हर अच्छे काम को छोटा नहीं समझना चाहिए, क्योंकि अल्लाह जिसे चाहता है, उसे बड़ा बना देता है।

यह पुकार आज भी हर मोमिन के कानों में गूँजती है — "ऐ मूसा!" — और हमें याद दिलाती है कि अल्लाह अपने बंदों से मुहब्बत करता है और उन्हें अपनी तरफ़ बुलाता है। काश! हम भी उस पुकार का जवाब दें और अपने रब की तरफ़ दौड़ पड़ें।



📜 आयत 9-13 — सूरा ताहा

9وَهَلْ أَتَاكَ حَدِيثُ مُوسَىٰ
और (ऐ रसूल) क्या तुम तक मूसा की ख़बर पहुँची है कि जब उन्होंने दूर से आग देखी
10إِذْ رَأَىٰ نَارًا فَقَالَ لِأَهْلِهِ امْكُثُوا إِنِّي آنَسْتُ نَارًا لَّعَلِّي آتِيكُم مِّنْهَا بِقَبَسٍ أَوْ أَجِدُ عَلَى النَّارِ هُدًى
तो अपने घर के लोगों से कहने लगे कि तुम लोग (ज़रा यहीं) ठहरो मैंने आग देखी है क्या अजब है कि मैं वहाँ (जाकर) उसमें से एक अंगारा तुम्हारे पास ले आऊँ या आग के पास किसी राह का पता पा जाऊँ
11فَلَمَّا أَتَاهَا نُودِيَ يَا مُوسَىٰ
फिर जब मूसा आग के पास आए तो उन्हें आवाज आई
12إِنِّي أَنَا رَبُّكَ فَاخْلَعْ نَعْلَيْكَ ۖ إِنَّكَ بِالْوَادِ الْمُقَدَّسِ طُوًى
कि ऐ मूसा बेशक मैं ही तुम्हारा परवरदिगार हूँ तो तुम अपनी जूतियाँ उतार डालो क्योंकि तुम (इस वक्त) तुआ (नामी) पाक़ीज़ा चटियल मैदान में हो
13وَأَنَا اخْتَرْتُكَ فَاسْتَمِعْ لِمَا يُوحَىٰ
और मैंने तुमको पैग़म्बरी के वास्ते मुन्तख़िब किया (चुन लिया) है तो जो कुछ तुम्हारी तरफ़ वही की जाती है उसे कान लगा कर सुनो
ताहाकुरान सूची
135आयत
मक्कीअवतरण स्थान
11आयत

अनुवाद — ताहा 11

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Saturday, October 3, 2026

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