ताहा · 9/135
अनुवाद उच्चारण — ताहा
وَهَلْ أَتَاكَ حَدِيثُ مُوسَىٰ ۝٩
Wa hal ataaka hadeesu Moosa
📖 हिंदी अर्थ
और (ऐ रसूल) क्या तुम तक मूसा की ख़बर पहुँची है कि जब उन्होंने दूर से आग देखी
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • وَهَلْ أَتَاكَ — "और क्या तुम्हें पहुँचा है" या "क्या तुम तक पहुँची है"
  • حَدِيثُ مُوسَىٰ — "मूसा (अलैहिस्सलाम) की खबर" या "मूसा का वृत्तांत"

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को संबोधित करते हुए फ़रमाता है: "ऐ रसूल! क्या तुम तक मूसा (अलैहिस्सलाम) का वृत्तांत पहुँचा है?" यह एक ऐसा प्रश्न है जो सुनने वाले का ध्यान आकर्षित करने और उसे सचेत करने के लिए है। इसका अर्थ है: "निश्चय ही तुम तक मूसा (अलैहिस्सलाम) की महत्वपूर्ण खबर पहुँच चुकी है।"

यहाँ अल्लाह तआला अपने नबी को मूसा (अलैहिस्सलाम) की कहानी सुनाने से पहले उनका ध्यान इस ओर आकर्षित कर रहा है, ताकि वे पूरी तन्मयता से सुनें। यह वृत्तांत अत्यंत महत्वपूर्ण और शिक्षाप्रद है, जिसमें मूसा (अलैहिस्सलाम) के जीवन की महान घटनाएँ बयान की गई हैं — उनका बचपन, फ़िरऔन के घर में पालन-पोषण, उनका पैग़म्बर बनना, और अल्लाह से उनकी मुलाक़ात।

यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह तआला अपने पैग़म्बरों की कहानियाँ हमें इसलिए सुनाता है ताकि हम उनसे सबक़ लें, उनके धैर्य और सब्र से प्रेरणा पाएँ, और यह जानें कि अल्लाह की मदद हमेशा अपने नेक बंदों के साथ होती है। यह कहानी हमारे दिलों को सुकून देती है और हमें यक़ीन दिलाती है कि जो लोग अल्लाह की राह में चलते हैं, अल्लाह उन्हें कभी अकेला नहीं छोड़ता।

यह वृत्तांत हमारे लिए एक नूर (रोशनी) है, जो हमें सच्चाई के मार्ग पर चलने की तौफ़ीक़ देता है। जब हम मूसा (अलैहिस्सलाम) की कहानी पढ़ते हैं, तो हमें यह समझ आता है कि अल्लाह की राह में आने वाली मुश्किलें अस्थायी हैं, और अंतिम विजय हमेशा सच्चे मोमिनों की ही होती है। यही वह पैग़ाम है जो अल्लाह तआला हमें इस आयत के माध्यम से देना चाहता है — कि क़ुरआन की हर कहानी हमारे लिए एक रहनुमा है, जो हमें ज़िंदगी की सच्चाइयों से रूबरू कराती है और हमें अल्लाह की राह पर चलने की तरग़ीब देती है।

🎧 सुनें

📜 आयत 7-11 — ताहा

7وَإِن تَجْهَرْ بِالْقَوْلِ فَإِنَّهُ يَعْلَمُ السِّرَّ وَأَخْفَى
और अगर तू पुकार कर बात करे (तो भी आहिस्ता करे तो भी) वह यक़ीनन भेद और उससे ज्यादा पोशीदा चीज़ को जानता है
8اللَّهُ لَا إِلَٰهَ إِلَّا هُوَ ۖ لَهُ الْأَسْمَاءُ الْحُسْنَىٰ
अल्लाह (वह माबूद है कि) उसके सिवा कोइ माबूद नहीं है (अच्छे-अच्छे) उसी के नाम हैं
9وَهَلْ أَتَاكَ حَدِيثُ مُوسَىٰ
और (ऐ रसूल) क्या तुम तक मूसा की ख़बर पहुँची है कि जब उन्होंने दूर से आग देखी
10إِذْ رَأَىٰ نَارًا فَقَالَ لِأَهْلِهِ امْكُثُوا إِنِّي آنَسْتُ نَارًا لَّعَلِّي آتِيكُم مِّنْهَا بِقَبَسٍ أَوْ أَجِدُ عَلَى النَّارِ هُدًى
तो अपने घर के लोगों से कहने लगे कि तुम लोग (ज़रा यहीं) ठहरो मैंने आग देखी है क्या अजब है कि मैं वहाँ (जाकर) उसमें से एक अंगारा तुम्हारे पास ले आऊँ या आग के पास किसी राह का पता पा जाऊँ
11فَلَمَّا أَتَاهَا نُودِيَ يَا مُوسَىٰ
फिर जब मूसा आग के पास आए तो उन्हें आवाज आई
ताहाकुरान सूची
135आयत
मक्कीRevelation
9आयत

अनुवाद — ताहा 9

सूरा ताहा आयत 9 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ऐ रसूल) क्या तुम तक मूसा की ख़बर पहुँची…

सूरा आयत 9/135 — ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ताहा सुनें, ताहा अनुवाद, ताहा mp3, ताहा pdf. आयत 7–11. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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