अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَهَلْ أَتَاكَ — "और क्या तुम्हें पहुँचा है" या "क्या तुम तक पहुँची है"
- حَدِيثُ مُوسَىٰ — "मूसा (अलैहिस्सलाम) की खबर" या "मूसा का वृत्तांत"
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को संबोधित करते हुए फ़रमाता है: "ऐ रसूल! क्या तुम तक मूसा (अलैहिस्सलाम) का वृत्तांत पहुँचा है?" यह एक ऐसा प्रश्न है जो सुनने वाले का ध्यान आकर्षित करने और उसे सचेत करने के लिए है। इसका अर्थ है: "निश्चय ही तुम तक मूसा (अलैहिस्सलाम) की महत्वपूर्ण खबर पहुँच चुकी है।"
यहाँ अल्लाह तआला अपने नबी को मूसा (अलैहिस्सलाम) की कहानी सुनाने से पहले उनका ध्यान इस ओर आकर्षित कर रहा है, ताकि वे पूरी तन्मयता से सुनें। यह वृत्तांत अत्यंत महत्वपूर्ण और शिक्षाप्रद है, जिसमें मूसा (अलैहिस्सलाम) के जीवन की महान घटनाएँ बयान की गई हैं — उनका बचपन, फ़िरऔन के घर में पालन-पोषण, उनका पैग़म्बर बनना, और अल्लाह से उनकी मुलाक़ात।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह तआला अपने पैग़म्बरों की कहानियाँ हमें इसलिए सुनाता है ताकि हम उनसे सबक़ लें, उनके धैर्य और सब्र से प्रेरणा पाएँ, और यह जानें कि अल्लाह की मदद हमेशा अपने नेक बंदों के साथ होती है। यह कहानी हमारे दिलों को सुकून देती है और हमें यक़ीन दिलाती है कि जो लोग अल्लाह की राह में चलते हैं, अल्लाह उन्हें कभी अकेला नहीं छोड़ता।
यह वृत्तांत हमारे लिए एक नूर (रोशनी) है, जो हमें सच्चाई के मार्ग पर चलने की तौफ़ीक़ देता है। जब हम मूसा (अलैहिस्सलाम) की कहानी पढ़ते हैं, तो हमें यह समझ आता है कि अल्लाह की राह में आने वाली मुश्किलें अस्थायी हैं, और अंतिम विजय हमेशा सच्चे मोमिनों की ही होती है। यही वह पैग़ाम है जो अल्लाह तआला हमें इस आयत के माध्यम से देना चाहता है — कि क़ुरआन की हर कहानी हमारे लिए एक रहनुमा है, जो हमें ज़िंदगी की सच्चाइयों से रूबरू कराती है और हमें अल्लाह की राह पर चलने की तरग़ीब देती है।
📜 आयत 7-11 — ताहा
अनुवाद — ताहा 9
सूरा ताहा आयत 9 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ऐ रसूल) क्या तुम तक मूसा की ख़बर पहुँची…सूरा आयत 9/135 — ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ताहा सुनें, ताहा अनुवाद, ताहा mp3, ताहा pdf. आयत 7–11. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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