Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- أَمْثَلُهُمْ طَرِيقَةً — उनमें से सबसे अधिक समझदार, सबसे बुद्धिमान और सबसे सही राय वाला।
- لَبِثْتُمْ — तुम ठहरे / रहे।
- إِلَّا يَوْمًا — केवल एक दिन।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला फ़रमाता है कि हम उन सब बातों को भली-भाँति जानते हैं जो क़यामत के दिन ये लोग आपस में धीमी आवाज़ में कहेंगे या अपने दिलों में छिपाएँगे। उस वक़्त उनमें से सबसे अक्लमंद और सबसे बेहतर सोच वाला शख्स — जिसे लोग अपनी तरफ से सबसे समझदार समझेंगे — वह कहेगा: "तुम दुनिया या बरज़ख़ में केवल एक दिन ही ठहरे हो।"
यानी जब वे क़यामत के उन भयानक हालात और लंबे हिसाब को देखेंगे, तो उन्हें दुनिया की पूरी ज़िंदगी — चाहे वह सैकड़ों साल ही क्यों न रही हो — बिल्कुल एक दिन के बराबर महसूस होगी। उनकी नज़र में दुनिया की मुद्दत इतनी छोटी और बेहद कम हो जाएगी कि वे उसे एक दिन से ज़्यादा नहीं समझेंगे। यह इसलिए कि आख़िरत के अज़ाब और हौलनाक मंज़रों के मुक़ाबले में दुनिया की सारी उम्र बहुत ही थोड़ी और मामूली लगेगी।
यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि यह दुनिया कितनी छोटी और फ़ानी है। जो लोग इस दुनिया में अल्लाह की इबादत से ग़ाफ़िल रहते हैं और सिर्फ दुनिया की ख्वाहिशों में डूबे रहते हैं, वे क़यामत के दिन पछताएँगे और समझेंगे कि उनकी ज़िंदगी तो बस एक पल थी।
अल्लाह तआला हमें यह तालीम देता है कि हम इस छोटी सी ज़िंदगी को अल्लाह की इताअत, नेकी और अच्छे आमाल में गुज़ारें, ताकि क़यामत के दिन हम उन लोगों में से न हों जो पछतावा करेंगे, बल्कि उन लोगों में से हों जिनका चेहरा खुशी से चमक रहा होगा। याद रखिए, यह दुनिया एक दिन के बराबर है — इसे अल्लाह की रज़ा के लिए खर्च कर दीजिए, और आख़िरत की हमेशा की ज़िंदगी को कामयाब कीजिए।
📜 आयत 102-106 — सूरा ताहा
अनुवाद — ताहा 104
सूरा ताहा आयत 104 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो कुछ ये लोग (उस दिन) कहेंगे हम खूब जानते…सूरा आयत 104/135 — सूरा ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा ताहा सुनें, सूरा ताहा अनुवाद, सूरा ताहा mp3, सूरा ताहा pdf. आयत 102–106. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा ताहा
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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