ताहा · 103/135
अनुवाद उच्चारण — ताहा
يَتَخَافَتُونَ بَيْنَهُمْ إِن لَّبِثْتُمْ إِلَّا عَشْرًا ۝١٠٣
Yatakhaafatoona bainahum il labistum illaa `ashraa
📖 हिंदी अर्थ
(और) आपस में चुपके-चुपके कहते होंगे कि (दुनिया या क़ब्र में) हम लोग (बहुत से बहुत) नौ दस दिन ठहरे होंगे

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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • يَتَخَافَتُونَ – वे आपस में धीमी आवाज़ में बात करेंगे (कानाफूसी करेंगे)।
  • لَبِثْتُمْ – तुम रुके / ठहरे।
  • عَشْرًا – दस (दिन या रातें)।

तफ़सीर (व्याख्या):

क़यामत के दिन का हाल देखकर लोगों की हालत ऐसी हो जाएगी कि वे एक-दूसरे से डरते-डरते, बहुत धीमी आवाज़ में कानाफूसी करेंगे। उस वक़्त उनकी ज़ुबान पर सिर्फ़ यही बात होगी कि "तुम दुनिया में (या बरज़ख़ में) केवल दस दिन ही ठहरे हो।" यानी दुनिया की ज़िंदगी, जो उन्हें बहुत लंबी लगती थी, उस दिन उन्हें बहुत थोड़ी और मामूली नज़र आएगी।

यह आयत हमें सिखाती है कि दुनिया की ज़िंदगी चाहे कितनी भी लंबी क्यों न हो, आख़िरत के सामने वह बिल्कुल थोड़ी है। इसलिए हमें चाहिए कि इस छोटी सी ज़िंदगी को अल्लाह की इबादत में, उसकी रज़ा के कामों में गुज़ारें। जो लोग दुनिया में अल्लाह की नाफ़रमानी में मशगूल रहे, उन्हें क़यामत के दिन पछतावा होगा कि हमने इतनी कम ज़िंदगी में भी अच्छे काम क्यों नहीं किए।

अल्लाह तआला हमें तौफ़ीक़ दे कि हम दुनिया की इस मुख़्तसर (छोटी) ज़िंदगी को उसकी रज़ा के मुताबिक़ गुज़ारें और आख़िरत की सफलता हासिल करें। आमीन।



📜 आयत 101-105 — ताहा

101خَالِدِينَ فِيهِ ۖ وَسَاءَ لَهُمْ يَوْمَ الْقِيَامَةِ حِمْلًا
और उसी हाल में हमेशा रहेंगे और क्या ही बुरा बोझ है क़यामत के दिन ये लोग उठाए होंगे
102يَوْمَ يُنفَخُ فِي الصُّورِ ۚ وَنَحْشُرُ الْمُجْرِمِينَ يَوْمَئِذٍ زُرْقًا
जिस दिन सूर फूँका जाएगा और हम उस दिन गुनाहगारों को (उनकी) ऑंखें पुतली (अन्धी) करके (आमने-सामने) जमा करेंगे
103يَتَخَافَتُونَ بَيْنَهُمْ إِن لَّبِثْتُمْ إِلَّا عَشْرًا
(और) आपस में चुपके-चुपके कहते होंगे कि (दुनिया या क़ब्र में) हम लोग (बहुत से बहुत) नौ दस दिन ठहरे होंगे
104نَّحْنُ أَعْلَمُ بِمَا يَقُولُونَ إِذْ يَقُولُ أَمْثَلُهُمْ طَرِيقَةً إِن لَّبِثْتُمْ إِلَّا يَوْمًا
जो कुछ ये लोग (उस दिन) कहेंगे हम खूब जानते हैं कि जो इनमें सबसे ज्यादा होशियार होगा बोल उठेगा कि तुम बस (बहुत से बहुत) एक दिन ठहरे होगे
105وَيَسْأَلُونَكَ عَنِ الْجِبَالِ فَقُلْ يَنسِفُهَا رَبِّي نَسْفًا
(और ऐ रसूल) तुम से लोग पहाड़ों के बारे में पूछा करते हैं (कि क़यामत के रोज़ क्या होगा)
ताहाकुरान सूची
135आयत
मक्कीRevelation
103आयत

अनुवाद — ताहा 103

सूरा ताहा आयत 103 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (और) आपस में चुपके-चुपके कहते होंगे कि (दुनिया या क़ब्र…

सूरा आयत 103/135 — ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ताहा सुनें, ताहा अनुवाद, ताहा mp3, ताहा pdf. आयत 101–105. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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