Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- وَصَرَّفْنَا: हमने विभिन्न प्रकार से बयान किया, दोहराया और समझाया।
- الْوَعِيدِ: डर, चेतावनी, सज़ा की धमकी।
- يَتَّقُونَ: वे डरें, बचें (अल्लाह की नाफ़रमानी से)।
- ذِكْرًا: नसीहत, याददिहानी, सबक़ और चेतावनी।
तफ़सीर:
ऐ नबी! जिस तरह हमने पिछली उम्मतों को उनकी क़ौम की ज़बान में किताबें भेजीं, उसी तरह हमने यह क़ुरआन भी अरबी ज़बान में उतारा, ताकि यह क़ौम इसे आसानी से समझ सके और उन पर कोई बहाना न रह जाए। यह क़ुरआन कोई साधारण किताब नहीं, बल्कि हमारी ओर से एक पूरा जीवन-संहिता है, जिसमें हमने तरह-तरह से वादों और डरावनी चेतावनियों को बयान किया है—कभी सीधे तौर पर, कभी कहानियों के रूप में, कभी उदाहरणों से—ताकि लोग अपने रब की नाफ़रमानी से डरें और अपनी ज़िंदगी को सुधार लें।
यह चेतावनियाँ दो मक़सद रखती हैं: पहला, कि लोग अल्लाह का ख़ौफ़ पैदा करें और गुनाहों से बचें; दूसरा, कि अगर उनके दिल अभी तक सख़्त हैं, तो यह क़ुरआन उनके लिए एक नसीहत और याददिहानी बन जाए, जो उन्हें जगाए और उनके दिलों में इमान की रोशनी डाले।
प्यारे भाइयो और बहनो! यह अल्लाह की सबसे बड़ी रहमत है कि उसने हमें समझने के लिए यह किताब अपनी ज़बान में दी। अगर यह किताब किसी और ज़बान में होती, तो हम इसे समझ नहीं पाते और हिदायत से महरूम रह जाते। यह क़ुरआन हर उस शख़्स के लिए ज़िंदगी की रहनुमाई करता है जो इसे पढ़ता है, समझता है और उस पर अमल करता है। अल्लाह ने इसमें हर उस चीज़ का ज़िक्र किया है जो इंसान को जहन्नुम से बचाकर जन्नत तक पहुँचाती है।
आओ, हम इस किताब को सिर्फ़ पढ़ने के लिए न रखें, बल्कि इसे अपनी ज़िंदगी का नक्शा बनाएँ। जब भी यह क़ुरआन हमें किसी चीज़ से डराए, तो हम उससे बचें; और जब यह हमें किसी अच्छे काम की तरफ़ बुलाए, तो हम उसे करें। यही वह रास्ता है जो हमें दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाबी तक पहुँचाएगा। अल्लाह हम सबको क़ुरआन को समझने और उस पर अमल करने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 111-115 — सूरा ताहा
अनुवाद — ताहा 113
सूरा ताहा आयत 113 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : हमने उसको उसी तरह अरबी ज़बान का कुरान नाज़िल फ़रमाया…सूरा आयत 113/135 — सूरा ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा ताहा सुनें, सूरा ताहा अनुवाद, सूरा ताहा mp3, सूरा ताहा pdf. आयत 111–115. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा ताहा
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


