ताहा · 113/135
अनुवाद उच्चारण — सूरा ताहा
وَكَذَٰلِكَ أَنزَلْنَاهُ قُرْآنًا عَرَبِيًّا وَصَرَّفْنَا فِيهِ مِنَ الْوَعِيدِ لَعَلَّهُمْ يَتَّقُونَ أَوْ يُحْدِثُ لَهُمْ ذِكْرًا ۝١١٣
Wa kazaalika anzalnaahu Qur-aanan `Arabiyyanw wa sarrafnaa fee hi minal wa`eedi la`allahum yattaqoona aw yuhdisu lahum zikraa
📖 हिंदी अर्थ
हमने उसको उसी तरह अरबी ज़बान का कुरान नाज़िल फ़रमाया और उसमें अज़ाब के तरह-तरह के वायदे बयान किए ताकि ये लोग परहेज़गार बनें या उनके मिजाज़ में इबरत पैदा कर दे

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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • وَصَرَّفْنَا: हमने विभिन्न प्रकार से बयान किया, दोहराया और समझाया।
  • الْوَعِيدِ: डर, चेतावनी, सज़ा की धमकी।
  • يَتَّقُونَ: वे डरें, बचें (अल्लाह की नाफ़रमानी से)।
  • ذِكْرًا: नसीहत, याददिहानी, सबक़ और चेतावनी।

तफ़सीर:

ऐ नबी! जिस तरह हमने पिछली उम्मतों को उनकी क़ौम की ज़बान में किताबें भेजीं, उसी तरह हमने यह क़ुरआन भी अरबी ज़बान में उतारा, ताकि यह क़ौम इसे आसानी से समझ सके और उन पर कोई बहाना न रह जाए। यह क़ुरआन कोई साधारण किताब नहीं, बल्कि हमारी ओर से एक पूरा जीवन-संहिता है, जिसमें हमने तरह-तरह से वादों और डरावनी चेतावनियों को बयान किया है—कभी सीधे तौर पर, कभी कहानियों के रूप में, कभी उदाहरणों से—ताकि लोग अपने रब की नाफ़रमानी से डरें और अपनी ज़िंदगी को सुधार लें।

यह चेतावनियाँ दो मक़सद रखती हैं: पहला, कि लोग अल्लाह का ख़ौफ़ पैदा करें और गुनाहों से बचें; दूसरा, कि अगर उनके दिल अभी तक सख़्त हैं, तो यह क़ुरआन उनके लिए एक नसीहत और याददिहानी बन जाए, जो उन्हें जगाए और उनके दिलों में इमान की रोशनी डाले।

प्यारे भाइयो और बहनो! यह अल्लाह की सबसे बड़ी रहमत है कि उसने हमें समझने के लिए यह किताब अपनी ज़बान में दी। अगर यह किताब किसी और ज़बान में होती, तो हम इसे समझ नहीं पाते और हिदायत से महरूम रह जाते। यह क़ुरआन हर उस शख़्स के लिए ज़िंदगी की रहनुमाई करता है जो इसे पढ़ता है, समझता है और उस पर अमल करता है। अल्लाह ने इसमें हर उस चीज़ का ज़िक्र किया है जो इंसान को जहन्नुम से बचाकर जन्नत तक पहुँचाती है।

आओ, हम इस किताब को सिर्फ़ पढ़ने के लिए न रखें, बल्कि इसे अपनी ज़िंदगी का नक्शा बनाएँ। जब भी यह क़ुरआन हमें किसी चीज़ से डराए, तो हम उससे बचें; और जब यह हमें किसी अच्छे काम की तरफ़ बुलाए, तो हम उसे करें। यही वह रास्ता है जो हमें दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाबी तक पहुँचाएगा। अल्लाह हम सबको क़ुरआन को समझने और उस पर अमल करने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 111-115 — सूरा ताहा

111۞ وَعَنَتِ الْوُجُوهُ لِلْحَيِّ الْقَيُّومِ ۖ وَقَدْ خَابَ مَنْ حَمَلَ ظُلْمًا
और (क़यामत में) सारी (खुदाई के) का मुँह ज़िन्दा और बाक़ी रहने वाले खुदा के सामने झुक जाएँगे और जिसने जुल्म का बोझ (अपने सर पर) उठाया वह यक़ीनन नाकाम रहा
112وَمَن يَعْمَلْ مِنَ الصَّالِحَاتِ وَهُوَ مُؤْمِنٌ فَلَا يَخَافُ ظُلْمًا وَلَا هَضْمًا
और जिसने अच्छे-अच्छे काम किए और वह मोमिन भी है तो उसको न किसी तरह की बेइन्साफ़ी का डर है और न किसी नुक़सान का
113وَكَذَٰلِكَ أَنزَلْنَاهُ قُرْآنًا عَرَبِيًّا وَصَرَّفْنَا فِيهِ مِنَ الْوَعِيدِ لَعَلَّهُمْ يَتَّقُونَ أَوْ يُحْدِثُ لَهُمْ ذِكْرًا
हमने उसको उसी तरह अरबी ज़बान का कुरान नाज़िल फ़रमाया और उसमें अज़ाब के तरह-तरह के वायदे बयान किए ताकि ये लोग परहेज़गार बनें या उनके मिजाज़ में इबरत पैदा कर दे
114فَتَعَالَى اللَّهُ الْمَلِكُ الْحَقُّ ۗ وَلَا تَعْجَلْ بِالْقُرْآنِ مِن قَبْلِ أَن يُقْضَىٰ إِلَيْكَ وَحْيُهُ ۖ وَقُل رَّبِّ زِدْنِي عِلْمًا
पस (दो जहाँ का) सच्चा बादशाह खुदा बरतर व आला है और (ऐ रसूल) कुरान के (पढ़ने) में उससे पहले कि तुम पर उसकी ''वही'' पूरी कर दी जाए जल्दी न करो और दुआ करो कि ऐ मेरे पालने वाले मेरे इल्म को और ज्यादा फ़रमा
115وَلَقَدْ عَهِدْنَا إِلَىٰ آدَمَ مِن قَبْلُ فَنَسِيَ وَلَمْ نَجِدْ لَهُ عَزْمًا
और हमने आदम से पहले ही एहद ले लिया था कि उस दरख्त के पास न जाना तो आदम ने उसे तर्क कर दिया
ताहाकुरान सूची
135आयत
मक्कीअवतरण स्थान
113आयत

अनुवाद — ताहा 113

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सूरा आयत 113/135 — सूरा ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा ताहा सुनें, सूरा ताहा अनुवाद, सूरा ताहा mp3, सूरा ताहा pdf. आयत 111–115. हिंदी अर्थ: اردو.





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Friday, October 2, 2026

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