अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ظُلْمًا: अत्याचार, यानी किसी के पापों को बढ़ा-चढ़ाकर उसे सज़ा देना।
- هَضْمًا: कमी, यानी किसी के अच्छे कर्मों का बदला कम कर देना।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन लोगों के लिए खुशखबरी है जो ईमान की रोशनी में नेक काम करते हैं। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि जो कोई भी अच्छे कर्म करेगा—चाहे वह नमाज़ हो, रोज़ा हो, ज़कात हो, सच्चाई हो, या लोगों की मदद करना हो—और साथ ही वह अल्लाह और उसके रसूल पर पक्का ईमान रखता हो, तो उसे किसी भी तरह का डर नहीं होना चाहिए।
अल्लाह का वादा है कि वह किसी पर ज़ुल्म नहीं करेगा। यानी वह किसी को उसके गुनाहों से ज़्यादा सज़ा नहीं देगा, और न ही उसकी नेकियों का बदला कम करेगा। बल्कि अल्लाह की रहमत और इंसाफ़ का तक़ाज़ा यह है कि वह हर नेक काम का पूरा-पूरा अज्र देगा, और अपने बंदों के साथ बेहतरीन सलूक करेगा।
यह आयत मोमिनों के दिलों को सुकून देती है कि उनकी मेहनत और अच्छे काम रब के यहाँ बेकार नहीं जाएंगे। चाहे दुनिया में उन्हें कितनी भी मुश्किलें क्यों न आएं, आख़िरत में उनका इनाम पूरा मिलेगा। अल्लाह ने अपनी रहमत से यह वादा किया है कि वह किसी की मेहनत को ज़ाया नहीं करेगा।
तो ऐ इंसान! तू नेक काम करता रह, ईमान को अपने दिल में मज़बूत रख, और अल्लाह की रहमत पर भरोसा कर। क्योंकि अल्लाह का इंसाफ़ और उसकी रहमत दोनों तेरे हक़ में हैं। वह न तो तुझ पर ज़ुल्म करेगा और न तेरे अच्छे कामों को कम करके आंकेगा। यही अल्लाह का फ़ज़ल है, और यही मोमिन की कामयाबी है।
📜 आयत 110-114 — ताहा
अनुवाद — ताहा 112
सूरा ताहा आयत 112 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जिसने अच्छे-अच्छे काम किए और वह मोमिन भी है…सूरा आयत 112/135 — ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ताहा सुनें, ताहा अनुवाद, ताहा mp3, ताहा pdf. आयत 110–114. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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