अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- عَهِدْنَا: हमने आदेश दिया, वसीयत की, या निर्देश दिया।
- فَنَسِيَ: वह भूल गया (यहाँ इसका अर्थ है कि उसने वसीयत को छोड़ दिया या उस पर अमल नहीं किया)।
- عَزْمًا: दृढ़ संकल्प, सब्र, या पक्का इरादा।
तफसीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने इस आयत में हज़रत आदम अलैहिस्सलाम का एक महत्वपूर्ण क़िस्सा बयान किया है, ताकि हमें सबक़ मिले। अल्लाह ने आदम को पहले ही साफ़-साफ़ वसीयत कर दी थी कि वे उस पेड़ के पास न जाएँ और उसका फल न खाएँ। यह वसीयत उन्हें बहुत पहले दी गई थी, और साथ ही उन्हें यह भी बता दिया गया था कि शैतान उनका और उनकी पत्नी का खुला दुश्मन है, और वह उन्हें जन्नत से निकलवाने की कोशिश करेगा।
लेकिन शैतान ने उन्हें धोखा दिया और उनके दिल में वसवसा डाला। आदम अलैहिस्सलाम ने उसकी बात मान ली और उस पेड़ से खा लिया। यहाँ "فَنَسِيَ" का मतलब यह है कि वे उस वसीयत को भूल गए, यानी उन्होंने उस पर अमल नहीं किया। अल्लाह फ़रमाता है कि हमने उनमें वह दृढ़ संकल्प और सब्र नहीं पाया जो उन्हें उस वसीयत पर क़ायम रखता और शैतान के बहकावे से बचाता।
यह आयत हमें बताती है कि इंसान कमज़ोर है, और शैतान का दुश्मनी भरा रास्ता हमेशा उसका इंतज़ार करता है। लेकिन साथ ही यह भी सिखाती है कि अल्लाह की वसीयतों और हिदायातों को याद रखना और उन पर पक्का इरादा रखना कितना ज़रूरी है। हमें चाहिए कि हम अपने दिल को अल्लाह की याद से जोड़े रखें, क्योंकि जो दिल अल्लाह की याद से भरा होता है, वह शैतान के वसवसों में नहीं आता।
यह क़िस्सा हमारे लिए एक नसीहत है कि हम अपनी कमज़ोरियों को पहचानें और अल्लाह से मदद माँगें। अल्लाह ने आदम को इसके बाद माफ़ भी किया और उन्हें नबुव्वत से नवाज़ा, जिससे पता चलता है कि अल्लाह की रहमत बहुत वसीअ है। जब हमसे कोई गलती हो जाए, तो हमें तौबा करनी चाहिए और अल्लाह की तरफ़ लौटना चाहिए, क्योंकि अल्लाह तौबा करने वालों से मुहब्बत करता है।
याद रखिए, शैतान का हथियार भुलक्कड़पन है। वह चाहता है कि हम अल्लाह की हिदायतों को भूल जाएँ। इसलिए हमें क़ुरआन और सुन्नत को पढ़ते रहना चाहिए, और अपने ईमान को मज़बूत करते रहना चाहिए, ताकि हम शैतान के हमलों से महफूज़ रहें और अल्लाह की रहमत और जन्नत के हक़दार बनें।
📜 आयत 113-117 — ताहा
अनुवाद — ताहा 115
सूरा ताहा आयत 115 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हमने आदम से पहले ही एहद ले लिया था…सूरा आयत 115/135 — ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ताहा सुनें, ताहा अनुवाद, ताहा mp3, ताहा pdf. आयत 113–117. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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