ताहा · 116/135
अनुवाद उच्चारण — सूरा ताहा
وَإِذْ قُلْنَا لِلْمَلَائِكَةِ اسْجُدُوا لِآدَمَ فَسَجَدُوا إِلَّا إِبْلِيسَ أَبَىٰ ۝١١٦
Wa iz qulnaa lilma laaa`ikatis judoo li Aadama fasajadooo illaaa Iblees; abaa
📖 हिंदी अर्थ
और हमने उनमें साबित व इस्तक़लाल न पाया और जब हमने फ़रिश्तों से कहा कि आदम को सजदा करो तो सबने सजदा किया मगर शैतान ने इन्कार किया

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • اسْجُدُوا: सजदा करो, झुककर सम्मान प्रकट करो।
  • أَبَى: उसने इनकार कर दिया, अस्वीकार कर दिया।

तफसीर (व्याख्या):

ऐ नबी! आप उस समय को याद कीजिए जब अल्लाह तआला ने फ़रिश्तों से कहा: "आदम के सामने सजदा करो।" यह सजदा इबादत का नहीं था, बल्कि सम्मान और आदर के रूप में था, जो अल्लाह के आदेश से एक परीक्षा थी। फ़रिश्तों ने तुरंत आज्ञा का पालन किया और सबने सजदा किया, लेकिन इब्लीस ने घमंड और अहंकार के कारण सजदा करने से इनकार कर दिया। वह फ़रिश्तों के साथ था, लेकिन उनमें से नहीं था; वह जिन्नात में से था और उसने अल्लाह के स्पष्ट आदेश की अवहेलना की।

यह घटना हमें सिखाती है कि अल्लाह के हर आदेश को बिना किसी हिचकिचाहट के मानना चाहिए, चाहे वह हमारी समझ में कैसा भी लगे। इब्लीस का पतन उसके अहंकार और अल्लाह के आदेश के सामने सिर झुकाने से इनकार के कारण हुआ। यही अहंकार उसे हमेशा के लिए अल्लाह की रहमत से दूर कर दिया।

मुसलमानों के लिए इस आयत में बड़ी सीख है कि हमें अपने जीवन में अल्लाह के आदेशों का पालन करते हुए विनम्रता और आज्ञाकारिता अपनानी चाहिए। अहंकार और घमंड इंसान को हिदायत से भटका सकता है, जबकि सच्ची इज़्ज़त अल्लाह के सामने झुकने में है। याद रखिए, जिसने अल्लाह के आगे सिर झुकाया, उसे अल्लाह ने सबसे ऊँचा मुकाम दिया, और जिसने घमंड किया, उसे हमेशा के लिए रुसवा कर दिया। आइए हम अपने अंदर से अहंकार को निकालकर अल्लाह की रज़ा में चलने वाले बनें, ताकि हम भी उन लोगों में शामिल हों जिन्हें अल्लाह की रहमत और मग़फिरत हासिल होती है।



📜 आयत 114-118 — सूरा ताहा

114فَتَعَالَى اللَّهُ الْمَلِكُ الْحَقُّ ۗ وَلَا تَعْجَلْ بِالْقُرْآنِ مِن قَبْلِ أَن يُقْضَىٰ إِلَيْكَ وَحْيُهُ ۖ وَقُل رَّبِّ زِدْنِي عِلْمًا
पस (दो जहाँ का) सच्चा बादशाह खुदा बरतर व आला है और (ऐ रसूल) कुरान के (पढ़ने) में उससे पहले कि तुम पर उसकी ''वही'' पूरी कर दी जाए जल्दी न करो और दुआ करो कि ऐ मेरे पालने वाले मेरे इल्म को और ज्यादा फ़रमा
115وَلَقَدْ عَهِدْنَا إِلَىٰ آدَمَ مِن قَبْلُ فَنَسِيَ وَلَمْ نَجِدْ لَهُ عَزْمًا
और हमने आदम से पहले ही एहद ले लिया था कि उस दरख्त के पास न जाना तो आदम ने उसे तर्क कर दिया
116وَإِذْ قُلْنَا لِلْمَلَائِكَةِ اسْجُدُوا لِآدَمَ فَسَجَدُوا إِلَّا إِبْلِيسَ أَبَىٰ
और हमने उनमें साबित व इस्तक़लाल न पाया और जब हमने फ़रिश्तों से कहा कि आदम को सजदा करो तो सबने सजदा किया मगर शैतान ने इन्कार किया
117فَقُلْنَا يَا آدَمُ إِنَّ هَٰذَا عَدُوٌّ لَّكَ وَلِزَوْجِكَ فَلَا يُخْرِجَنَّكُمَا مِنَ الْجَنَّةِ فَتَشْقَىٰ
तो मैंने (आदम से कहा) कि ऐ आदम ये यक़ीनी तुम्हारा और तुम्हारी बीवी का दुशमन है तो कहीं तुम दोनों को बेहिश्त से निकलवा न छोड़े तो तुम (दुनिया की) मुसीबत में फँस जाओ
118إِنَّ لَكَ أَلَّا تَجُوعَ فِيهَا وَلَا تَعْرَىٰ
कुछ शक नहीं कि (बेहिश्त में) तुम्हें ये आराम है कि न तो तुम यहाँ भूके रहोगे और न नँगे
ताहाकुरान सूची
135आयत
मक्कीअवतरण स्थान
116आयत

अनुवाद — ताहा 116

सूरा ताहा आयत 116 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हमने उनमें साबित व इस्तक़लाल न पाया और जब…

सूरा आयत 116/135 — सूरा ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा ताहा सुनें, सूरा ताहा अनुवाद, सूरा ताहा mp3, सूरा ताहा pdf. आयत 114–118. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Saturday, October 3, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए