अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تَنزِيلًا: उतारा हुआ, अवतरित किया हुआ।
- مِّمَّنْ: उसकी ओर से जिसने।
- خَلَقَ: पैदा किया, बनाया।
- الْأَرْضَ: धरती को।
- السَّمَاوَاتِ الْعُلَى: ऊँची आकाशों को (बुलंद आसमानों को)।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह कुरआन कोई साधारण पुस्तक नहीं है, बल्कि यह उस महान रब की ओर से उतारा गया है, जिसने इस धरती को बिछाया और इन ऊँची-ऊँची आकाशों को बनाया। जिस प्रकार यह विशाल ब्रह्मांड—यह धरती, ये आकाश, ये तारे और ये ग्रह—अपनी बनावट में अद्भुत हैं और अपने रचयिता की महानता की गवाही देते हैं, उसी प्रकार यह कुरआन भी अपने अवतरित होने में अद्भुत है, क्योंकि यह उसी महान रचयिता का कलाम (वचन) है।
जिस रब ने धरती को तुम्हारे लिए बिछौरा बनाया और आकाशों को ऊँचा उठाया, वही रब अपने बंदों की हिदायत के लिए यह किताब उतारता है। यह कुरआन उसी की ओर से है, जो सब कुछ पैदा करने वाला है, सब कुछ पालने वाला है, और सब कुछ जानने वाला है।
दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):
जब हम इस आयत पर ग़ौर करते हैं, तो हमारा दिल इस बात पर ईमान लाता है कि कुरआन सिर्फ़ एक किताब नहीं, बल्कि उस ख़ालिक़ (रचयिता) का पैग़ाम है जिसने इस कायनात को बनाया। जिस रब की शक्ति से ये विशाल आकाश क़ायम हैं और यह धरती टिकी हुई है, उसी की रहमत से यह कुरआन हम तक पहुँचा है। यह कितनी बड़ी नेमत है कि हमारा रब हमसे बात करता है, हमें राह दिखाता है, और हमें उस रास्ते पर चलने की दावत देता है जो उसकी रज़ा तक पहुँचाता है।
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि जिस तरह हम इस धरती और आसमान की बनावट पर हैरान होते हैं, उसी तरह हमें कुरआन की आयतों पर भी ग़ौर करना चाहिए। यह कुरआन हमारे लिए रहनुमा है, और जो इसे थाम लेता है, वह कभी गुमराह नहीं होता। आओ, हम इस किताब को पढ़ें, समझें, और अपनी ज़िंदगी को इसके अनुसार ढालें, ताकि हम अपने रब की रहमत और उसकी मग़फिरत के हक़दार बन सकें।
📜 आयत 2-6 — ताहा
अनुवाद — ताहा 4
सूरा ताहा आयत 4 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ये) उस शख्स की तरफ़ से नाज़िल हुआ है जिसने…सूरा आयत 4/135 — ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ताहा सुनें, ताहा अनुवाद, ताहा mp3, ताहा pdf. आयत 2–6. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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