ताहा · 4/135
अनुवाद उच्चारण — ताहा
تَنزِيلًا مِّمَّنْ خَلَقَ الْأَرْضَ وَالسَّمَاوَاتِ الْعُلَى ۝٤
Tanzeelam mimman khalaqal arda was samaawaatil `ulaa
📖 हिंदी अर्थ
(ये) उस शख्स की तरफ़ से नाज़िल हुआ है जिसने ज़मीन और ऊँचे-ऊँचे आसमानों को पैदा किया
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • تَنزِيلًا: उतारा हुआ, अवतरित किया हुआ।
  • مِّمَّنْ: उसकी ओर से जिसने।
  • خَلَقَ: पैदा किया, बनाया।
  • الْأَرْضَ: धरती को।
  • السَّمَاوَاتِ الْعُلَى: ऊँची आकाशों को (बुलंद आसमानों को)।

तफ़सीर (व्याख्या):

यह कुरआन कोई साधारण पुस्तक नहीं है, बल्कि यह उस महान रब की ओर से उतारा गया है, जिसने इस धरती को बिछाया और इन ऊँची-ऊँची आकाशों को बनाया। जिस प्रकार यह विशाल ब्रह्मांड—यह धरती, ये आकाश, ये तारे और ये ग्रह—अपनी बनावट में अद्भुत हैं और अपने रचयिता की महानता की गवाही देते हैं, उसी प्रकार यह कुरआन भी अपने अवतरित होने में अद्भुत है, क्योंकि यह उसी महान रचयिता का कलाम (वचन) है।

जिस रब ने धरती को तुम्हारे लिए बिछौरा बनाया और आकाशों को ऊँचा उठाया, वही रब अपने बंदों की हिदायत के लिए यह किताब उतारता है। यह कुरआन उसी की ओर से है, जो सब कुछ पैदा करने वाला है, सब कुछ पालने वाला है, और सब कुछ जानने वाला है।

दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):

जब हम इस आयत पर ग़ौर करते हैं, तो हमारा दिल इस बात पर ईमान लाता है कि कुरआन सिर्फ़ एक किताब नहीं, बल्कि उस ख़ालिक़ (रचयिता) का पैग़ाम है जिसने इस कायनात को बनाया। जिस रब की शक्ति से ये विशाल आकाश क़ायम हैं और यह धरती टिकी हुई है, उसी की रहमत से यह कुरआन हम तक पहुँचा है। यह कितनी बड़ी नेमत है कि हमारा रब हमसे बात करता है, हमें राह दिखाता है, और हमें उस रास्ते पर चलने की दावत देता है जो उसकी रज़ा तक पहुँचाता है।

इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि जिस तरह हम इस धरती और आसमान की बनावट पर हैरान होते हैं, उसी तरह हमें कुरआन की आयतों पर भी ग़ौर करना चाहिए। यह कुरआन हमारे लिए रहनुमा है, और जो इसे थाम लेता है, वह कभी गुमराह नहीं होता। आओ, हम इस किताब को पढ़ें, समझें, और अपनी ज़िंदगी को इसके अनुसार ढालें, ताकि हम अपने रब की रहमत और उसकी मग़फिरत के हक़दार बन सकें।

🎧 सुनें

📜 आयत 2-6 — ताहा

2مَا أَنزَلْنَا عَلَيْكَ الْقُرْآنَ لِتَشْقَىٰ
हमने तुम पर कुरान इसलिए नाज़िल नहीं किया कि तुम (इस क़दर) मशक्क़त उठाओ
3إِلَّا تَذْكِرَةً لِّمَن يَخْشَىٰ
मगर जो शख्स खुदा से डरता है उसके लिए नसीहत (क़रार दिया है)
4تَنزِيلًا مِّمَّنْ خَلَقَ الْأَرْضَ وَالسَّمَاوَاتِ الْعُلَى
(ये) उस शख्स की तरफ़ से नाज़िल हुआ है जिसने ज़मीन और ऊँचे-ऊँचे आसमानों को पैदा किया
5الرَّحْمَٰنُ عَلَى الْعَرْشِ اسْتَوَىٰ
वही रहमान है जो अर्श पर (हुक्मरानी के लिए) आमादा व मुस्तईद है
6لَهُ مَا فِي السَّمَاوَاتِ وَمَا فِي الْأَرْضِ وَمَا بَيْنَهُمَا وَمَا تَحْتَ الثَّرَىٰ
जो कुछ आसमानों में है और जो कुछ ज़मीन में है और जो कुछ दोनों के बीच में है और जो कुछ ज़मीन के नीचे है (ग़रज़ सब कुछ) उसी का है
ताहाकुरान सूची
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अनुवाद — ताहा 4

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सूरा आयत 4/135 — ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ताहा सुनें, ताहा अनुवाद, ताहा mp3, ताहा pdf. आयत 2–6. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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