अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الرَّحْمَنُ (अर-रहमान): अत्यंत दयालु, जिसकी रहमत (दया) सब कुछ को घेरे हुए है।
- الْعَرْشِ (अल-अर्श): सिंहासन, जो सबसे ऊँची और सबसे बड़ी मख़लूक़ (सृष्टि) है।
- اسْتَوَى (इस्तवा): ऊपर उठना, ऊँचा होना, यानी अपनी शान के अनुसार सिंहासन पर विराजमान होना।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला अपनी इस आयत में अपनी सबसे खूबसूरत सिफ़त (विशेषता) का ज़िक्र करता है कि वह "अर-रहमान" है — यानी उसकी रहमत हर चीज़ पर छाई हुई है। फिर फ़रमाता है कि वही रहमान "अर्श पर इस्तवा" है, यानी वह अपनी शान और अज़मत के लायक़ तरीके से सिंहासन पर ऊँचा और बुलंद है। यह इस्तवा उसकी ज़ात के अनुसार है — न कोई तरीका (कैफ़ियत) हम जान सकते हैं, न उसकी तुलना किसी मख़लूक़ से की जा सकती है। जैसे कुरआन में है: "لَيْسَ كَمِثْلِهِ شَيْءٌ" (उस जैसा कुछ भी नहीं)। हम सिर्फ़ यह ईमान रखते हैं कि अल्लाह अर्श पर है, जैसा उसने ख़ुद बताया, बग़ैर किसी तशबीह (समानता) और बग़ैर किसी तकीफ़ (कैफ़ियत) के।
यह आयत हमें अल्लाह की अज़मत और उसकी बुलंदी का एहसास दिलाती है। वह पाक ज़ात जो सारे जहान की पालनहार है, वही अपने अर्श पर बुलंद है, और उसकी रहमत हर जगह फैली हुई है। यह बात मोमिन के दिल में अल्लाह की महानता का नग़्मा गूँजती है और उसे यक़ीन दिलाती है कि जो अल्लाह इतना बुलंद और क़ादिर है, वह अपने बंदों की हर पुकार सुनता है और उनकी हर ज़रूरत को पूरा करने पर क़ादिर है।
यही अल्लाह की रहमत है कि उसने हमें कुरआन जैसी हिदायत नाज़िल की, और हमें सीधा रास्ता दिखाया। जब हम यह जानते हैं कि हमारा रब अर्श पर बुलंद है और उसकी रहमत हर चीज़ से बढ़कर है, तो हमारा दिल उसी की तरफ़ झुकता है, उसी से मदद माँगते हैं, और उसी की इबादत में अपनी ज़िंदगी बिताते हैं। यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की सिफ़ात को उसी के बताए हुए तरीके पर मानें, न उसमें कोई कमी करें और न उसकी तुलना किसी से करें। यही हमारी नजात (मुक्ति) का रास्ता है।
📜 आयत 3-7 — ताहा
अनुवाद — ताहा 5
सूरा ताहा आयत 5 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : वही रहमान है जो अर्श पर (हुक्मरानी के लिए) आमादा…सूरा आयत 5/135 — ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ताहा सुनें, ताहा अनुवाद, ताहा mp3, ताहा pdf. आयत 3–7. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








