अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مَا فِي السَّمَاوَاتِ: जो कुछ आकाशों में है।
- مَا فِي الْأَرْضِ: जो कुछ धरती में है।
- مَا بَيْنَهُمَا: जो कुछ आकाश और धरती के बीच है।
- مَا تَحْتَ الثَّرَى: जो कुछ नम मिट्टी के नीचे है (अर्थात धरती की गहराईयों में)।
- الثَّرَى: नम मिट्टी, यहाँ धरती के अंदरूनी हिस्से का प्रतीक है।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत अल्लाह तआला की असीम शक्ति और उसके पूर्ण स्वामित्व को बयान करती है। अल्लाह ही वह हस्ती है जिसके क़ब्ज़े में आकाशों की हर चीज़ है, धरती की हर चीज़ है, और वह सब कुछ जो इन दोनों के बीच है — चाहे वह हवा में उड़ने वाले परिंदे हों, पहाड़ों की चोटियाँ हों, समुद्रों की गहराइयाँ हों, या धरती के अंदर छिपे खज़ाने और जीव-जंतु। यहाँ तक कि वह सब कुछ जो नम मिट्टी के नीचे यानी धरती की सबसे गहरी तहों में है, वह भी अल्लाह ही की मिल्कियत (स्वामित्व) में है।
यह सब कुछ अल्लाह ने पैदा किया है, और वही इसका मालिक है, और वही इसका प्रबंधन करता है। कोई भी चीज़ उसके हुक्म से बाहर नहीं है, न कोई उसकी मिल्कियत में शरीक है, और न ही उसके प्रबंधन में कोई साझेदार। यह आयत हमें सिखाती है कि जिस अल्लाह के पास इतनी विशाल कायनात है, उसके लिए कुछ भी मुश्किल नहीं है। वही हमारा रब है, वही हमारा मालिक है, और उसी की तरफ हमें लौटना है।
दावती पहलू:
यह आयत हमारे दिलों में अल्लाह की अज़मत (महानता) का नक्श बिठाती है। जब हम सोचते हैं कि यह विशाल ब्रह्मांड, ये चमकते सितारे, ये ऊँचे पहाड़, ये गहरे समुद्र — सब कुछ अल्लाह के हाथ में है, तो हमारा दिल उसके सामने झुक जाता है। यह हमें यक़ीन दिलाती है कि हमारा रब सबसे बड़ा है, सबसे शक्तिशाली है, और उसकी रहमत और मदद हर चीज़ पर हावी है। जिसके पास यह सब कुछ है, वह हमारी छोटी-छोटी ज़रूरतों को भी पूरा कर सकता है। इसलिए हमें अपनी हर ज़रूरत, हर मुश्किल में सिर्फ़ उसी से दुआ करनी चाहिए, और उसी पर भरोसा रखना चाहिए। यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि हम इस धरती पर अल्लाह के अमानतदार हैं, और हमें उसकी पैदा की हुई चीज़ों का सही इस्तेमाल करना चाहिए — न कि उन्हें बर्बाद करें या उनमें फ़साद फैलाएँ। जब हम यह समझ लेंगे कि सब कुछ अल्लाह का है, तो हमारे अंदर नम्रता, शुक्रगुज़ारी और अल्लाह की इबादत का जज़्बा पैदा होगा, और हमारा दिल उसकी मोहब्बत से भर जाएगा।
📜 आयत 4-8 — ताहा
अनुवाद — ताहा 6
सूरा ताहा आयत 6 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो कुछ आसमानों में है और जो कुछ ज़मीन में…सूरा आयत 6/135 — ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ताहा सुनें, ताहा अनुवाद, ताहा mp3, ताहा pdf. आयत 4–8. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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