अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فُتِنتُم: तुम्हें परीक्षा में डाला गया / तुम फि़तने में डाल दिए गए।
- بِهِ: इस (बछड़े) के द्वारा।
- الرَّحْمَنُ: अत्यंत दयालु (अल्लाह)।
- فَاتَّبِعُونِي: तो मेरा अनुसरण करो।
- أَطِيعُوا أَمْرِي: मेरे आदेश की पालना करो।
तफ़सीर (व्याख्या):
हज़रत हारून (अलैहिस्सलाम) ने बनी इसराईल को उस समय, जब हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) तूर पहाड़ पर अल्लाह से मिलने गए हुए थे, बहुत पहले ही साफ़-साफ़ समझा दिया था। उन्होंने अपनी क़ौम से कहा: "ऐ मेरी क़ौम के लोगों! यह बछड़ा जिसे तुमने पूजना शुरू कर दिया है, यह कोई देवता नहीं है। यह तो सिर्फ तुम्हारे लिए एक परीक्षा है, एक इम्तिहान है, जिससे यह ज़ाहिर होना है कि तुममें से कौन सच्चा ईमानवाला है और कौन अपने दिल में शिर्क और कुफ्र रखता है। यह बछड़ा न तो तुम्हें नुक़सान पहुँचा सकता है और न ही फ़ायदा।"
फिर हज़रत हारून ने उन्हें सीधा रास्ता दिखाते हुए कहा: "तुम्हारा रब केवल एक है, और वह है अल्लाह, जो बेहद रहमत वाला है। उसकी रहमत हर चीज़ को घेरे हुए है। वही तुम्हारी मदद करता है, वही तुम्हें रिज़्क़ देता है, और वही तुम्हारी दुआएँ सुनता है। इस बछड़े में कोई खूबी नहीं है, न उसमें रहमत है और न ही वह तुम्हारी कोई ज़रूरत पूरी कर सकता है।"
इसलिए हज़रत हारून ने उन्हें साफ़ हिदायत दी: "तुम मेरी पैरवी करो, मेरे बताए रास्ते पर चलो, क्योंकि मैं तुम्हें अल्लाह की इबादत की तरफ बुला रहा हूँ। मेरे हुक्म को मानो, क्योंकि मैं जो कह रहा हूँ वह अल्लाह का ही पैग़ाम है। अल्लाह की इबादत छोड़कर किसी और की तरफ मत भटको।"
यह हिदायत हज़रत हारून ने बहुत पहले दे दी थी, मगर बनी इसराईल में से कुछ लोगों ने उनकी बात नहीं मानी और सामरी के बहकावे में आकर बछड़े की पूजा करते रहे, यहाँ तक कि हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) वापस आए और उन्होंने उन्हें सही रास्ता दिखाया।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह के नबी और उसके सच्चे बंदे हमेशा अपनी क़ौम की भलाई चाहते हैं। हज़रत हारून ने जिस तरह अपनी क़ौम को गुमराही से बचाने की कोशिश की, उसी तरह आज हमें भी चाहिए कि हम अपने भाइयों को सच्चाई की तरफ बुलाएँ और उन्हें अल्लाह की रहमत की खबर दें। अल्लाह की रहमत असीम है, वह हर उस बंदे को माफ कर देता है जो उसकी तरफ लौटता है। याद रखिए, अल्लाह के सिवा कोई पूजा के लायक नहीं है, और उसी की रहमत हमारी सबसे बड़ी पनाह है।
📜 आयत 88-92 — ताहा
अनुवाद — ताहा 90
सूरा ताहा आयत 90 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हारून ने उनसे पहले कहा भी था कि ऐ…सूरा आयत 90/135 — ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ताहा सुनें, ताहा अनुवाद, ताहा mp3, ताहा pdf. आयत 88–92. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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