Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- هُزُوًا: मज़ाक़, उपहास, ठट्ठा।
- يَذْكُرُ آلِهَتَكُمْ: तुम्हारे देवताओं का ज़िक्र करता है, यानी उन्हें बुरा भला कहता है।
- بِذِكْرِ الرَّحْمَٰنِ: रहमान (अल्लाह) के ज़िक्र से, यानी अल्लाह की याद और उसकी तौहीद से।
तफ़सीर:
ऐ नबी! जब काफ़िर लोग आपको देखते हैं, तो वे आपका मज़ाक़ उड़ाते हैं और एक-दूसरे से कहते हैं: "क्या यही वह शख़्स है जो हमारे देवताओं को बुरा कहता है?" वे आपकी शान में तंज़ करते हैं और आपको ठट्ठे का निशाना बनाते हैं। हालाँकि यही लोग, जो आप पर हँसते हैं, खुद रहमान (अल्लाह) के ज़िक्र से मुँह मोड़े हुए हैं और उसकी वहदानियत (एकता) को नहीं मानते। वे अल्लाह की नेमतों के शुक्र से भी ग़ाफ़िल हैं और उसके नाज़िल किए हुए कुरआन और हिदायत को भी नहीं मानते। उनका यह हाल है कि जिस रहमान का ज़िक्र वे सुनते हैं, उसी से वे कुफ़्र करते हैं। यहाँ तक कि वे कहते थे: "हम रहमान को नहीं जानते, सिवाय मुसैलिमा कज़्ज़ाब के!" — ऐसा कहकर वे अपनी जहालत और सरकशी का सबूत देते थे।
असल में ये काफ़िर लोग खुद हर बुराई को जमा किए हुए हैं — वे आपका मज़ाक़ उड़ाते हैं, अल्लाह की आयतों को झुठलाते हैं, और अपने देवताओं की हिफ़ाज़त में अंधे हो रहे हैं, जबकि उनके देवता न तो कोई नुक़्सान पहुँचा सकते हैं और न ही कोई फ़ायदा। वे आपको देखकर तंज़ करते हैं, लेकिन यह नहीं समझते कि वे खुद किस बुरे हाल में हैं।
दावती पहलू:
ऐ मोमिनों! यह सुनकर आपको दुखी नहीं होना चाहिए। यह तो अल्लाह के नबियों का तरीक़ा रहा है कि उन्हें झुठलाया गया और उनका मज़ाक़ उड़ाया गया। लेकिन अंजाम हमेशा सब्र करने वालों के हक़ में रहा। जब ये मुशरिकीन आपको देखकर मुस्कुराते हैं और आपको नीचा दिखाना चाहते हैं, तो याद रखें कि अल्लाह उनकी साज़िशों से बाख़बर है। आप अपने रब की तरफ़ रुजू करें और उसकी इबादत में मशग़ूल रहें। क़ुरआन की हिदायत पर चलते रहें, क्योंकि सच्चाई की बुलंदी आख़िरकार ज़ाहिर होकर रहेगी। ये लोग जिस रहमान का ज़िक्र सुनकर मुँह मोड़ते हैं, वही रहमान आपका हाथ थामे हुए है और आपको कामयाबी की राह दिखा रहा है। उनके तंज़ और उपहास का जवाब आपके अच्छे अख़्लाक़, सब्र और अल्लाह पर भरोसे से दीजिए — क्योंकि अल्लाह अपने नेक बंदों के साथ है और उन्हें हर मुसीबत से निकालकर फ़तह (विजय) अता करता है।
📜 आयत 34-38 — सूरा अल-अंबिया
अनुवाद — अल-अंबिया 36
सूरा अल-अंबिया आयत 36 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ऐ रसूल) जब तुम्हें कुफ्फ़ार देखते हैं तो बस…सूरा आयत 36/112 — सूरा अल-अंबिया الأنبياء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अंबिया सुनें, सूरा अल-अंबिया अनुवाद, सूरा अल-अंबिया mp3, सूरा अल-अंबिया pdf. आयत 34–38. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अंबिया
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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