अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- नुत्फ़ा (नुत्फ़तुन): मनुष्य का वीर्य (शुक्राणु)।
- अलक़ा (अलक़तुन): जमा हुआ खून (लाल रक्त का थक्का)।
- मुज़्ग़ा (मुज़्ग़तुन): चबाई हुई चीज़ के बराबर गोश्त का टुकड़ा।
- कसौना (कसौना): हमने पहनाया या ढका।
- अन्शा'नाहु: हमने उसे पैदा किया या बनाया।
- तबारक: बहुत बरकत वाला, पवित्र और उच्च है।
तफ़सीर (व्याख्या):
फिर हमने उस नुत्फ़े (वीर्य) को, जो रहम (गर्भाशय) में ठहरता है, 'अलक़ा' (जमा हुआ खून) बना दिया। यानी चालीस दिनों के बाद वह वीर्य लाल खून के थक्के में तब्दील हो जाता है। फिर हमने उस 'अलक़ा' को 'मुज़्ग़ा' (चबाई हुई मांस की गांठ) बना दिया, जो आकार में इतना छोटा होता है जितना चबाने पर मुँह में रहता है। फिर हमने उस 'मुज़्ग़ा' (नरम गोश्त) को हड्डियों में बदल दिया, जो सख्त और मज़बूत होती हैं। फिर हमने उन हड्डियों को गोश्त (मांस) से ढक दिया, ताकि वह सुंदर और संतुलित रूप धारण करे। इसके बाद हमने उसे एक और नई रचना (खल्क़) में ढाला, यानी उसमें रूह (आत्मा) फूँकी और उसे जीवन दिया, तो वह एक जीवित, सुनने, देखने और समझने वाला इंसान बन गया।
तो बहुत बरकत वाला और पाक है अल्लाह, जो सबसे अच्छा पैदा करने वाला और आकार देने वाला है। उसकी रचना में कोई कमी नहीं, और वह हर चीज़ को बेहतरीन तरीके से बनाता है। यह आयत अल्लाह की कुदरत (शक्ति) और उसके हुनरमंदी का अद्भुत नमूना पेश करती है, जो इंसान को अपने रब की तरफ़ ध्यान देने की दावत देती है।
दावती पहलू (प्रेरक संदेश):
इस आयत में अल्लाह तआला ने इंसान की पैदाइश के मरहलों (चरणों) को बयान करके उसे अपनी कुदरत पर ग़ौर करने की तरग़ीब दी है। जब इंसान यह सोचता है कि वह एक बूँद से गुज़रता हुआ खून, फिर मांस, फिर हड्डियाँ, फिर जानदार इंसान बना, तो उसे यक़ीन हो जाता है कि यह सब करने वाला कोई और नहीं बल्कि अल्लाह है, जो हर चीज़ पर क़ादिर (सक्षम) है। यही अल्लाह मुर्दों को ज़िंदा करेगा और क़यामत के दिन हमें उठाएगा। यह आयत हमें सिखाती है कि हम अपनी पैदाइश पर ग़ौर करें, अपने रब का शुक्र अदा करें और उसकी इबादत में अपनी ज़िंदगी गुज़ारें। अल्लाह की रचना में जितना ग़ौर किया जाए, उतना ही ईमान मज़बूत होता है और दिल में उसकी मुहब्बत बढ़ती है। याद रखिए, जिस अल्लाह ने हमें इतने अच्छे तरीके से बनाया, वह हमें कभी अकेला नहीं छोड़ेगा और हमारी हर ज़रूरत को जानता है।
📜 आयत 12-16 — अल-मोमिनुन
अनुवाद — अल-मोमिनुन 14
सूरा अल-मोमिनुन आयत 14 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर हम ही ने नुतफ़े को जमा हुआ ख़ून बनाया…सूरा आयत 14/118 — अल-मोमिनुन المؤمنون (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मोमिनुन सुनें, अल-मोमिनुन अनुवाद, अल-मोमिनुन mp3, अल-मोमिनुन pdf. आयत 12–16. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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