अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- لَمَيِّتُونَ: अवश्य मरने वाले हो।
तफ़सीर:
फिर इस सारी रचना प्रक्रिया के बाद, ऐ लोगों! तुम सबको एक दिन मरना है। जब तुम्हारी आयु पूरी हो जाएगी और तुम्हारा समय आ जाएगा, तो तुम इस दुनिया से चले जाओगे। यह जीवन का एक निश्चित और अपरिहार्य सत्य है। चाहे कोई कितना भी शक्तिशाली, धनी या प्रतिष्ठित क्यों न हो, मृत्यु के आगे सबको झुकना पड़ेगा।
यह आयत हमें याद दिलाती है कि यह दुनिया हमारा स्थायी घर नहीं है। हम यहाँ केवल एक मुसाफिर हैं। जिस प्रकार एक बच्चा माँ के गर्भ में विभिन्न अवस्थाओं से गुज़रता है, फिर पैदा होता है, बढ़ता है, और फिर एक दिन उसे इस दुनिया से विदा लेना होता है। यही जीवन का नियम है।
इस आयत में हमारे लिए एक बड़ी सीख है कि हमें अपने जीवन को व्यर्थ नहीं गँवाना चाहिए। जिस दिन हमें मरना है, उस दिन से पहले हमें अपने अमल को सुधार लेना चाहिए। मृत्यु के बाद का जीवन अनंत है, और वहाँ हमें अपने कर्मों का हिसाब देना होगा।
इसलिए, ऐ इंसान! तू अपने रब की इबादत कर, उसके हुक्मों पर चल, और उस दिन की तैयारी कर जब तू उसके सामने खड़ा होगा। यह जीवन एक परीक्षा है, और मृत्यु उस परीक्षा का अंत नहीं, बल्कि एक नए जीवन की शुरुआत है। जो लोग इस दुनिया में अच्छे कर्म करेंगे, उनके लिए आने वाला जीवन खुशियों से भरा होगा, और जो बुरे कर्म करेंगे, उनके लिए वह जीवन कठिनाइयों से भरा होगा।
अतः हमें चाहिए कि हम इस नश्वर जीवन को सही तरीके से जिएँ, अल्लाह की राह में भलाई करें, और उस दिन के लिए तैयार रहें जब हमें उसके सामने पेश होना है। यही सच्ची सफलता है।
📜 आयत 13-17 — अल-मोमिनुन
अनुवाद — अल-मोमिनुन 15
सूरा अल-मोमिनुन आयत 15 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर इसके बाद यक़ीनन तुम सब लोगों को (एक न…सूरा आयत 15/118 — अल-मोमिनुन المؤمنون (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मोमिनुन सुनें, अल-मोमिनुन अनुवाद, अल-मोमिनुन mp3, अल-मोमिनुन pdf. आयत 13–17. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








