अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تَتْرَىٰ: लगातार, एक के बाद एक।
- فَأَتْبَعْنَا بَعْضَهُم بَعْضًا: हमने उन्हें एक के बाद एक (विनाश में) मिला दिया।
- أَحَادِيثَ: (इतिहास की) कहानियाँ और किस्से।
- فَبُعْدًا: दूरी हो, विनाश हो, रहमत से दूर होना।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने इस आयत में बताया कि उसने अपने रसूलों को लगातार भेजा—एक के बाद एक, बिना किसी लंबे अंतराल के। हर उम्मत के पास जब उसका रसूल आया, तो उसने उसे झुठलाया और उसकी बात नहीं मानी। यह उनका सामान्य व्यवहार था—वे सच्चाई के सामने अकड़ते रहे और अपनी जिद पर अड़े रहे।
फिर अल्लाह ने उन्हें एक के बाद एक विनाश में डाल दिया। पहले वाले नष्ट हुए, फिर उनके बाद वाले, यहाँ तक कि उनका कोई निशान नहीं बचा। उनकी सारी शक्ति, सारी दौलत और सारी शानो-शौकत मिट्टी में मिल गई। अब वे सिर्फ़ इतिहास के पन्नों में कहानियों के रूप में बचे हैं—लोग उनके हालात सुनकर सबक़ लेते हैं, लेकिन उनका कोई वजूद नहीं रहा।
अल्लाह फरमाता है: "फ़बु'दन लिक़ौमिल ला यु'मिनून"—यानी ऐसी क़ौम पर अल्लाह की रहमत से दूरी और विनाश हो जो ईमान नहीं लाती। यह एक कठोर चेतावनी है, लेकिन साथ ही एक रहमत भी है कि अल्लाह ने हमें ये किस्से सुनाए ताकि हम सीखें और उनके अंजाम से बचें।
दावत और नसीहत:
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह का क़ानून कभी नहीं बदलता। जो लोग सच्चाई को झुठलाते हैं और अपने रसूलों की नाफ़रमानी करते हैं, उनका अंजाम हमेशा विनाश होता है। लेकिन अल्लाह रहीम और करीम है—उसने हमें मौक़ा दिया है, हमारे पास क़ुरआन है, हमारे पास रसूलुल्लाह ﷺ की सुन्नत है। आओ, हम उन लोगों की तरह न बनें जिन्होंने सच्चाई को सुनकर भी ठुकरा दिया। आओ, हम ईमान की राह अपनाएँ, अल्लाह के हुक्मों पर चलें, और उस दिन से बचें जब हम भी सिर्फ़ एक कहानी बनकर रह जाएँ।
याद रखें, अल्लाह की रहमत उनके लिए है जो ईमान लाते हैं और अच्छे काम करते हैं। यही कामयाबी की राह है—दुनिया में इज़्ज़त और आख़िरत में जन्नत।
📜 आयत 42-46 — अल-मोमिनुन
अनुवाद — अल-मोमिनुन 44
सूरा अल-मोमिनुन आयत 44 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर हमने लगातार बहुत से पैग़म्बर भेजे (मगर) जब जब…सूरा आयत 44/118 — अल-मोमिनुन المؤمنون (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मोमिनुन सुनें, अल-मोमिनुन अनुवाद, अल-मोमिनुन mp3, अल-मोमिनुन pdf. आयत 42–46. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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