अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- आयातिना: हमारी निशानियाँ (चमत्कार)
- सुल्तानिन मुबीन: स्पष्ट और प्रत्यक्ष प्रमाण या शक्तिशाली तर्क
तफसीर:
फिर हमने मूसा (अलैहिस्सलाम) और उनके भाई हारून (अलैहिस्सलाम) को अपनी निशानियों और स्पष्ट प्रमाण के साथ भेजा। ये वे नौ चमत्कार थे जो अल्लाह ने मूसा (अलैहिस्सलाम) को दिए — लाठी (जो साँप बन जाती थी), चमकता हुआ हाथ, टिड्डियों का हमला, कुचलने वाले कीड़े, मेंढक, खून, तूफान, अकाल (सूखा) और फलों की कमी। ये सभी निशानियाँ स्पष्ट और ठोस थीं, जो सत्य को प्रमाणित करती थीं और झूठ को मिटा देती थीं।
ये चमत्कार केवल दिखावे के लिए नहीं थे, बल्कि इनका उद्देश्य था कि ईमानवालों के दिल और मज़बूत हों और इनकार करने वालों पर अल्लाह की हुज्जत (प्रमाण) क़ायम हो जाए। ये निशानियाँ इतनी स्पष्ट थीं कि किसी भी निष्पक्ष व्यक्ति के लिए इन्हें झुठलाना असंभव था।
अल्लाह ने इन दोनों भाइयों को फ़िरऔन और उसके दरबारियों की ओर भेजा, जो अपने ज़ुल्म और सरकशी में हद से बढ़ चुके थे। वे लोगों पर अत्याचार करते थे और उन्हें अपना गुलाम बनाए हुए थे। लेकिन उन्होंने इन स्पष्ट चमत्कारों को देखने के बावजूद घमंड और अहंकार के कारण ईमान लाने से इनकार कर दिया।
इस आयत से हमें सीख मिलती है कि अल्लाह अपने पैग़म्बरों को हमेशा स्पष्ट प्रमाणों और निशानियों के साथ भेजता है, ताकि लोगों के पास कोई बहाना न बचे। यह अल्लाह की रहमत है कि उसने अपने बंदों पर हुज्जत क़ायम करने के लिए इतने स्पष्ट संकेत दिए। हमें चाहिए कि जब सत्य हमारे सामने आए, तो हम उसे स्वीकार करें और घमंड न करें, क्योंकि घमंड इंसान को हिदायत से दूर कर देता है। जो लोग अल्लाह की निशानियों को देखकर भी आँखें बंद कर लेते हैं, वे अपना ही नुक़सान करते हैं। अल्लाह की रहमत उन लोगों के लिए है जो सत्य को पहचानें और उस पर चलें।
📜 आयत 43-47 — अल-मोमिनुन
अनुवाद — अल-मोमिनुन 45
सूरा अल-मोमिनुन आयत 45 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर हमने मूसा और उनके भाई हारुन को अपनी निशानियों…सूरा आयत 45/118 — अल-मोमिनुन المؤمنون (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मोमिनुन सुनें, अल-मोमिनुन अनुवाद, अल-मोमिनुन mp3, अल-मोमिनुन pdf. आयत 43–47. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








