Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يُؤْتُونَ مَا آتَوا – वे जो कुछ भी देते हैं (दान, ख़ैरात, नेक काम) अदा करते हैं।
- وَجِلَةٌ – डरने वाली, काँपने वाली (यहाँ अर्थ है: ख़ौफ़ज़दा, डरी हुई)।
- إِلَىٰ رَبِّهِمْ رَاجِعُونَ – वे अपने रब की ओर लौटने वाले हैं।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन मोमिनों की ख़ूबसूरत सिफ़त बयान करती है जो अल्लाह की राह में भरपूर नेकियाँ करते हैं, ख़ैरात देते हैं, नमाज़ पढ़ते हैं, रोज़ा रखते हैं, और हर अच्छे काम में जुटे रहते हैं। लेकिन इन सबके बावजूद उनके दिल डरे हुए होते हैं — उन्हें यह डर होता है कि कहीं उनके ये आमाल अल्लाह की बारगाह में क़बूल न हों, और कहीं वे अपने रब के सामने पेश होते वक़्त शर्मिंदा न हों। वे जानते हैं कि एक दिन उन्हें अपने रब की तरफ लौटकर जाना है, और यही यक़ीन उन्हें नम्र और ख़ौफ़ज़दा बनाए रखता है। वे अपने अमल पर इतराते नहीं, बल्कि अल्लाह से डरते हुए और उसकी रहमत की उम्मीद रखते हुए अपनी ज़िंदगी गुज़ारते हैं। यही वह हालत है जो उन्हें अल्लाह के करीब लाती है और उनके दर्जे बुलंद करती है।
दावत और नसीहत:
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सिखाती है कि नेकी करने के साथ-साथ दिल में अल्लाह का ख़ौफ़ होना कितनी बड़ी नेमत है। हमें अपने अमल पर घमंड नहीं करना चाहिए, बल्कि हमेशा यह दुआ करनी चाहिए कि “ऐ अल्लाह! हमारे छोटे-छोटे नेक कामों को भी अपनी रहमत से क़बूल फ़रमा।” जब हमारा दिल अल्लाह के सामने पेश होने के ख़्याल से डरता है, तो यही डर हमें गुनाहों से बचाता है और नेकियों पर साबित क़दम रखता है। याद रखिए, अल्लाह उन लोगों से मुहब्बत करता है जो उससे डरते हैं, उसकी रहमत की उम्मीद रखते हैं, और अपने रब की तरफ लौटने का यक़ीन रखते हुए ज़िंदगी गुज़ारते हैं। आइए, हम भी अपने दिलों में यही ख़ौफ़ पैदा करें, और अपनी हर नेकी को अल्लाह की रहमत के हवाले करते हुए उससे क़बूलियत की दुआ माँगें। यही रास्ता हमें जन्नत की तरफ ले जाएगा, इंशाअल्लाह।
📜 आयत 58-62 — सूरा अल-मोमिनुन
अनुवाद — अल-मोमिनुन 60
सूरा अल-मोमिनुन आयत 60 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जो लोग (ख़ुदा की राह में) जो कुछ बन…सूरा आयत 60/118 — सूरा अल-मोमिनुन المؤمنون (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-मोमिनुन सुनें, सूरा अल-मोमिनुन अनुवाद, सूरा अल-मोमिनुन mp3, सूरा अल-मोमिनुन pdf. आयत 58–62. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-मोमिनुन
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


