अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- يُسَارِعُونَ: जल्दी करते हैं, दौड़ते हैं।
- الْخَيْرَاتِ: नेक काम, भलाई के कार्य।
- سَابِقُونَ: आगे बढ़ने वाले, प्रतिस्पर्धा में अग्रणी।
तफ़सीर:
ये वे लोग हैं जिन्हें अल्लाह ने अपनी किताब में उन गुणों के साथ वर्णित किया है—जो नमाज़ में ख़ुशूअ रखते हैं, बेकार बातों से मुँह मोड़ते हैं, ज़कात अदा करते हैं, अपनी शर्मगाहों की रक्षा करते हैं, और अपनी अमानतों तथा वचनों का पालन करते हैं। ये वही लोग हैं जो नेक कामों में जल्दी करते हैं, भलाई के कामों में एक-दूसरे से आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं। वे आलस्य या देरी नहीं करते, बल्कि जब भी कोई अच्छा काम सामने आता है, तो वे उसे तुरंत करते हैं और उसमें सबसे आगे रहते हैं।
ये लोग नेकियों की ओर इसलिए दौड़ते हैं क्योंकि वे अल्लाह की रज़ा और उसके करीब होने की चाहत रखते हैं। उनका ये सबक़त (आगे बढ़ना) सिर्फ़ दुनिया में नहीं, बल्कि आख़िरत में भी उन्हें ऊँचे दर्जे तक पहुँचाएगा। वे जानते हैं कि नेक कामों में जल्दी करना अल्लाह की मुहब्बत की निशानी है, और अल्लाह उन लोगों से प्यार करता है जो भलाई में तेज़ी दिखाते हैं।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि एक मोमिन की पहचान ये है कि वह नेक कामों में देरी नहीं करता। जब हम किसी अच्छे काम का मौक़ा देखें, तो उसे टालना नहीं चाहिए, क्योंकि हमें नहीं पता कि कल होगा या नहीं। अल्लाह उन लोगों से बहुत प्यार करता है जो भलाई में एक-दूसरे से आगे बढ़ते हैं। ये वो लोग हैं जो दुनिया में भी कामयाब हैं और आख़िरत में भी उनका मुक़ाम बुलंद होगा। आइए, हम भी अपनी ज़िंदगी में नेक कामों को पहली तरजीह दें, और हर अच्छे काम में जल्दी करें—चाहे वो नमाज़ हो, मदद करना हो, या किसी को खुश करना हो। यही रास्ता हमें अल्लाह की रज़ा और जन्नत तक पहुँचाएगा।
📜 आयत 59-63 — अल-मोमिनुन
अनुवाद — अल-मोमिनुन 61
सूरा अल-मोमिनुन आयत 61 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (देखिये क्या होता है) यही लोग अलबत्ता नेकियों में जल्दी…सूरा आयत 61/118 — अल-मोमिनुन المؤمنون (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मोमिनुन सुनें, अल-मोमिनुन अनुवाद, अल-मोमिनुन mp3, अल-मोमिनुन pdf. आयत 59–63. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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