अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَضْلُ اللَّهِ: अल्लाह की कृपा और उपकार
- رَحْمَتُهُ: उसकी दया और रहमत
- تَوَّابٌ: बहुत अधिक तौबा क़बूल करने वाला
- حَكِيمٌ: पूर्ण ज्ञान और हिकमत वाला
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ ईमान वालों! अगर अल्लाह का फ़ज़ल (कृपा) और उसकी रहमत तुम पर न होती, और यह कि वह तौबा क़बूल करने वाला और हिकमत वाला न होता, तो तुम पर कठोर सज़ा नाज़िल हो जाती और तुम्हारे गुनाह तुम्हें रुसवा कर देते। लेकिन अल्लाह ने अपनी असीम कृपा और दया से तुम्हारे लिए नर्मी और आसानी का रास्ता अपनाया।
यह आयत उस संदर्भ में आई है जब पति-पत्नी के बीच इल्ज़ाम (आरोप) के मामले में लिआन (आपसी सौगंध) का क़ानून बताया गया। अल्लाह ने चाहा होता तो झूठ बोलने वाले को तुरंत सज़ा देता और उसे दुनिया में ही रुसवा कर देता, लेकिन उसने अपनी रहमत से लोगों को मौका दिया, उनके गुनाहों पर पर्दा डाला, और तौबा का दरवाज़ा खुला रखा।
अल्लाह तआला तौबा क़बूल करने वाला है—यानी जो बंदा अपने गुनाह से सच्चे दिल से तौबा करता है, अल्लाह उसे माफ कर देता है और उसके गुनाहों को नेकियों में बदल देता है। वह हकीम है—यानी उसका हर फैसला, हर हुक्म और हर क़ानून पूरी हिकमत और मसलहत पर आधारित है। वह जो कुछ भी करता है, उसमें गहरी समझदारी और बेहतरीन मक़सद होता है।
इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि अल्लाह की रहमत और कृपा का दामन कभी नहीं छोड़ना चाहिए। जब हमसे गलती हो जाए, तो निराश न हों, बल्कि तौबा करें, क्योंकि अल्लाह तौबा क़बूल करने वाला है। उसकी रहमत हर चीज़ से बढ़कर है, और उसकी हिकमत हर मामले में हमारे भले के लिए है। यही अल्लाह का फ़ज़ल है कि उसने हमें माफी का रास्ता दिखाया और हम पर अपनी रहमत का दामन बिछाए रखा।
अल्लाह के इस एहसान को याद रखें और उसके शुक्रगुज़ार बनें, क्योंकि उसकी कृपा और रहमत ही है जो हमें हर बुराई से बचाती है और हमारी ज़िंदगी को सुकून और बरकत से भर देती है।
📜 आयत 8-12 — अन-नूर
अनुवाद — अन-नूर 10
सूरा अन-नूर आयत 10 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और अगर तुम पर ख़ुदा का फज़ल (व करम) और…सूरा आयत 10/64 — अन-नूर النور (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नूर सुनें, अन-नूर अनुवाद, अन-नूर mp3, अन-नूर pdf. आयत 8–12. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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