अल-फुरकान · 2/77
अनुवाद उच्चारण — अल-फुरकान
الَّذِي لَهُ مُلْكُ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ وَلَمْ يَتَّخِذْ وَلَدًا وَلَمْ يَكُن لَّهُ شَرِيكٌ فِي الْمُلْكِ وَخَلَقَ كُلَّ شَيْءٍ فَقَدَّرَهُ تَقْدِيرًا ۝٢
Allazee lahoo mulkus samaawaati wal ardi wa lam yattakhiz waladanw wa lam yakul lahoo shareekun filmulki wa khalaqa kulla shai`in faqaddarahoo taqdeeraa
📖 हिंदी अर्थ
वह खुदा कि सारे आसमान व ज़मीन की बादशाहत उसी की है और उसने (किसी को) न अपना लड़का बनाया और न सल्तनत में उसका कोई शरीक है और हर चीज़ को (उसी ने पैदा किया) फिर उस अन्दाज़े से दुरुस्त किया
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अनुवाद — Tafsir

اللَّه वही है जिसके लिए आकाशों और धरती का साम्राज्य है। उसने न किसी को संतान बनाया और न उसके साम्राज्य में कोई उसका साझीदार है। उसी ने हर चीज़ को पैदा किया, फिर उसे एक निश्चित माप और अनुपात के अनुसार व्यवस्थित किया। उसकी रचना में कोई कमी या असंतुलन नहीं, बल्कि हर चीज़ को उसकी प्रकृति और उद्देश्य के अनुरूप बनाया गया है।

यह आयत अल्लाह की महानता और उसकी एकता का प्रमाण प्रस्तुत करती है। यह उन लोगों का खंडन करती है जो अल्लाह के लिए संतान का दावा करते हैं, जैसे ईसाई जो ईसा (अलैहिस्सलाम) को अल्लाह का बेटा कहते हैं। साथ ही यह उन लोगों का भी खंडन करती है जो अल्लाह के साथ किसी और को साझीदार मानते हैं, जैसे मक्का के बुतपरस्त जो मूर्तियों को अल्लाह का साझीदार कहते थे। अल्लाह इन सब से पाक और उच्च है।

जब हम इस आयत पर ग़ौर करते हैं तो हमें अल्लाह की क़ुदरत के अद्भुत नज़ारे दिखाई देते हैं। आकाशों की ऊँचाइयाँ, धरती का विस्तार, सितारों की चमक, समुद्रों की गहराई, पहाड़ों की मज़बूती, पेड़-पौधों की हरियाली, जानवरों की विभिन्न प्रजातियाँ, और मनुष्य का अद्भुत शरीर — यह सब अल्लाह की रचना के नमूने हैं। हर चीज़ को उसने एक विशेष माप और नियम के अनुसार बनाया है। यहाँ तक कि एक छोटा सा कीड़ा भी अपनी पूर्णता के साथ पैदा होता है, और एक विशाल ग्रह भी अपनी कक्षा में नियमित रूप से घूमता है। यह सब उसी की तदबीर और तक़दीर का नतीजा है।

यह आयत हमें सिखाती है कि जिस अल्लाह के पास यह सब कुछ है, वही हमारी पूजा के योग्य है। उसकी महानता को देखते हुए हमें उसके सामने झुकना चाहिए, उसकी आज्ञाओं का पालन करना चाहिए, और उसकी रहमत से उम्मीद रखनी चाहिए। जब हम यह महसूस करते हैं कि हर चीज़ अल्लाह के नियंत्रण में है और वही सब कुछ चलाने वाला है, तो हमारा दिल उसकी तरफ़ झुकता है, हमारा भरोसा उस पर मज़बूत होता है, और हम उसकी इबादत में सुकून पाते हैं। यही सच्ची सफलता है — कि हम उस अल्लाह को पहचानें जिसने हमें पैदा किया, हमें रिज़्क़ दिया, और हमें सही रास्ता दिखाया।

🎧 सुनें

📜 आयत 1-4 — अल-फुरकान

1تَبَارَكَ الَّذِي نَزَّلَ الْفُرْقَانَ عَلَىٰ عَبْدِهِ لِيَكُونَ لِلْعَالَمِينَ نَذِيرًا
(ख़ुदा) बहुत बाबरकत है जिसने अपने बन्दे (मोहम्मद) पर कुरान नाज़िल किया ताकि सारे जहॉन के लिए (ख़ुदा के अज़ाब से) डराने वाला हो
2الَّذِي لَهُ مُلْكُ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ وَلَمْ يَتَّخِذْ وَلَدًا وَلَمْ يَكُن لَّهُ شَرِيكٌ فِي الْمُلْكِ وَخَلَقَ كُلَّ شَيْءٍ فَقَدَّرَهُ تَقْدِيرًا
वह खुदा कि सारे आसमान व ज़मीन की बादशाहत उसी की है और उसने (किसी को) न अपना लड़का बनाया और न सल्तनत में उसका कोई शरीक है और हर चीज़ को (उसी ने पैदा किया) फिर उस अन्दाज़े से दुरुस्त किया
3وَاتَّخَذُوا مِن دُونِهِ آلِهَةً لَّا يَخْلُقُونَ شَيْئًا وَهُمْ يُخْلَقُونَ وَلَا يَمْلِكُونَ لِأَنفُسِهِمْ ضَرًّا وَلَا نَفْعًا وَلَا يَمْلِكُونَ مَوْتًا وَلَا حَيَاةً وَلَا نُشُورًا
और लोगों ने उसके सिवा दूसरे दूसरे माबूद बना रखें हैं जो कुछ भी पैदा नहीं कर सकते बल्कि वह खुद दूसरे के पैदा किए हुए हैं और वह खुद अपने लिए भी न नुक़सान पर क़ाबू रखते हैं न नफा पर और न मौत ही पर एख़्तियार रखते हैं और न ज़िन्दगी पर और न मरने बाद जी उठने पर
4وَقَالَ الَّذِينَ كَفَرُوا إِنْ هَٰذَا إِلَّا إِفْكٌ افْتَرَاهُ وَأَعَانَهُ عَلَيْهِ قَوْمٌ آخَرُونَ ۖ فَقَدْ جَاءُوا ظُلْمًا وَزُورًا
और जो लोग काफिर हो गए बोल उठे कि ये (क़ुरान) तो निरा झूठ है जिसे उस शख्स (रसूल) ने अपने जी से गढ़ लिया और कुछ और लोगों ने इस इफतिरा परवाज़ी में उसकी मदद भी की है
अल-फुरकानकुरान सूची
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अनुवाद — अल-फुरकान 2

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Tuesday, August 18, 2026

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