Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- मुजरिमीन (المجرمين): अपराधी, पापी, जो लोग सत्य का इनकार करें और ज़ुल्म करें।
- हादियन (هادياً): मार्गदर्शक, सत्य का रास्ता दिखाने वाला।
- नसीरन (نصيراً): सहायक, मददगार, रक्षक।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! जिस प्रकार तुम्हारे लिए तुम्हारी क़ौम के अपराधियों को दुश्मन बनाया गया है, ठीक उसी प्रकार हमने तुमसे पहले आने वाले हर नबी के लिए भी उसकी क़ौम के अपराधियों को दुश्मन बनाया था। यह कोई नई बात नहीं है, बल्कि यह अल्लाह की सुन्नत (रीति) रही है कि सत्य के दावेदारों के रास्ते में बाधाएँ और विरोधी खड़े किए जाते रहे हैं। यह परीक्षा का एक हिस्सा है, ताकि सच्चे और झूठे लोगों में फ़र्क़ स्पष्ट हो सके।
जब तुम्हें यह मालूम है कि तुमसे पहले के सभी नबियों को भी इसी तरह के विरोध और शत्रुता का सामना करना पड़ा, तो तुम्हें धैर्य रखना चाहिए और हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। तुम्हारा रब ही तुम्हारे लिए काफ़ी है — वही तुम्हें सही रास्ता दिखाने वाला है और वही तुम्हारी मदद करने वाला है। जब अल्लाह तुम्हारे साथ हो, तो किसी दुश्मन का डर नहीं होना चाहिए। वह तुम्हें हिदायत देगा और तुम्हारी हर मुश्किल में तुम्हारा साथ देगा।
यह आयत नबी ﷺ के लिए एक बड़ी तसल्ली और दिलासा है, और हर उस इंसान के लिए भी सबक़ है जो सत्य के रास्ते पर चलता है — कि जब अल्लाह तुम्हारा हामी और मददगार हो, तो दुनिया की तमाम ताक़तें मिलकर भी तुम्हारा कुछ नहीं बिगाड़ सकतीं। यही वह चीज़ है जो मोमिन को मज़बूत बनाती है और उसे हर मुश्किल का सामना करने की ताक़त देती है।
दावत और नसीहत:
ऐ अल्लाह के बंदो! जब तुम्हें पता है कि अल्लाह तुम्हारे साथ है, तो तुम्हें किसी की परवाह नहीं करनी चाहिए। अल्लाह पर भरोसा रखो, उसी से मदद माँगो, और याद रखो — जो लोग अल्लाह के रास्ते में आने वाली रुकावटों से घबरा जाते हैं, वे कभी कामयाब नहीं होते। लेकिन जो सब्र करते हैं और अल्लाह पर भरोसा रखते हैं, उनके लिए अल्लाह हर मुश्किल से निकलने का रास्ता बनाता है। यही वह रास्ता है जो इस दुनिया में इज़्ज़त और आख़िरत में कामयाबी दिलाता है।
📜 आयत 29-33 — सूरा अल-फुरकान
अनुवाद — अल-फुरकान 31
सूरा अल-फुरकान आयत 31 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हमने (गोया ख़ुद) गुनाहगारों में से हर नबी के…सूरा आयत 31/77 — सूरा अल-फुरकान الفرقان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-फुरकान सुनें, सूरा अल-फुरकान अनुवाद, सूरा अल-फुरकान mp3, सूरा अल-फुरकान pdf. आयत 29–33. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-फुरकान
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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