अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- मुबश्शिरन (مُبَشِّرًا): खुशखबरी सुनाने वाला, यानी ईमानवालों को जन्नत की खुशखबरी देने वाला।
- नज़ीरन (نَذِيرًا): डराने वाला, यानी काफिरों और नाफ़रमानों को अल्लाह के अज़ाब से आगाह करने वाला।
तफ़सीर:
ऐ प्यारे नबी! हमने आपको इस दुनिया में एक साधारण इंसान की तरह नहीं भेजा, बल्कि आपके भेजे जाने का एक महान और स्पष्ट उद्देश्य है। अल्लाह तआला ने आपको दो बड़ी ज़िम्मेदारियों के साथ भेजा है:
पहली ज़िम्मेदारी: आप मुबश्शिर हैं, यानी खुशखबरी सुनाने वाले। जो लोग अल्लाह पर ईमान लाएँगे, उसके आदेशों का पालन करेंगे, नेक अमल करेंगे और आपकी लाई हुई शिक्षाओं पर चलेंगे, उन्हें आप जन्नत की उस खुशखबरी सुनाते हैं जो हमेशा रहने वाली है, जहाँ कोई दुख, थकान या मौत नहीं होगी। यह खुशखबरी है अल्लाह की रहमत और उसकी मग़फिरत की।
दूसरी ज़िम्मेदारी: आप नज़ीर हैं, यानी डराने वाले और आगाह करने वाले। जो लोग अल्लाह की नाफ़रमानी करेंगे, कुफ़्र और शिर्क पर क़ायम रहेंगे और आपकी दावत को ठुकराएँगे, उन्हें आप आगाह करते हैं कि अल्लाह का अज़ाब सख्त है, जहन्नम की आग भयंकर है, और वहाँ से बचने का कोई रास्ता नहीं होगा।
यह आपकी रिसालत का मक़सद है — लोगों को जहन्नम के अज़ाब से डराकर जन्नत की राह दिखाना। आपको दुनिया का मालिक बनाने या लोगों पर ज़बरदस्ती हुकूमत करने के लिए नहीं भेजा गया। आपका काम सिर्फ़ पहुँचाना है — खुशखबरी देना और डराना।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि इस्लाम एक आसान और रहमत वाला दीन है। अल्लाह ने हमें डराने के साथ-साथ उम्मीद भी दी है। जैसे एक प्यारा बाप अपने बच्चे को आग से बचाने के लिए डाँटता है और उसे मिठाई देने का वादा करता है, उसी तरह अल्लाह के नबी हमें जहन्नम से डराते हैं और जन्नत की खुशखबरी देते हैं। यह अल्लाह की बड़ी मेहरबानी है कि उसने हमें भटकने के लिए नहीं छोड़ा, बल्कि रहनुमा भेजा। आओ, हम अपने नबी की बात मानें, उनकी सुनाई खुशखबरी पर ईमान लाएँ और उनके बताए डर से बचने की कोशिश करें। यही हमारी कामयाबी है — दुनिया में इज़्ज़त और आख़िरत में जन्नत।
📜 आयत 54-58 — अल-फुरकान
अनुवाद — अल-फुरकान 56
सूरा अल-फुरकान आयत 56 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ऐ रसूल) हमने तो तुमको बस (नेकी को जन्नत…सूरा आयत 56/77 — अल-फुरकान الفرقان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-फुरकान सुनें, अल-फुरकान अनुवाद, अल-फुरकान mp3, अल-फुरकान pdf. आयत 54–58. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








