अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- خَالِدِينَ: हमेशा रहने वाले, कभी न मरने वाले।
- مُسْتَقَرًّا: ठहरने की जगह, आराम की जगह।
- مُقَامًا: रहने की जगह, क़ियाम की जगह।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन नेक बंदों के बारे में है जिन्हें अल्लाह तआला ने "इबादुर्रहमान" (रहमान के बंदे) कहा है। ये वे लोग हैं जिन्होंने अपनी ज़िंदगी में अल्लाह की इबादत की, उसके हुक्मों का पालन किया, और उसकी राह में सब्र किया। अल्लाह तआला उन्हें जन्नत के सबसे ऊँचे दर्जे अता करेगा, और वे उसमें हमेशा रहेंगे—कभी मौत नहीं आएगी, कभी दर्द नहीं होगा, और कभी वहाँ से निकाला नहीं जाएगा।
वे जन्नत के उस मुकाम पर होंगे जो निहायत ही खूबसूरत, पुरसुकून और आरामदायक है। वहाँ वे चैन से बैठेंगे, आराम करेंगे, और हमेशा के लिए उसी में रहेंगे। यह जगह इतनी अच्छी है कि उससे बेहतर कोई जगह नहीं हो सकती। वे वहाँ हर तरह की नेमतों से लुत्फ़ उठाएँगे, और उन्हें कभी कोई कमी या बुराई नहीं दिखेगी।
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह तआला अपने नेक बंदों को कितनी बड़ी इज़्ज़त और इनाम देता है। जो लोग दुनिया में अल्लाह की राह पर चलते हैं, सब्र करते हैं, और अच्छे काम करते हैं, उनके लिए आख़िरत में ऐसी जगह तैयार है जो हमारी कल्पना से भी परे है। यह हमारे लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है कि अगर हम अल्लाह के बताए रास्ते पर चलें, तो हमें भी यही इनाम मिल सकता है।
तो प्यारे भाइयों और बहनों! आइए, हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की इबादत और उसके हुक्मों के मुताबिक बनाएँ, और उस जन्नत के हक़दार बनें जो हमेशा रहने वाली है, जहाँ न दुख है, न थकान, और न ही कोई कमी। यही हमारी सबसे बड़ी कामयाबी है।
📜 आयत 74-77 — अल-फुरकान
अनुवाद — अल-फुरकान 76
सूरा अल-फुरकान आयत 76 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ये लोग उसी में हमेशा रहेंगें और वह रहने और…सूरा आयत 76/77 — अल-फुरकान الفرقان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-फुरकान सुनें, अल-फुरकान अनुवाद, अल-फुरकान mp3, अल-फुरकान pdf. आयत 74–77. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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