अश-शुआरा · 36/227
अनुवाद उच्चारण — अश-शुआरा
قَالُوا أَرْجِهْ وَأَخَاهُ وَابْعَثْ فِي الْمَدَائِنِ حَاشِرِينَ ۝٣٦
Qaalooo arjih wa akhaahu wab`as filmadaaa`ini haashireen
📖 हिंदी अर्थ
दरबारियों ने कहा अभी इसको और इसके भाई को (चन्द) मोहलत दीजिए

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • أَرْجِهْ: उसे टाल दो, उसके मामले को मुल्तवी रखो।
  • حَاشِرِينَ: इकट्ठा करने वाले, जो लोगों को एकत्र करें।

तफ़सीर (व्याख्या):

जब मूसा (अलैहिस्सलाम) ने फ़िरऔन के सामने अपनी बड़ी निशानियाँ पेश कीं — लाठी का साँप बनना और हाथ का चमकना — तो फ़िरऔन के दरबारी सरदारों ने यह देखा कि यह आम इंसानी कला से बढ़कर चीज़ है। उन्होंने फ़िरऔन को सलाह दी कि इन दोनों भाइयों (मूसा और हारून) को अभी सज़ा मत दो, उन्हें टाल दो, उनके मामले में जल्दबाज़ी न करो। उन्होंने कहा: "इन्हें और इनके भाई को कुछ समय के लिए रोक रखो, और शहरों में दूत भेजो जो सभी माहिर जादूगरों को इकट्ठा कर लाएँ।"

यह सलाह दरअसल फ़िरऔन की नीति का हिस्सा थी — वह सच्चाई का सामना करने के बजाय उसे दबाने की कोशिश कर रहा था। उन्होंने सोचा कि जादूगरों के ज़रिए मूसा (अलैहिस्सलाम) के मामले को ख़त्म किया जा सकता है। लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि अल्लाह का दीन किसी जादू से नहीं हारता। यह घटना हमें सिखाती है कि बातिल (असत्य) के लोग हमेशा सच्चाई को दबाने की कोशिश करते हैं, लेकिन अल्लाह की मदद सच्चे लोगों के साथ होती है।

इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि जब हमारे सामने सच्चाई आए, तो हमें उसे कबूल करना चाहिए, न कि उसके खिलाफ साज़िशें रचनी चाहिए। फ़िरऔन और उसके सरदारों ने सच्चाई को मानने के बजाय उससे लड़ने की तैयारी की, और अंजाम यह हुआ कि वे अल्लाह के अज़ाब में गिरफ्तार हुए। यह हर ज़माने के लिए एक नसीहत है कि अल्लाह की निशानियों के सामने झुकना ही बेहतर है, क्योंकि अल्लाह की ताकत से बड़ी कोई ताकत नहीं।



📜 आयत 34-38 — अश-शुआरा

34قَالَ لِلْمَلَإِ حَوْلَهُ إِنَّ هَٰذَا لَسَاحِرٌ عَلِيمٌ
(इस पर) फिरऔन अपने दरबारियों से जो उसके गिर्द (बैठे) थे कहने लगा
35يُرِيدُ أَن يُخْرِجَكُم مِّنْ أَرْضِكُم بِسِحْرِهِ فَمَاذَا تَأْمُرُونَ
कि ये तो यक़ीनी बड़ा खिलाड़ी जादूगर है ये तो चाहता है कि अपने जादू के ज़ोर से तुम्हें तुम्हारे मुल्क से बाहर निकाल दे तो तुम लोग क्या हुक्म लगाते हो
36قَالُوا أَرْجِهْ وَأَخَاهُ وَابْعَثْ فِي الْمَدَائِنِ حَاشِرِينَ
दरबारियों ने कहा अभी इसको और इसके भाई को (चन्द) मोहलत दीजिए
37يَأْتُوكَ بِكُلِّ سَحَّارٍ عَلِيمٍ
और तमाम शहरों में जादूगरों के जमा करने को हरकारे रवाना कीजिए कि वह लोग तमाम बड़े बड़े खिलाड़ी जादूगरों की आपके सामने ला हाज़िर करें
38فَجُمِعَ السَّحَرَةُ لِمِيقَاتِ يَوْمٍ مَّعْلُومٍ
ग़रज़ वक्ते मुकर्रर हुआ सब जादूगर उस मुक़र्रर के वायदे पर जमा किए गए
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अनुवाद — अश-शुआरा 36

सूरा अश-शुआरा आयत 36 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : दरबारियों ने कहा अभी इसको और इसके भाई को (चन्द)…

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Tuesday, August 18, 2026

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