अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- أُولُو قُوَّةٍ — बल एवं शक्ति के स्वामी
- بَأْسٍ شَدِيدٍ — अत्यंत भीषण युद्ध-कौशल एवं वीरता
- وَالْأَمْرُ إِلَيْكِ — निर्णय का अधिकार आपके हाथ में है
- فَانظُرِي مَاذَا تَأْمُرِينَ — आप विचार करें कि क्या आदेश देना चाहती हैं
तफ़सीर:
जब रानी बिल्क़ीस ने अपने दरबार के प्रमुख सरदारों और सलाहकारों को पैग़ंबर सुलेमान अलैहिस्सलाम का पत्र पढ़कर सुनाया और उनसे इस मामले में परामर्श मांगा, तो उन सरदारों ने, जो अपनी क़ौम के नेता और युद्ध-कौशल में माहिर थे, पूरे आत्मविश्वास और वफ़ादारी के साथ उत्तर दिया।
उन्होंने कहा: "हम शारीरिक शक्ति, हथियारों और सैन्य साज़ो-सामान में पूर्ण रूप से सक्षम हैं, और युद्ध के मैदान में हमारी वीरता और साहस की कोई मिसाल नहीं। हम किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। लेकिन हमारा निर्णय आपके अधिकार में है — आप जो भी आदेश दें, हम उसका पालन करने के लिए तैयार हैं। आप स्वयं विचार करें और जो उचित समझें, वही आदेश दें।"
यह उत्तर उनकी बहादुरी और रानी के प्रति उनकी निष्ठा दोनों को दर्शाता है। उन्होंने एक ओर अपनी सैन्य ताक़त का एहसास कराया कि यदि युद्ध की आवश्यकता पड़े तो वे पीछे नहीं हटेंगे, और दूसरी ओर मामले का अंतिम फ़ैसला रानी पर छोड़ दिया, क्योंकि वे उसकी बुद्धिमत्ता और दूरदर्शिता पर भरोसा करते थे।
इस आयत से हमें यह शिक्षा मिलती है कि किसी भी मामले में आपसी परामर्श और सही निर्णय लेना कितना महत्वपूर्ण है। शक्ति और साहस के साथ-साथ बुद्धिमत्ता और विवेक का होना भी आवश्यक है। एक अच्छा नेता वही है जो अपनी क़ौम की ताक़त को पहचाने और सही समय पर सही फ़ैसला करे। यह भी सीख मिलती है कि जब कोई बड़ा मामला आए, तो घबराना नहीं चाहिए, बल्कि अपनी क्षमताओं पर भरोसा रखते हुए अक्लमंदी से काम लेना चाहिए। अल्लाह तआला इंसान को सही निर्णय की तौफ़ीक़ देता है जब वह उसकी ओर रुजू करता है और अपने मामलों में उससे मदद मांगता है।
📜 आयत 31-35 — अन-नमल
अनुवाद — अन-नमल 33
सूरा अन-नमल आयत 33 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उन लोगों ने अर्ज़ की हम बड़े ज़ोरावर बडे लड़ने…सूरा आयत 33/93 — अन-नमल النمل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नमल सुनें, अन-नमल अनुवाद, अन-नमल mp3, अन-नमल pdf. आयत 31–35. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








