अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- أَفْتُونِي – मुझे परामर्श दो, मेरी राय दो।
- قَاطِعَةً – निर्णय करने वाली, फैसला करने वाली।
- تَشْهَدُونِ – तुम मेरे पास उपस्थित हो, मेरी सभा में शामिल हो।
तफ़सीर:
जब रानी बिल्क़ीस (मलिका सबा) को हज़रत सुलेमान अलैहिस्सलाम का पत्र मिला, जिसमें उन्हें अल्लाह की ओर बुलाया गया था, तो उन्होंने अपने दरबार के बड़े-बड़े सरदारों और सलाहकारों को इकट्ठा किया। यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण और संवेदनशील मामला था, क्योंकि सुलेमान अलैहिस्सलाम सिर्फ कोई साधारण बादशाह नहीं थे, बल्कि उनके पास अल्लाह का विशेष साम्राज्य था, जिसमें जिन्नात, पक्षी और हवा सब उनके आदेश के अधीन थे।
रानी ने अपने दरबारियों से कहा: "ऐ मेरे दरबार के प्रतिष्ठित सरदारों! मुझे इस मामले में अपनी राय दो। मैं कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय तुम्हारी सलाह और उपस्थिति के बिना नहीं लेती।" यह उनकी बुद्धिमत्ता और नेतृत्व क्षमता का प्रमाण था कि वे अकेले निर्णय नहीं लेना चाहती थीं, बल्कि अपने दरबार की सामूहिक राय को महत्व देती थीं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक तुम सब मेरे सामने उपस्थित नहीं होते और अपनी राय नहीं देते, मैं कोई अंतिम फैसला नहीं कर सकती।
यह एक शासक के लिए बहुत अच्छी आदत है कि वह अपने मामलों में सलाह-मशविरा करे, खासकर ऐसे महत्वपूर्ण मामलों में जिनका परिणाम पूरी क़ौम के भविष्य को प्रभावित कर सकता है। रानी ने यहाँ परामर्श की सुन्नत (परंपरा) को अपनाया, जो इस्लाम में भी बहुत पसंदीदा है। अल्लाह तआला ने क़ुरआन में मुसलमानों को भी आपसी मशविरे का आदेश दिया है।
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि बड़े और अहम फैसलों में जल्दबाज़ी नहीं करनी चाहिए, बल्कि समझदार और भरोसेमंद लोगों से सलाह लेनी चाहिए। साथ ही, यह भी पता चलता है कि अल्लाह तआला ने औरतों को भी समझ और बुद्धि दी है, और वे अच्छी शासक और नेता हो सकती हैं। रानी बिल्क़ीस का यह कदम उनकी समझदारी और दूरदर्शिता को दर्शाता है, और आगे चलकर उन्होंने सच्चाई को पहचाना और अल्लाह के आगे सिर झुका दिया। यह हमारे लिए भी एक प्रेरणा है कि हम सत्य को स्वीकार करने में कभी संकोच न करें, चाहे वह किसी भी रूप में हमारे सामने आए।
📜 आयत 30-34 — अन-नमल
अनुवाद — अन-नमल 32
सूरा अन-नमल आयत 32 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तब मलका (विलक़ीस) बोली ऐ मेरे दरबार के सरदारों तुम…सूरा आयत 32/93 — अन-नमल النمل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नमल सुनें, अन-नमल अनुवाद, अन-नमल mp3, अन-नमल pdf. आयत 30–34. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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