अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الصَّرْحَ: महल या किला, जिसका फर्श शीशे (काँच) का बना हो।
- لُجَّةً: पानी का गहरा और बड़ा हिस्सा, यानी गहरा पानी।
- مُمَرَّدٌ: चिकना और समतल, जिसमें कोई ऊँच-नीच न हो।
- قَوَارِيرَ: शीशा (काँच), जो पारदर्शी हो।
तफसीर (व्याख्या):
जब बिल्क़ीस (सबा की रानी) सुलैमान अलैहिस्सलाम के दरबार में पहुँची, तो उन्होंने उसे महल में दाखिल होने के लिए कहा। यह महल ऐसा बनाया गया था कि उसका फर्श शीशे का था और उसके नीचे पानी बह रहा था। जब रानी ने उस फर्श को देखा, तो उसे लगा कि यह गहरा पानी है, इसलिए उसने अपने पैरों की पिंडलियाँ खोल दीं ताकि वह पानी पार कर सके। यह देखकर सुलैमान अलैहिस्सलाम ने फरमाया: "यह पानी नहीं है, बल्कि यह एक चिकना महल है जो शीशे से बना है, और पानी उसके नीचे बह रहा है।"
यह दृश्य देखकर बिल्क़ीस को सुलैमान अलैहिस्सलाम की महानता और उनके राज्य की अद्भुत ताकत का एहसास हुआ। उसने महसूस किया कि यह सब किसी इंसान का कमाल नहीं, बल्कि अल्लाह की देन है। यहीं उसके दिल में सच्चाई का नूर उतरा और उसने अपनी गलती को स्वीकार किया। उसने कहा: "मेरे रब! मैंने अपनी जान पर ज़ुल्म किया, क्योंकि मैं तुझे छोड़कर सूरज की पूजा करती रही। अब मैं सुलैमान के साथ मिलकर अल्लाह के आगे सर झुकाती हूँ, जो सारे जहान का पालनहार है।"
यह घटना हमें सिखाती है कि सच्चाई जब सामने आती है, तो इंसान को उसे कबूल करने में देर नहीं करनी चाहिए। बिल्क़ीस ने अपनी गलती मानी और तुरंत ईमान ले आई। यही अक्लमंदी है कि इंसान हक़ के सामने झुक जाए, चाहे उसे अपनी पुरानी रस्मों और रिवाजों को छोड़ना पड़े। अल्लाह की रहमत और हिदायत हर उस दिल को मिलती है जो सच्चाई की तलाश में हो और अपने गुनाहों से तौबा कर ले। यह कहानी हमें यह भी बताती है कि अल्लाह के नबी और उनकी दावत का असर दिलों को बदल सकता है, बशर्ते दिल में खुद को सही करने की नीयत हो।
📜 आयत 42-46 — अन-नमल
अनुवाद — अन-नमल 44
सूरा अन-नमल आयत 44 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर उससे कहा गया कि आप अब महल मे चलिए…सूरा आयत 44/93 — अन-नमल النمل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नमल सुनें, अन-नमल अनुवाद, अन-नमल mp3, अन-नमल pdf. आयत 42–46. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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