अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مُصِيبَةٌ (मुसीबत): आपदा, यातना, अज़ाब
- بِمَا قَدَّمَتْ أَيْدِيهِمْ (बिमा क़द्दमत अय्दीहिम): उनके कर्मों के कारण, जो उन्होंने आगे भेजा (अर्थात उनके कुकर्म और पाप)
- لَوْلَا (लौला): क्यों नहीं, काश
- فَنَتَّبِعَ (फ़नत्तबि'): तो हम अनुसरण करते
- آيَاتِكَ (आयातिक): तेरी आयतें (निशानियाँ और रहस्योद्घाटित शिक्षाएँ)
विस्तृत व्याख्या:
यह आयत अल्लाह तआला की उस महान कृपा और दया को बयान करती है जो उसने अपने बंदों पर की है। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि अगर हम इन काफ़िरों को उनके कुकर्मों और अविश्वास के कारण तुरंत पकड़ लेते और उन पर आपदा भेज देते, तो वे क़यामत के दिन या उस समय यह बहाना बना सकते थे कि "ऐ हमारे रब! तूने हमारी ओर कोई रसूल क्यों नहीं भेजा? अगर तू रसूल भेजता तो हम तेरी आयतों का अनुसरण करते और ईमान लाने वालों में से हो जाते।"
इसलिए अल्लाह तआला ने अपनी बेपनाह रहमत से उन पर अज़ाब को टाल दिया और रसूल भेजे, ताकि उनके पास कोई बहाना न बचे और अल्लाह की ओर से हुज्जत (प्रमाण) पूरी हो जाए। यह अल्लाह की सुन्नत (रीति) है कि वह किसी क़ौम पर तब तक अज़ाब नहीं भेजता जब तक उनके पास रसूल न आ जाए और उन्हें सच्चाई स्पष्ट न कर दे।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह तआला कितना दयालु और कृपालु है। वह चाहता तो सबको तुरंत पकड़ लेता, लेकिन उसने लोगों को मौका दिया, रसूल भेजे, किताबें उतारीं, ताकि कोई यह न कह सके कि हमें पता ही नहीं था। यह अल्लाह की ओर से पूरा न्याय और पूरी दया है।
आज भी हमारे पास कुरआन और रसूल ﷺ की शिक्षाएँ मौजूद हैं। हमें चाहिए कि इन आयतों को पढ़ें, समझें और उन पर अमल करें। यही हमारी सफलता का रास्ता है। अल्लाह ने हमें बहाने की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी है — हमारे पास रौशनी है, हमें उसे अपनाना है। जो लोग इस रौशनी को अपनाएँगे, वे दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब होंगे, और जो इसे ठुकराएँगे, उनके पास कोई उज़्र (बहाना) नहीं होगा।
याद रखें, अल्लाह ने हर युग में अपने रसूल भेजे और आख़िरी रसूल मुहम्मद ﷺ को पूरी मानवजाति के लिए भेजा। उनका संदेश आज भी हमारे बीच मौजूद है। कितनी बड़ी कृपा है कि हम उस संदेश को पढ़ सकते हैं, समझ सकते हैं और उस पर अमल कर सकते हैं। आओ, हम इस नेमत की क़द्र करें और अपने जीवन को कुरआन और सुन्नत के अनुसार ढालें।
📜 आयत 45-49 — अल-क़सस
अनुवाद — अल-क़सस 47
सूरा अल-क़सस आयत 47 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और अगर ये नही होता कि जब उन पर उनकी…सूरा आयत 47/88 — अल-क़सस القصص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-क़सस सुनें, अल-क़सस अनुवाद, अल-क़सस mp3, अल-क़सस pdf. आयत 45–49. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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