अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- بِجَانِبِ الطُّورِ: पहाड़ के किनारे (तूर नामक पवर्त के पास)
- إِذْ نَادَيْنَا: जब हमने (मूसा को) पुकारा
- لِتُنْذِرَ: ताकि तू डराए (सचेत करे)
- مَا أَتَاهُم مِّن نَّذِيرٍ: जिनके पास (तुझसे पहले) कोई डराने वाला (नबी) नहीं आया
- لَعَلَّهُمْ يَتَذَكَّرُونَ: ताकि वे शिक्षा ग्रहण करें (सीख लें)
विस्तृत व्याख्या:
ऐ नबी! आप उस समय तूर पर्वत के पास मौजूद नहीं थे, जब हमने मूसा (अलैहिस्सलाम) को पुकारा था और उनसे रहस्य की बातें की थीं। न ही आपने उस घटना को अपनी आँखों से देखा था, न ही आप वहाँ उपस्थित थे कि यह सब जान पाते। यह सब ज्ञान आपको हमारी ओर से वह्य (प्रकाशना) के माध्यम से मिला है।
यह आपका ज्ञान आपके अपने प्रयास से नहीं, बल्कि आपके रब की ओर से एक विशेष दया और कृपा है। अल्लाह ने आपको यह सब कुछ सिखाया और आपको सत्य का ज्ञान दिया, ताकि आप उन लोगों को सचेत करें जिनके पास आपसे पहले कोई नबी नहीं आया था। ये लोग मक्का के निवासी थे, जो ईसा (अलैहिस्सलाम) के बाद लंबे समय तक बिना किसी नबी के रहे थे। उनके पास कोई शुभ सूचना देने वाला और डराने वाला नहीं आया था।
यह आपकी रिसालत (पैग़म्बरी) उनके लिए अल्लाह की ओर से एक महान दया है, क्योंकि अल्लाह ने उन्हें अनाथ और मार्गदर्शन से वंचित नहीं छोड़ा। आपको भेजकर अल्लाह ने उन पर अपनी कृपा पूरी कर दी।
इस आयत का उद्देश्य यह है कि लोग शिक्षा ग्रहण करें, अपने दिलों को जगाएँ और समझें कि यह क़ुरआन कोई मनगढ़ंत बात नहीं, बल्कि अल्लाह की ओर से भेजा गया सत्य है। जो व्यक्ति इसे समझ ले, वह सीधे मार्ग पर चल पड़ता है और जो इसे ठुकरा देता है, वह अपना ही नुक़सान करता है।
शिक्षा और संदेश:
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की रहमत (दया) असीम है। उसने हर युग में अपने नबी भेजे ताकि लोग अंधकार से निकलकर प्रकाश की ओर आएँ। आज भी यह क़ुरआन हमारे लिए वही मार्गदर्शन है। हमें चाहिए कि हम इसे पढ़ें, समझें और इस पर अमल करें। यही हमारी सफलता का मार्ग है। अल्लाह ने हम पर यह बड़ी कृपा की है कि हमें यह पवित्र किताब दी, जो हर युग और हर स्थान के लिए मार्गदर्शन है। हमें इस नेमत (उपहार) की क़द्र करनी चाहिए और अपने जीवन को इसके अनुसार ढालना चाहिए।
📜 आयत 44-48 — अल-क़सस
अनुवाद — अल-क़सस 46
सूरा अल-क़सस आयत 46 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और न तुम तूर की किसी जानिब उस वक्त मौजूद…सूरा आयत 46/88 — अल-क़सस القصص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-क़सस सुनें, अल-क़सस अनुवाद, अल-क़सस mp3, अल-क़सस pdf. आयत 44–48. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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