अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- يُتْلَىٰ – पढ़ा जाता है, सुनाया जाता है
- آمَنَّا – हम ईमान लाए
- الْحَقُّ – सत्य, सच्चाई
- مُسْلِمِينَ – आज्ञाकारी, एकेश्वरवादी, इस्लाम पर चलने वाले
तफ़सीर:
जब इस क़ुरआन की आयतें उन लोगों के सामने पढ़ी जाती हैं जिन्हें हमने पहले किताब (तौरात और इंजील) दी थी, और वे सच्चे दिल से उस पर अमल करने वाले हैं, तो वे फ़ौरन कहते हैं: "हम इस पर ईमान लाए, यक़ीनन यह सत्य है जो हमारे रब की ओर से उतरा है।" वे इसमें कोई संदेह नहीं करते, क्योंकि उन्होंने अपनी किताबों में इसकी पहचान कर ली थी। वे आगे कहते हैं: "हम तो इसके आने से पहले ही मुसलमान (अल्लाह के आज्ञाकारी) थे," यानी हम पहले से ही एकेश्वरवादी थे, हमने अपने नबियों की शिक्षाओं पर ईमान रखा और उन्होंने जो बताया कि एक आख़िरी नबी आएंगे, हमने उन पर ईमान लाने का वादा किया था। उनका दीन हमेशा से एक ही रहा है—इस्लाम, और सभी नबियों का संदेश एक ही था।
यह आयत हमें सिखाती है कि सच्चा ईमान वही है जो दिल की गहराई से निकले, जो सिर्फ़ ज़ुबानी न हो बल्कि अमल से साबित हो। ये लोग क़ुरआन को सुनते ही पहचान गए कि यह वही सच्चाई है जिसका ज़िक्र उनकी किताबों में था, और उन्होंने बिना किसी झिझक के उसे क़बूल कर लिया। यह हमारे लिए एक बेहतरीन सबक़ है कि हम भी क़ुरआन को खुले दिल से सुनें, उस पर ग़ौर करें और उसे अपनी ज़िंदगी में लागू करें।
इस आयत से हमें यह भी पता चलता है कि इस्लाम कोई नया दीन नहीं है, बल्कि यह उसी सच्चाई का नाम है जो आदम (अलैहिस्सलाम) से लेकर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) तक सभी नबियों ने पेश की। जो लोग सच्चे दिल से अल्लाह की तरफ़ रुजू करते हैं, अल्लाह उन्हें सच्चाई पहचानने की तौफ़ीक़ देता है। यह आयत हमें बशारत देती है कि जो लोग अपने दिलों को साफ़ रखते हैं और सच्चाई की तलाश में रहते हैं, अल्लाह उन्हें कभी गुमराह नहीं होने देता। हमें भी चाहिए कि हम क़ुरआन को सुनें, समझें और उस पर अमल करें, ताकि हम भी उन लोगों में शामिल हों जिनके बारे में अल्लाह ने यह गवाही दी कि उन्होंने सच्चाई को पहचाना और उसे क़बूल किया।
📜 आयत 51-55 — अल-क़सस
अनुवाद — अल-क़सस 53
सूरा अल-क़सस आयत 53 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जब उनके सामने ये पढ़ा जाता है तो बोल…सूरा आयत 53/88 — अल-क़सस القصص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-क़सस सुनें, अल-क़सस अनुवाद, अल-क़सस mp3, अल-क़सस pdf. आयत 51–55. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, August 19, 2026
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