अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تَرَكْنَا: हमने छोड़ दिया
- آيَةً بَيِّنَةً: स्पष्ट निशानी (खुला सबूत)
- يَعْقِلُونَ: समझने-बूझने वाले, अक्लमंद लोग
तफसीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला फरमाता है कि हमने क़ौमे-लूत (हज़रत लूत अलैहिस्सलाम की क़ौम) के उस बस्ती से, जिसे हमने उनके कुकर्मों की वजह से तबाह कर दिया था, एक स्पष्ट और खुली निशानी छोड़ दी। यानी उनके खंडहर, उनके घरों के मलबे और वो तबाही के निशान आज भी मौजूद हैं, ताकि आने वाली नस्लें उन्हें देखकर सबक हासिल करें।
ये निशानियाँ सिर्फ उन्हीं लोगों के लिए फायदेमंद हैं जो अक्ल से काम लेते हैं, जो देखकर सोचते हैं, और सोचकर सबक लेते हैं। अल्लाह ने ये निशानियाँ इसलिए छोड़ी ताकि लोग समझें कि अल्लाह की नाफरमानी और बदकारी का अंजाम कितना भयानक होता है। जो लोग अक्लमंद हैं, वो इन खंडहरों को देखकर अल्लाह के अज़ाब से डरते हैं और अपनी ज़िंदगी को सुधार लेते हैं।
ये आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह तआला ने इतिहास में पिछली उम्मतों के साथ जो कुछ किया, उसे सिर्फ कहानी बनाकर नहीं छोड़ दिया, बल्कि उसके निशानात बाकी रखे ताकि हर दौर के लोग उनसे इबरत हासिल करें। हमें चाहिए कि हम इन निशानियों पर गौर करें और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक ढालें।
याद रखिए, अल्लाह तआला की ये निशानियाँ हमारे लिए रहमत हैं, क्योंकि इन्हें देखकर हम गुमराही से बच सकते हैं। जो लोग इनसे आँखें बंद कर लेते हैं, वो खुद अपने नुकसान का सामान करते हैं। अल्लाह हमें अक्लमंद बनाए और उसकी निशानियों से सबक हासिल करने की तौफीक दे। आमीन।
📜 आयत 33-37 — अल-अंकबूत
अनुवाद — अल-अंकबूत 35
सूरा अल-अंकबूत आयत 35 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हमने यक़ीनी उस (उलटी हुई बस्ती) में से समझदार…सूरा आयत 35/69 — अल-अंकबूत العنكبوت (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अंकबूत सुनें, अल-अंकबूत अनुवाद, अल-अंकबूत mp3, अल-अंकबूत pdf. आयत 33–37. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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