Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- حَاصِبًا (हासिबन): वह आँधी जो छोटे-छोटे पत्थरों को उड़ाकर लाती है।
- الصَّيْحَةُ (अस-सैहा): भयानक चीख़ या आकाशीय ध्वनि जिससे कान पट जाएँ और प्राण निकल जाएँ।
- خَسَفْنَا (ख़सफ़ना): हमने धरती में धँसा दिया।
- أَغْرَقْنَا (अग़रक़ना): हमने पानी में डुबोकर हलाक किया।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने इस आयत में उन गिरोहों का ज़िक्र किया है जिन्होंने अपने नबियों को झुठलाया और हरकतों से बाज़ न आए। अल्लाह ने हर एक को उसके गुनाह के हिसाब से पकड़ा — किसी को एक अज़ाब से, किसी को दूसरे अज़ाब से।
- क़ौमे-लूत (हज़रत लूत अलैहिस्सलाम की क़ौम) पर अल्लाह ने पत्थर बरसाने वाली आँधी भेजी, जिसने उन्हें तबाह कर दिया।
- क़ौमे-सालेह (समूद) और क़ौमे-शुऐब को भयानक चीख़ (सैहा) ने आ पकड़ा, जिससे उनके दिल फट गए और वे मर गए।
- क़ारून को, जो माल और ठाठ-बाट में इतराता था, अल्लाह ने उसके घर सहित ज़मीन में धँसा दिया।
- क़ौमे-नूह (हज़रत नूह अलैहिस्सलाम की क़ौम) और फ़िरऔन व उसके लोगों को पानी में डुबोकर हलाक किया गया।
अल्लाह तआला ने यह सब उनके अपने गुनाहों की वजह से किया। अल्लाह किसी पर ज़ुल्म नहीं करता — वह तो बिल्कुल न्यायी है। अगर वह किसी को सज़ा देता है, तो उसके अपने कर्मों के कारण। ये लोग ख़ुद अपनी नफ़्स पर ज़ुल्म कर रहे थे, क्योंकि उन्होंने अल्लाह की नेअमतों का कृतघ्नता से जवाब दिया, उसकी इबादत छोड़ दी और दूसरों की पूजा करने लगे।
दावती पहलू (नसीहत):
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है, लेकिन वह जल्दबाज़ी नहीं करता। वह मौका देता है, ताकि इंसान सुधर जाए। जो लोग अल्लाह के नबियों के पैग़ाम को ठुकराते हैं, वे अंजाम-ए-कार तबाह होते हैं। आज हमें चाहिए कि हम अल्लाह के हुक्मों पर अमल करें, अपने गुनाहों से तौबा करें और उस रास्ते पर चलें जो हमें जन्नत तक पहुँचाए। अल्लाह रहीम और ग़फ़ूर है — जो कोई उसकी ओर लौट आए, वह उसे माफ़ कर देता है। लेकिन जो सरकशी और ज़ुल्म पर अड़ा रहे, उसका अंजाम उन्हीं पिछली क़ौमों जैसा होगा। हमें इतिहास से सबक लेना चाहिए और अल्लाह की रहमत के दामन को थाम लेना चाहिए।
📜 आयत 38-42 — सूरा अल-अंकबूत
अनुवाद — अल-अंकबूत 40
सूरा अल-अंकबूत आयत 40 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो हमने सबको उनके गुनाह की सज़ा में ले डाला…सूरा आयत 40/69 — सूरा अल-अंकबूत العنكبوت (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अंकबूत सुनें, सूरा अल-अंकबूत अनुवाद, सूरा अल-अंकबूत mp3, सूरा अल-अंकबूत pdf. आयत 38–42. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अंकबूत
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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