Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- المعروف (अल-मारूफ़): वह अच्छा कार्य जिसे अक्ल (बुद्धि) और शरीअत (इस्लामी कानून) अच्छा ठहराएँ।
- المنكر (अल-मुनकर): वह बुरा कार्य जिसे अक्ल या शरीअत बुरा ठहराए।
- يسارعون (युसारिऊन): जल्दी करना, बिना देर किए आगे बढ़ना।
- الصالحين (अस-सालिहीन): वे लोग जिनके ईमान और अमल दोनों दुरुस्त हों।
तफसीर (व्याख्या):
ये लोग (अहले-किताब में से ईमान लाने वाले) अल्लाह और आख़िरत के दिन पर पक्का और अटल ईमान रखते हैं। वे लोगों को हर उस अच्छे काम का हुक्म देते हैं जो शरीअत और अक्ल की नज़र में भला हो, और हर उस बुरे काम से रोकते हैं जो गुनाह और नापसंदीदा हो। वे नेकियों में जल्दी करते हैं—जब भी उन्हें किसी भलाई की तरफ़ बुलाया जाता है, वे फौरन उस पर अमल करते हैं और इबादत के मौक़ों को ग़नीमत जानते हैं। यही लोग अल्लाह के नेक बंदे हैं, जिनकी नीयतें और कर्म दोनों सुधर गए हैं, और वे सालिहीन (नेक लोगों) की ज़मरात में शामिल हैं।
फ़ायदे (सबक):
- ईमान की बुनियाद: सच्चा ईमान अल्लाह और आख़िरत पर होना चाहिए—यही निजात की पहली शर्त है। जिसके दिल में यह ईमान हो, उसके अमल अपने आप सुधर जाते हैं।
- अमर बिल-मारूफ़ और नही अनिल-मुनकर: यह उम्मत का फ़र्ज़ है कि वह भलाई का हुक्म दे और बुराई से रोके। यही समाज को सुधारने का ज़रिया है और इसी से उम्मत की बेहतरी है।
- नेकियों में जल्दी: भलाई के कामों में देर नहीं करनी चाहिए। मौका मिलते ही उसे ग़नीमत जानकर अमल करना चाहिए, क्योंकि मौत कब आ जाए, कोई नहीं जानता।
- सालिहीन की पहचान: असली नेकी सिर्फ़ ज़ुबान से नहीं, बल्कि ईमान, अमल और अख़लाक़ के मिले-जुले होने से है। जो इन सिफ़ात पर क़ायम रहे, वही अल्लाह के पास नेक और पसंदीदा बंदा है।
- उम्मीद की किरण: यह आयत बताती है कि अहले-किताब में से भी जो लोग सच्चे दिल से ईमान लाए, वे मुसलमानों के भाई हैं और उन्हें भी अल्लाह की रहमत और नेकी का दर्जा मिलेगा। इससे पता चलता है कि इस्लाम दिलों को जोड़ने वाला दीन है, न कि फूट डालने वाला।
📜 आयत 112-116 — सूरा आल-इमरान
अनुवाद — आल-इमरान 114
सूरा आल-इमरान आयत 114 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : खुदा और रोज़े आख़ेरत पर ईमान रखते हैं और अच्छे…सूरा आयत 114/200 — सूरा आल-इमरान آل عمران (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा आल-इमरान सुनें, सूरा आल-इमरान अनुवाद, सूरा आल-इमरान mp3, सूरा आल-इमरान pdf. आयत 112–116. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा आल-इमरान
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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