Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- الْفُرْقَانَ: वह किताब (क़ुरआन) जो सत्य और असत्य, हलाल और हराम के बीच अंतर स्पष्ट करती है।
- عَزِيزٌ: अत्यंत प्रभुत्वशाली, जिसे कोई पराजित न कर सके।
- ذُو انتِقَامٍ: कठोर दंड देने वाला, जो अपराधियों को उनके कर्मों का बदला देता है।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने अपने नबी ﷺ पर क़ुरआन को सत्य के साथ उतारा, जो अपने से पहले की सभी दिव्य पुस्तकों की पुष्टि करता है। इससे पहले, अल्लाह ने मूसा (अलैहिस्सलाम) पर तौरात और ईसा (अलैहिस्सलाम) पर इंजील उतारी थी। ये सभी किताबें लोगों के लिए मार्गदर्शन और हिदायत थीं, ताकि वे अपने धर्म और दुनिया की भलाई को समझ सकें। फिर अल्लाह ने क़ुरआन (फुरक़ान) उतारा, जो सत्य और असत्य, ईमान और कुफ्र के बीच स्पष्ट अंतर करता है। जिन लोगों ने अल्लाह की इन आयतों और निशानियों को झुठलाया, उनके लिए कठोर और पीड़ादायक यातना है। अल्लाह सर्वशक्तिमान है, कोई उस पर प्रभुत्व नहीं जमा सकता, और वह उन लोगों से बदला लेने वाला है जो उसकी आयतों को अस्वीकार करते हैं और उसके रसूलों की अवज्ञा करते हैं।
फ़ायदे (उपदेश):
- क़ुरआन और पिछली दिव्य पुस्तकों के बीच कोई विरोध नहीं है; सभी एक ही स्रोत (अल्लाह) से हैं और सत्य की पुष्टि करती हैं।
- अल्लाह की हर किताब का उद्देश्य मानवता का मार्गदर्शन है, जो उनके धर्म और दुनिया दोनों की भलाई चाहता है।
- क़ुरआन को "फुरक़ान" कहना इस बात का प्रमाण है कि यह सत्य को असत्य से अलग करने का स्पष्ट मापदंड है, इसलिए हमें इसे अपने जीवन का आधार बनाना चाहिए।
- अल्लाह की आयतों को झुठलाना सबसे बड़ा अपराध है, जिसका परिणाम कठोर यातना है। यह हमें सावधान करता है कि हम क़ुरआन और उसकी शिक्षाओं को गंभीरता से लें।
- अल्लाह की शक्ति और उसका बदला लेने का गुण हमें सिखाता है कि हम उसकी अवज्ञा से डरें और उसकी रहमत की ओर लौटें, क्योंकि वह क्षमाशील भी है और दंड देने वाला भी।
📜 आयत 2-6 — सूरा आल-इमरान
अनुवाद — आल-इमरान 4
सूरा आल-इमरान आयत 4 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हक़ व बातिल में तमीज़ देने वाली किताब (कुरान)…सूरा आयत 4/200 — सूरा आल-इमरान آل عمران (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा आल-इमरान सुनें, सूरा आल-इमरान अनुवाद, सूरा आल-इमरान mp3, सूरा आल-इमरान pdf. आयत 2–6. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा आल-इमरान
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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