आल-इमरान · 4/200
अनुवाद उच्चारण — आल-इमरान
مِن قَبْلُ هُدًى لِّلنَّاسِ وَأَنزَلَ الْفُرْقَانَ ۗ إِنَّ الَّذِينَ كَفَرُوا بِآيَاتِ اللَّهِ لَهُمْ عَذَابٌ شَدِيدٌ ۗ وَاللَّهُ عَزِيزٌ ذُو انتِقَامٍ ۝٤
Min qablu hudal linnaasi wa anzalal Furqaan; innallazeena kafaroo bi Aayaatil laahi lahum `azaabun shadeed; wallaahu `azeezun zun tiqaam
📖 हिंदी अर्थ
और हक़ व बातिल में तमीज़ देने वाली किताब (कुरान) नाज़िल की बेशक जिन लोगों ने ख़ुदा की आयतों को न माना उनके लिए सख्त अज़ाब है और ख़ुदा हर चीज़ पर ग़ालिब बदला लेने वाला है
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • الْفُرْقَانَ: वह किताब (क़ुरआन) जो सत्य और असत्य, हलाल और हराम के बीच अंतर स्पष्ट करती है।
  • عَزِيزٌ: अत्यंत प्रभुत्वशाली, जिसे कोई पराजित न कर सके।
  • ذُو انتِقَامٍ: कठोर दंड देने वाला, जो अपराधियों को उनके कर्मों का बदला देता है।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला ने अपने नबी ﷺ पर क़ुरआन को सत्य के साथ उतारा, जो अपने से पहले की सभी दिव्य पुस्तकों की पुष्टि करता है। इससे पहले, अल्लाह ने मूसा (अलैहिस्सलाम) पर तौरात और ईसा (अलैहिस्सलाम) पर इंजील उतारी थी। ये सभी किताबें लोगों के लिए मार्गदर्शन और हिदायत थीं, ताकि वे अपने धर्म और दुनिया की भलाई को समझ सकें। फिर अल्लाह ने क़ुरआन (फुरक़ान) उतारा, जो सत्य और असत्य, ईमान और कुफ्र के बीच स्पष्ट अंतर करता है। जिन लोगों ने अल्लाह की इन आयतों और निशानियों को झुठलाया, उनके लिए कठोर और पीड़ादायक यातना है। अल्लाह सर्वशक्तिमान है, कोई उस पर प्रभुत्व नहीं जमा सकता, और वह उन लोगों से बदला लेने वाला है जो उसकी आयतों को अस्वीकार करते हैं और उसके रसूलों की अवज्ञा करते हैं।

फ़ायदे (उपदेश):

  1. क़ुरआन और पिछली दिव्य पुस्तकों के बीच कोई विरोध नहीं है; सभी एक ही स्रोत (अल्लाह) से हैं और सत्य की पुष्टि करती हैं।
  2. अल्लाह की हर किताब का उद्देश्य मानवता का मार्गदर्शन है, जो उनके धर्म और दुनिया दोनों की भलाई चाहता है।
  3. क़ुरआन को "फुरक़ान" कहना इस बात का प्रमाण है कि यह सत्य को असत्य से अलग करने का स्पष्ट मापदंड है, इसलिए हमें इसे अपने जीवन का आधार बनाना चाहिए।
  4. अल्लाह की आयतों को झुठलाना सबसे बड़ा अपराध है, जिसका परिणाम कठोर यातना है। यह हमें सावधान करता है कि हम क़ुरआन और उसकी शिक्षाओं को गंभीरता से लें।
  5. अल्लाह की शक्ति और उसका बदला लेने का गुण हमें सिखाता है कि हम उसकी अवज्ञा से डरें और उसकी रहमत की ओर लौटें, क्योंकि वह क्षमाशील भी है और दंड देने वाला भी।
🎧 सुनें

📜 आयत 2-6 — आल-इमरान

2اللَّهُ لَا إِلَٰهَ إِلَّا هُوَ الْحَيُّ الْقَيُّومُ
अल्लाह ही वह (ख़ुदा) है जिसके सिवा कोई क़ाबिले परस्तिश नहीं है वही ज़िन्दा (और) सारे जहान का सॅभालने वाला है
3نَزَّلَ عَلَيْكَ الْكِتَابَ بِالْحَقِّ مُصَدِّقًا لِّمَا بَيْنَ يَدَيْهِ وَأَنزَلَ التَّوْرَاةَ وَالْإِنجِيلَ
(ऐ रसूल) उसी ने तुम पर बरहक़ किताब नाज़िल की जो (आसमानी किताबें पहले से) उसके सामने मौजूद हैं उनकी तसदीक़ करती है और उसी ने उससे पहले लोगों की हिदायत के वास्ते तौरेत व इन्जील नाज़िल की
4مِن قَبْلُ هُدًى لِّلنَّاسِ وَأَنزَلَ الْفُرْقَانَ ۗ إِنَّ الَّذِينَ كَفَرُوا بِآيَاتِ اللَّهِ لَهُمْ عَذَابٌ شَدِيدٌ ۗ وَاللَّهُ عَزِيزٌ ذُو انتِقَامٍ
और हक़ व बातिल में तमीज़ देने वाली किताब (कुरान) नाज़िल की बेशक जिन लोगों ने ख़ुदा की आयतों को न माना उनके लिए सख्त अज़ाब है और ख़ुदा हर चीज़ पर ग़ालिब बदला लेने वाला है
5إِنَّ اللَّهَ لَا يَخْفَىٰ عَلَيْهِ شَيْءٌ فِي الْأَرْضِ وَلَا فِي السَّمَاءِ
बेशक ख़ुदा पर कोई चीज़ पोशीदा नहीं है (न) ज़मीन में न आसमान में
6هُوَ الَّذِي يُصَوِّرُكُمْ فِي الْأَرْحَامِ كَيْفَ يَشَاءُ ۚ لَا إِلَٰهَ إِلَّا هُوَ الْعَزِيزُ الْحَكِيمُ
वही तो वह ख़ुदा है जो माँ के पेट में तुम्हारी सूरत जैसी चाहता है बनाता हे उसके सिवा कोई माबूद नहीं
आल-इमरानकुरान सूची
200आयत
मदनीRevelation
4आयत

अनुवाद — आल-इमरान 4

सूरा आल-इमरान आयत 4 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हक़ व बातिल में तमीज़ देने वाली किताब (कुरान)…

सूरा आयत 4/200 — आल-इमरान آل عمران (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: आल-इमरान सुनें, आल-इमरान अनुवाद, आल-इमरान mp3, आल-इमरान pdf. आयत 2–6. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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