Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الْبِرَّ: नेकी, भलाई, और यहाँ इसका अर्थ जन्नत और नेक लोगों का दर्जा पाना है।
- تُنفِقُوا: खर्च करना, दान देना।
- مِمَّا تُحِبُّونَ: उन चीज़ों में से जो तुम्हें प्रिय हैं।
- عَلِيم: सब कुछ जानने वाला।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ ईमान वालों! तुम सच्ची नेकी और उसके पूरे दर्जे तक तब तक नहीं पहुँच सकते, जब तक कि तुम अपनी सबसे प्यारी और प्रिय चीज़ों में से अल्लाह की राह में खर्च न करो। यह एक बड़ी परीक्षा है — क्या तुम उस चीज़ को छोड़ सकते हो जो तुम्हारे दिल को सबसे ज़्यादा अज़ीज़ है? क्या तुम अपनी पसंदीदा चीज़ को अल्लाह की खातिर कुर्बान कर सकते हो?
यह आयत हमें सिखाती है कि नेकी का असली मक़ाम वहीं से शुरू होता है जहाँ हम अपनी पसंद से ऊपर अल्लाह की पसंद को रखते हैं। जब हम वह खर्च करते हैं जो हमें बहुत प्यारा है — चाहे वह धन हो, समय हो, या कोई और चीज़ — तभी हमारी नेकी असली बनती है। यही वह चीज़ है जो हमें जन्नत के करीब ले जाती है।
फिर अल्लाह तआला हमें आश्वस्त करता है: तुम जो भी खर्च करोगे — चाहे वह थोड़ा हो या बहुत — अल्लाह उसे पूरी तरह जानता है। वह तुम्हारी नीयत को देखता है, तुम्हारे काम को देखता है, और उसका हिसाब रखता है। कोई भी दान, चाहे वह कितना भी छोटा क्यों न हो, अल्लाह की नज़र से छिपा नहीं है। वह हर चीज़ का बदला देने वाला है — और उसका बदला बहुत बड़ा है।
याद रखो, अल्लाह को तुम्हारे धन की ज़रूरत नहीं है, बल्कि उसे तुम्हारे दिल की सच्चाई और तुम्हारी नीयत की पवित्रता की परख है। जब तुम अपनी पसंदीदा चीज़ को अल्लाह की राह में देते हो, तो तुम वास्तव में अपने आपको बड़ा बनाते हो — क्योंकि तुम दुनिया की मोहब्बत से ऊपर उठकर अल्लाह की मोहब्बत को चुनते हो।
यह आयत हमें बताती है कि इस्लाम में दान का महत्व सिर्फ पैसे देने से नहीं है, बल्कि दिल की गहराई से देने से है। जो व्यक्ति अपनी सबसे प्यारी चीज़ को अल्लाह की राह में खर्च करता है, वह उस मुकाम पर पहुँचता है जहाँ नेकियाँ उसका साथ देती हैं और जन्नत उसका इंतज़ार करती है।
तो आज ही सोचिए — आपके पास सबसे प्यारी चीज़ क्या है? क्या आप उसे अल्लाह की राह में देने के लिए तैयार हैं? याद रखिए, जो आप अल्लाह की राह में खर्च करते हैं, वह कभी ज़ाया नहीं होता — अल्लाह उसे कई गुना बढ़ाकर लौटाता है, और उसका इनाम आपके लिए हमेशा के लिए सुरक्षित रहता है।
📜 आयत 90-94 — सूरा आल-इमरान
अनुवाद — आल-इमरान 92
सूरा आल-इमरान आयत 92 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (लोगों) जब तक तुम अपनी पसन्दीदा चीज़ों में से कुछ…सूरा आयत 92/200 — सूरा आल-इमरान آل عمران (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा आल-इमरान सुनें, सूरा आल-इमरान अनुवाद, सूरा आल-इमरान mp3, सूरा आल-इमरान pdf. आयत 90–94. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा आल-इमरान
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


