अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- आयात: निशानियाँ, सबूत, दलीलें
- خَلَقَكُم: उसने तुम्हें पैदा किया (यहाँ तुम्हारे मूल यानी आदम अलैहिस्सलाम का ज़िक्र है)
- مِن تُرَاب: मिट्टी से
- تَنتَشِرُونَ: फैलते हो, पृथ्वी पर फैल जाते हो
तफ़सीर:
अल्लाह तआला अपनी बेपनाह क़ुदरत और वहदानियत की उन निशानियों का ज़िक्र कर रहा है जो उसकी अज़मत और कमाल ताक़त पर दलालत करती हैं। उन्हीं निशानियों में से एक यह अज़ीम निशानी है कि उसने तुम्हें मिट्टी से पैदा किया। यानी तुम्हारे आदिम मूल यानी हज़रत आदम अलैहिस्सलाम को मिट्टी से बनाया, फिर उसमें रूह फूँकी और उसे ज़िंदगी अता की। और अब देखो कि तुम इंसान बनकर पृथ्वी के कोने-कोने में फैल गए हो, पूर्व और पश्चिम की तरफ़ निकल पड़े हो, अल्लाह की रिज़्क़ की तलाश में इधर-उधर भागते हो, और अपनी नस्लों को बढ़ाते जा रहे हो।
यह एक बेहद हैरतअंगेज़ मंज़र है कि बेजान मिट्टी से ज़िंदा इंसान बनाया गया। यही अल्लाह की क़ुदरत की सबसे बड़ी दलील है कि जिसने मिट्टी से इंसान को पैदा किया, वही उसे दोबारा ज़िंदा करके उठाने पर भी पूरी तरह क़ादिर है। जब वह पहली बार पैदा कर सकता है तो दोबारा पैदा करना उसके लिए और भी आसान है।
इस आयत में इंसान के लिए बड़ी सीख और इबरत है। जब तुम अपनी पैदाइश पर ग़ौर करो कि तुम्हारी शुरुआत मिट्टी से हुई, तो तुम्हें अपने अंदर ग़ुरूर और घमंड नहीं आना चाहिए। तुम्हारी असलियत मिट्टी है, और तुम्हें एक दिन फिर मिट्टी में मिल जाना है। यह सोचकर इंसान को अल्लाह के सामने झुकना चाहिए, उसकी इबादत करनी चाहिए और उसके हुक्मों की पैरवी करनी चाहिए।
यह आयत हमें अल्लाह की तरफ़ रुजू करने की तरग़ीब देती है। जिस अल्लाह ने हमें मिट्टी से पैदा करके यह शानदार ज़िंदगी अता की, उसका शुक्र अदा करना हमारा फ़र्ज़ है। हमें चाहिए कि इस नेमत पर अल्लाह का शुक्र बजा लाएँ, उसकी इबादत में अपनी ज़िंदगी गुज़ारें, और उस रास्ते पर चलें जो उसने अपने नबी ﷺ के ज़रिए हमें दिखाया है। यही हमारी कामयाबी और नजात का ज़रिया है।
📜 आयत 18-22 — अर-रूम
अनुवाद — अर-रूम 20
सूरा अर-रूम आयत 20 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उस (की कुदरत) की निशानियों में ये भी है…सूरा आयत 20/60 — अर-रूम الروم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अर-रूम सुनें, अर-रूम अनुवाद, अर-रूम mp3, अर-रूम pdf. आयत 18–22. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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