अर-रूम · 19/60
अनुवाद उच्चारण — अर-रूम
يُخْرِجُ الْحَيَّ مِنَ الْمَيِّتِ وَيُخْرِجُ الْمَيِّتَ مِنَ الْحَيِّ وَيُحْيِي الْأَرْضَ بَعْدَ مَوْتِهَا ۚ وَكَذَٰلِكَ تُخْرَجُونَ ۝١٩
Yukhrijul haiya minal maiyiti wa yukhrijul maiyita minal haiyi wa yuhyil arda ba`da mawtihaa; wa kazaalika tukhrajoon
📖 हिंदी अर्थ
वही ज़िन्दा को मुर्दे से निकालता है और वही मुर्दे को जिन्दा से पैदा करता है और ज़मीन को मरने (परती होने) के बाद ज़िन्दा (आबाद) करता है और इसी तरह तुम लोग भी (मरने के बाद निकाले जाओगे)

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • يُخْرِجُ الْحَيَّ مِنَ الْمَيِّتِ: जीवित को मृत से निकालता है।
  • وَيُخْرِجُ الْمَيِّتَ مِنَ الْحَيِّ: और मृत को जीवित से निकालता है।
  • وَيُحْيِي الْأَرْضَ بَعْدَ مَوْتِهَا: और वह धरती को उसकी मृत्यु (सूखेपन) के बाद जीवित करता है।
  • تُخْرَجُونَ: तुम निकाले जाओगे (क़ब्रों से उठाए जाओगे)।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला अपनी क़ुदरत (शक्ति) के वे नमूने पेश कर रहा है जो हर पल हमारी आँखों के सामने घटित होते हैं। वह जीवित को मृत से निकालता है — जैसे इंसान को नुत्फ़े (वीर्य की बूंद) से, और चिड़िया को अंडे से पैदा करता है। और वह मृत को जीवित से निकालता है — जैसे नुत्फ़े को इंसान से और अंडे को चिड़िया से। यानी जीवन और मृत्यु का यह चक्र पूरी तरह उसी के हाथ में है।

फिर अल्लाह एक और बड़ी निशानी बयान करता है: वह सूखी, बंजर और मुर्दा धरती को बारिश के ज़रिए जीवित कर देता है, और उसमें से हरी-भरी वनस्पति उगा देता है। जो ज़मीन कल तक बिल्कुल बेजान पड़ी थी, आज वही ज़मीन हरियाली से लहलहा उठती है। यह अल्लाह की उसी क़ुदरत का सबूत है।

और फिर अल्लाह फ़रमाता है: "ऐसा ही तुम भी (क़ब्रों से) निकाले जाओगे।" जिस तरह वह मुर्दा धरती को जीवित करता है, और जिस तरह वह जीवित को मृत से और मृत को जीवित से निकालता है, उसी तरह वह तुम्हें भी तुम्हारी क़ब्रों से ज़िंदा करके निकालेगा। यह कोई मुश्किल काम नहीं, क्योंकि जिसने पहली बार पैदा किया, वह दोबारा पैदा करने पर भी पूरी तरह क़ादिर (सक्षम) है।

यह आयत हमें सिखाती है कि मौत अंत नहीं है, बल्कि एक नई ज़िंदगी की शुरुआत है। जो अल्लाह हर बसंत में सूखी धरती को जीवित करता है, वही अल्लाह क़यामत के दिन हमें भी ज़िंदा करके उठाएगा। इसलिए हमें अपनी ज़िंदगी को इस तरह गुज़ारना चाहिए कि उस दिन हम कामयाब हों। यह हमारे लिए सबसे बड़ी ख़ुशख़बरी है — कि मौत के बाद भी एक बेहतर ज़िंदगी है, जहाँ अल्लाह अपने नेक बंदों को जन्नत की नेअमतों से नवाज़ेगा।



📜 आयत 17-21 — अर-रूम

17فَسُبْحَانَ اللَّهِ حِينَ تُمْسُونَ وَحِينَ تُصْبِحُونَ
फिर जिस वक्त तुम लोगों की शाम हो और जिस वक्त तुम्हारी सुबह हो ख़ुदा की पाकीज़गी ज़ाहिर करो
18وَلَهُ الْحَمْدُ فِي السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ وَعَشِيًّا وَحِينَ تُظْهِرُونَ
और सारे आसमान व ज़मीन में तीसरे पहर को और जिस वक्त तुम लोगों की दोपहर हो जाए वही क़ाबिले तारीफ़ है
19يُخْرِجُ الْحَيَّ مِنَ الْمَيِّتِ وَيُخْرِجُ الْمَيِّتَ مِنَ الْحَيِّ وَيُحْيِي الْأَرْضَ بَعْدَ مَوْتِهَا ۚ وَكَذَٰلِكَ تُخْرَجُونَ
वही ज़िन्दा को मुर्दे से निकालता है और वही मुर्दे को जिन्दा से पैदा करता है और ज़मीन को मरने (परती होने) के बाद ज़िन्दा (आबाद) करता है और इसी तरह तुम लोग भी (मरने के बाद निकाले जाओगे)
20وَمِنْ آيَاتِهِ أَنْ خَلَقَكُم مِّن تُرَابٍ ثُمَّ إِذَا أَنتُم بَشَرٌ تَنتَشِرُونَ
और उस (की कुदरत) की निशानियों में ये भी है कि उसने तुमको मिट्टी से पैदा किया फिर यकायक तुम आदमी बनकर (ज़मीन पर) चलने फिरने लगे
21وَمِنْ آيَاتِهِ أَنْ خَلَقَ لَكُم مِّنْ أَنفُسِكُمْ أَزْوَاجًا لِّتَسْكُنُوا إِلَيْهَا وَجَعَلَ بَيْنَكُم مَّوَدَّةً وَرَحْمَةً ۚ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَآيَاتٍ لِّقَوْمٍ يَتَفَكَّرُونَ
और उसी की (क़ुदरत) की निशानियों में से एक ये (भी) है कि उसने तुम्हारे वास्ते तुम्हारी ही जिन्स की बीवियाँ पैदा की ताकि तुम उनके साथ रहकर चैन करो और तुम लोगों के दरमेयान प्यार और उलफ़त पैदा कर दी इसमें शक नहीं कि इसमें ग़ौर करने वालों के वास्ते (क़ुदरते ख़ुदा की) यक़ीनी बहुत सी निशानियाँ हैं
अर-रूमकुरान सूची
60आयत
मक्कीRevelation
19आयत

अनुवाद — अर-रूम 19

सूरा अर-रूम आयत 19 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : वही ज़िन्दा को मुर्दे से निकालता है और वही मुर्दे…

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Wednesday, August 19, 2026

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