अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تَنزِيلُ (तन्ज़ील): उतारा गया, अवतरित किया गया।
- الْكِتَابِ (अल-किताब): यहाँ पर क़ुरआन माजिद।
- لَا رَيْبَ (ला रैब): कोई संदेह नहीं, कोई शक नहीं।
- مِن رَّبِّ الْعَالَمِينَ (मिन रब्बिल आलमीन): सारे जहानों के पालनहार की ओर से।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत क़ुरआन माजीद की अज़मत और उसके ईलाही होने का एलान करती है। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि यह किताब (क़ुरआन) जो मुहम्मद ﷺ पर उतारी गई है, यह रब्बुल आलमीन की तरफ़ से नाज़िल हुई है। इसमें कोई शक-शुबहा नहीं, कोई संदेह नहीं। यह कोई इंसानी कलाम नहीं, बल्कि उस ख़ालिक का कलाम है जो सारे जहानों का पालनहार है — आसमानों और ज़मीन का, इंसानों, फ़रिश्तों और जिन्नात का, और हर उस चीज़ का मालिक है जो इस कायनात में मौजूद है।
यह किताब अपने अंदर ऐसा अजूबा (चमत्कार) रखती है कि कोई भी समझदार इंसान उसे पढ़कर यह नहीं कह सकता कि यह किसी इंसान का बनाया हुआ है। इसकी फ़साहत (भाषा की सुंदरता), बलाग़त (वाक्पटुता), और उसके पैग़ाम की सच्चाई — ये सब इस बात की गवाही देते हैं कि यह अल्लाह की तरफ़ से है। जो कोई भी ग़ौर और फ़िक्र से इस किताब को पढ़ता है, उसे यक़ीन हो जाता है कि यह किसी मख़लूक़ का कलाम नहीं हो सकता।
इस आयत में अल्लाह तआला ने "لَا رَيْبَ فِيهِ" (इसमें कोई संदेह नहीं) फ़रमाकर एक तरफ़ तो मोमिनीन के दिलों को मज़बूत किया है कि उनका ईमान किसी शक पर नहीं बल्कि हक़ और यक़ीन पर क़ायम है, और दूसरी तरफ़ उन लोगों को भी चुनौती दी है जो इस किताब में शक करते हैं कि अगर तुम्हें शक है तो इस जैसी एक सूरत लेकर आओ — और यह चुनौती क़यामत तक क़ायम है।
प्यारे भाइयो और बहनो! यह आयत हमें सिखाती है कि क़ुरआन हमारे लिए सिर्फ़ एक किताब नहीं, बल्कि हिदायत का ज़रिया है। जो इसे पकड़ लेता है, वह कभी गुमराह नहीं हो सकता। जो इस पर अमल करता है, उसकी ज़िंदगी रोशन हो जाती है। यह किताब हमारे रब की तरफ़ से है — और रब जो कुछ भी भेजता है, वह इंसान की भलाई के लिए ही होता है। इसलिए हमें चाहिए कि इस किताब को सिर्फ़ पढ़ें ही नहीं, बल्कि समझें, उस पर अमल करें और उसे अपनी ज़िंदगी का नक़्शा बनाएँ। यही हमारी कामयाबी है — दुनिया में भी और आख़िरत में भी।
📜 आयत 1-4 — अस-सजदा
अनुवाद — अस-सजदा 2
सूरा अस-सजदा आयत 2 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : इसमे कुछ शक नहीं कि किताब क़ुरान का नाज़िल करना…सूरा आयत 2/30 — अस-सजदा السجدة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-सजदा सुनें, अस-सजदा अनुवाद, अस-सजदा mp3, अस-सजदा pdf. आयत 1–4. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








