अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- اذْكُرُوا اللَّهَ: अल्लाह को याद करो, उसका ज़िक्र करो।
- ذِكْرًا كَثِيرًا: बहुत अधिक, अत्यधिक मात्रा में।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ ईमान लाने वालों! तुम जिन्होंने अल्लाह और उसके रसूल को दिल से स्वीकार किया और उसके आदेशों पर चलने का संकल्प किया, अल्लाह को बहुत अधिक याद करो। यह ज़िक्र केवल ज़ुबान तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि दिल, ज़ुबान और हर अंग के साथ होना चाहिए। अल्लाह की याद को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बना लो—सुबह-शाम, खड़े-बैठे, चलते-फिरते, हर हालत में। जब तुम सुबह उठो तो अल्लाह को याद करो, जब रात को सोओ तो उसे याद करो, नमाज़ के बाद, काम के दौरान, खुशी और गम में—हर पल उसका नाम लो।
अल्लाह की याद का अर्थ केवल "सुब्हानअल्लाह" या "अल्हम्दुलिल्लाह" कहना नहीं है, बल्कि यह है कि तुम्हारा दिल हमेशा उसकी महानता, उसकी रहमत, उसके इनाम और उसकी पकड़ से जुड़ा रहे। तुम उसकी तारीफ करो, उसकी पवित्रता का वर्णन करो, उसकी बड़ाई बयान करो और उसकी पाकी बयान करो—हर अवस्था में, हर परिस्थिति में।
यह ज़िक्र तुम्हें अल्लाह की मुहब्बत की ओर ले जाता है। जब कोई व्यक्ति किसी से प्रेम करता है, तो वह उसे बार-बार याद करता है। अल्लाह की याद दिल को सुकून देती है, ज़ुबान को गुनाहों से बचाती है और तुम्हें हर अच्छे काम में मदद करती है। यह तुम्हारे लिए एक ढाल है जो तुम्हें बुराई से बचाती है और तुम्हें अच्छाई की राह पर चलाती है।
याद रखो, अल्लाह की याद ही वह चीज़ है जो तुम्हारे दिल को जीवित रखती है। जिस दिल में अल्लाह की याद नहीं, वह दिल मुर्दा है। इसलिए अपने जीवन को इस याद से रोशन करो, क्योंकि यही तुम्हारी सफलता और आख़िरत की भलाई का ज़रिया है। अल्लाह उन लोगों से प्रेम करता है जो उसे बहुत याद करते हैं, और उनके लिए उसकी रहमत और मग़फिरत के दरवाज़े खोल देता है।
📜 आयत 39-43 — अल-अहज़ाब
अनुवाद — अल-अहज़ाब 41
सूरा अल-अहज़ाब आयत 41 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐ ईमानवालों बाकसरत खुदा की याद किया करो औरसूरा आयत 41/73 — अल-अहज़ाब الأحزاب (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अहज़ाब सुनें, अल-अहज़ाब अनुवाद, अल-अहज़ाब mp3, अल-अहज़ाब pdf. आयत 39–43. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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