अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- غُدُوّ: सुबह का समय, प्रातःकाल।
- رَوَاح: शाम का समय, सायंकाल।
- عَيْنَ الْقِطْر: ताँबे का स्रोत या खदान, जिसे पिघलाकर बहाया गया।
- أَسَلْنَا: हमने बहाया या पिघलाकर जारी किया।
- يَزِغْ: विचलित होना, भटक जाना, आज्ञा से हट जाना।
- السَّعِير: भड़कती हुई आग, प्रज्वलित अग्नि।
तफसीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने अपने नबी हज़रत सुलेमान (अलैहिस्सलाम) पर जो महान अनुग्रह किए, उनमें से एक यह था कि उन्होंने हवा को उनके अधीन कर दिया। हवा सुबह के समय इतनी दूरी तय करती थी जितनी एक महीने की यात्रा में तय की जाती है, और शाम के समय भी उतनी ही दूरी तय करती थी। इसका मतलब यह है कि हज़रत सुलेमान (अलैहिस्सलाम) सुबह एक शहर से चलते थे और शाम तक उतनी दूरी तय कर लेते थे जितनी सामान्य रूप से एक महीने में तय होती है। यह अल्लाह की ओर से एक विशेष करामत और मो'जिज़ा था।
इसके अलावा, अल्लाह ने उनके लिए ताँबे का स्रोत बहा दिया, यानी ताँबे को पिघलाकर पानी की तरह बहने योग्य बना दिया, ताकि वे उससे जो चाहें बना सकें—चाहे बर्तन हों, हथियार हों या कोई और चीज़। यह भी एक अद्भुत शक्ति थी जो अल्लाह ने उन्हें प्रदान की।
और अल्लाह ने जिन्नात में से कुछ को उनके अधीन कर दिया, जो उनके सामने उनके आदेश से काम करते थे। ये जिन्न उनके लिए इमारतें बनाते थे, मूर्तियाँ तराशते थे, और अन्य कठिन कार्य करते थे। लेकिन यह सब अल्लाह की अनुमति से होता था, क्योंकि अल्लाह ने ही उन्हें सुलेमान (अलैहिस्सलाम) के अधीन किया था।
फिर अल्लाह ने चेतावनी दी कि इन जिन्नों में से जो कोई भी हमारे आदेश से विचलित होगा, यानी सुलेमान (अलैहिस्सलाम) की आज्ञा का उल्लंघन करेगा या उनकी अवज्ञा करेगा, तो हम उसे भड़कती हुई आग का अज़ाब चखाएँगे। यह अज़ाब आख़िरत में होगा, और यह अल्लाह का न्याय है कि जो उसके आदेश की अवहेलना करे, उसे सज़ा मिले।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह तआला जिसे चाहता है, अपनी विशेष शक्तियाँ और नेमतें प्रदान करता है। हज़रत सुलेमान (अलैहिस्सलाम) को मिली ये नेमतें उनकी नबुव्वत की सच्चाई की गवाह हैं। साथ ही, यह हमें याद दिलाती है कि अल्लाह की आज्ञा का पालन करना कितना महत्वपूर्ण है। जिसने भी अल्लाह के आदेश की अवहेलना की, उसे कठोर सज़ा का सामना करना पड़ेगा। इसलिए हमें चाहिए कि हम अल्लाह के आदेशों का पालन करें और उसके रसूलों की सुन्नत पर चलें, ताकि हम दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब हों। अल्लाह की नेमतें असीम हैं, और वह अपने वफ़ादार बंदों को हमेशा नवाज़ता है।
📜 आयत 10-14 — सबा
अनुवाद — सबा 12
सूरा सबा आयत 12 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हवा को सुलेमान का (ताबेइदार बना दिया था) कि…सूरा आयत 12/54 — सबा سبأ (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सबा सुनें, सबा अनुवाद, सबा mp3, सबा pdf. आयत 10–14. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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