अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- عَذْبٌ فُرَاتٌ: अत्यंत मीठा और प्यास बुझाने वाला।
- سَائِغٌ شَرَابُهُ: जिसका पीना आसान और गले से उतरने में सरल हो।
- مِلْحٌ أُجَاجٌ: अत्यधिक नमकीन और कड़वा, जिसे पीना असंभव हो।
- مَوَاخِرَ: समुद्र को चीरती हुई (नावें)।
तफसीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला अपनी कुदरत के अज़ीम नमूनों की तरफ हमारा ध्यान दिलाते हुए फ़रमाता है कि दो समुद्र (पानी के भंडार) कभी एक जैसे नहीं हो सकते। एक समुद्र मीठा और अत्यंत स्वादिष्ट होता है, जो प्यास बुझाता है और जिसे पीना गले के लिए आसान और खुशगवार होता है। दूसरा समुद्र खारा और कड़वा होता है, जो पीने के लिए बिल्कुल अच्छा नहीं होता। लेकिन अल्लाह की रहमत और कुदरत का करिश्मा देखिए कि इन दोनों समुद्रों से ही इंसान को फायदे पहुँचते हैं। दोनों से तुम ताज़ा और नर्म मछली खाते हो, जो खाने में बेहद लज़ीज़ होती है। और खारे समुद्र से तुम मोती और मूंगा (प्रवाल) निकालते हो, जिन्हें तुम ज़ेवर के तौर पर पहनते हो। यह अल्लाह की बड़ी नेमत है कि उसने समुद्र को इंसान के लिए रिज़्क़ और ज़ीनत का ज़रिया बनाया।
और तुम देखते हो कि बड़ी-बड़ी नावें और जहाज़ समुद्र में चलते हैं, पानी को चीरती हुई, अपने सफर पर जाती और आती हैं। यह सब अल्लाह के इशारे और उसकी ताक़त से होता है, ताकि तुम उसका फज़ल (रिज़्क़) तलाश करो — व्यापार और दूसरे ज़रूरी कामों के लिए सफर करो। और यह सब कुछ इसलिए है कि तुम अल्लाह का शुक्र अदा करो, उसकी नेमतों को पहचानो और उसकी इबादत में लगे रहो।
यहाँ अल्लाह तआला हमें सोचने की दावत देता है कि जिस तरह मीठा और खारा पानी एक जैसे नहीं होते, लेकिन दोनों में इंसान के लिए फायदे रखे गए हैं, उसी तरह मोमिन और काफिर भी एक जैसे नहीं हैं। मोमिन का दिल ईमान की मिठास से भरा होता है, जबकि काफिर का दिल कुफ्र की कड़वाहट में डूबा होता है। लेकिन अल्लाह की रहमत यह है कि वह हर इंसान को हिदायत का रास्ता दिखाता है और तौबा करने वालों को माफ कर देता है।
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि अल्लाह की कुदरत के नज़ारों पर गौर करें, उसकी नेमतों का शुक्र अदा करें, और अपनी ज़िंदगी को उसकी रज़ा के मुताबिक बनाएं। समुद्र की ये नेमतें हमें याद दिलाती हैं कि अल्लाह जिस पर चाहे रिज़्क़ खोल देता है और वही सब कुछ करने पर कादिर है। हमें चाहिए कि इन नेमतों को देखकर अल्लाह की तारीफ करें और उसके बताए रास्ते पर चलें, ताकि दुनिया और आखिरत दोनों में कामयाबी हासिल हो।
📜 आयत 10-14 — फातिर
अनुवाद — फातिर 12
सूरा फातिर आयत 12 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (उसकी कुदरत देखो) दो समन्दर बावजूद मिल जाने के यकसाँ…सूरा आयत 12/45 — फातिर فاطر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: फातिर सुनें, फातिर अनुवाद, फातिर mp3, फातिर pdf. आयत 10–14. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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