Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يُولِجُ: दाखिल करता है, प्रवेश कराता है।
- قِطْمِيرٍ: खजूर की गुठली के ऊपर की पतली सफेद झिल्ली।
तफसीर:
अल्लाह तआला अपनी कुदरत के वो नज़ारे दिखा रहा है जो हर पल हमारी आँखों के सामने होते हैं। वह रात को दिन में दाखिल करता है, यानी जितना हिस्सा रात से घटता है, उतना दिन में बढ़ जाता है। और दिन को रात में दाखिल करता है, यानी जितना दिन से घटता है, उतना रात में बढ़ जाता है। इस तरह मौसम और समय का यह सिलसिला लगातार चलता रहता है। यह कोई इत्तफ़ाक़ नहीं, बल्कि अल्लाह की तरफ से तय किया हुआ निज़ाम है।
उसी ने सूरज और चाँद को तुम्हारे लिए मुसख़्खर (वश में) कर रखा है। दोनों अपनी-अपनी मंज़िल की तरफ बड़े नियम और अनुशासन के साथ चल रहे हैं। यह सिलसिला एक मुक़र्रर वक़्त तक जारी रहेगा, जिसे अल्लाह ही जानता है। यह वक़्त क़यामत का दिन है, जब यह पूरा निज़ाम खत्म हो जाएगा और एक नई दुनिया का आग़ाज़ होगा।
यह सब कुछ करने वाला अल्लाह ही है। वही तुम्हारा रब है, और उसी की सल्तनत है। सारी कायनात उसी के हुक्म में चल रही है। लेकिन अफ़सोस! तुम लोग उसके बजाय उन चीज़ों को पुकारते हो, जो न तो कुछ पैदा कर सकती हैं और न ही किसी चीज़ की मालिक हैं। वे तो खजूर की गुठली पर चढ़ी हुई उस बारीक झिल्ली के भी मालिक नहीं हैं, जो बेहद हक़ीर और बेक़दर होती है। तो फिर तुम उन्हें अपना रब कैसे बना सकते हो? क्या यह तुम्हारी अक़्ल का तक़ाज़ा है?
यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि जिस रब ने रात और दिन का यह शानदार निज़ाम बनाया, सूरज और चाँद को ताबेदार बनाया, क्या वह तुम्हारी इबादत का हक़दार नहीं? क्या उसके सिवा कोई और है जो तुम्हें ये नेअमतें दे सके? यही वह रब है जो अपने बंदों से मुहब्बत करता है और उन्हें सीधी राह दिखाना चाहता है। जो लोग उसे छोड़कर दूसरों को पुकारते हैं, वह सिर्फ़ अपना नुक़सान करते हैं। अल्लाह तआला ने हमें यह समझाया है ताकि हम सिर्फ़ उसी की इबादत करें, उसी से मदद माँगें और उसी की रहमत के उम्मीदवार बनें। यही हमारी कामयाबी की कुंजी है।
📜 आयत 11-15 — सूरा फातिर
अनुवाद — फातिर 13
सूरा फातिर आयत 13 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : वही रात को (बढ़ा के) दिन में दाख़िल करता है…सूरा आयत 13/45 — सूरा फातिर فاطر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा फातिर सुनें, सूरा फातिर अनुवाद, सूरा फातिर mp3, सूरा फातिर pdf. आयत 11–15. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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