अस-साफ्फात · 6/182
अनुवाद उच्चारण — सूरा अस-साफ्फात
إِنَّا زَيَّنَّا السَّمَاءَ الدُّنْيَا بِزِينَةٍ الْكَوَاكِبِ ۝٦
Innaa zaiyannas samaaa `ad dunyaa bizeenatinil kawaakib
📖 हिंदी अर्थ
और (चाँद सूरज तारे के) तुलूउ व (गुरूब) के मक़ामात का भी मालिक है हम ही ने नीचे वाले आसमान को तारों की आरइश (जगमगाहट) से आरास्ता किया

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • زَيَّنَّا: हमने सुंदर बनाया, सजाया।
  • السَّمَاءَ الدُّنْيَا: सबसे निकट वाला आकाश (पहला आसमान)।
  • بِزِينَةٍ الْكَوَاكِبِ: सितारों/तारों की सजावट से।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला अपनी असीम शक्ति और कलात्मक सुंदरता का परिचय देते हुए फ़रमाता है कि हमने ही इस निकटतम आकाश को सितारों की चमकती हुई सजावट से सुशोभित किया है। ये तारे, जो रात के अंधेरे में जगमगाते हैं, केवल संयोग से नहीं बने, बल्कि ये अल्लाह की कुदरत का अद्भुत नमूना हैं। ये सितारे आकाश की शोभा बढ़ाते हैं, जैसे किसी महल को बहुमूल्य जवाहरात से सजाया जाता है। यह सजावट सिर्फ आँखों की खुशी के लिए नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरी हिकमतें हैं — ये राह दिखाने वाले निशान हैं, ज़मीन और समुद्र में सफ़र करने वालों के लिए मार्गदर्शक हैं, और आसमान की बुलंदियों पर अल्लाह की अज़मत की गवाही देते हैं।

जब इंसान रात को आसमान की ओर देखता है और इन चमकते सितारों को देखता है, तो उसका दिल अल्लाह की महानता से भर जाता है। यह दृश्य हमें याद दिलाता है कि जिस रब ने इन अनगिनत तारों को सजाया है, वही हमारी ज़िंदगी के हर पल का इंतज़ाम कर रहा है। यह सजावट हमारे लिए एक नेमत है — कि हम उसके क़ुदरत के नज़ारों से लुत्फ़ उठाएँ और उसकी याद में डूब जाएँ। यह आयत हमें सिखाती है कि जिस अल्लाह ने आसमान को इतनी खूबसूरती से सजाया है, वह अपने बंदों को कभी अकेला नहीं छोड़ता। वह हर पल हमारे साथ है, हमारी हर ज़रूरत को जानता है और हमारी हर दुआ को सुनता है।

यह दृश्य हमें बताता है कि यह दुनिया और इसकी सजावट फ़ानी है, लेकिन अल्लाह की याद और उसकी इबादत ही असली सुकून है। जब हम इन सितारों को देखें, तो हमें अपने रब की तारीफ़ करनी चाहिए और उसका शुक्र अदा करना चाहिए कि उसने हमें इतनी खूबसूरत दुनिया में रखा है और हमें सही रास्ता दिखाने के लिए क़ुरआन जैसी नेमत अता की है। यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि जिस तरह अल्लाह ने आसमान को सितारों से सजाया है, उसी तरह हमें अपने दिलों को ईमान और अच्छे आमाल से सजाना चाहिए, ताकि हम उसकी रहमत के हक़दार बन सकें।



📜 आयत 4-8 — सूरा अस-साफ्फात

4إِنَّ إِلَٰهَكُمْ لَوَاحِدٌ
तुम्हारा माबूद (यक़ीनी) एक ही है
5رَّبُّ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ وَمَا بَيْنَهُمَا وَرَبُّ الْمَشَارِقِ
जो सारे आसमान ज़मीन का और जो कुछ इन दोनों के दरमियान है (सबका) परवरदिगार है
6إِنَّا زَيَّنَّا السَّمَاءَ الدُّنْيَا بِزِينَةٍ الْكَوَاكِبِ
और (चाँद सूरज तारे के) तुलूउ व (गुरूब) के मक़ामात का भी मालिक है हम ही ने नीचे वाले आसमान को तारों की आरइश (जगमगाहट) से आरास्ता किया
7وَحِفْظًا مِّن كُلِّ شَيْطَانٍ مَّارِدٍ
और (तारों को) हर सरकश शैतान से हिफ़ाज़त के वास्ते (भी पैदा किया)
8لَّا يَسَّمَّعُونَ إِلَى الْمَلَإِ الْأَعْلَىٰ وَيُقْذَفُونَ مِن كُلِّ جَانِبٍ
कि अब शैतान आलमे बाला की तरफ़ कान भी नहीं लगा सकते और (जहाँ सुन गुन लेना चाहा तो) हर तरफ़ से खदेड़ने के लिए शहाब फेके जाते हैं
अस-साफ्फातकुरान सूची
182आयत
मक्कीअवतरण स्थान
6आयत

अनुवाद — अस-साफ्फात 6

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सूरा आयत 6/182 — सूरा अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अस-साफ्फात सुनें, सूरा अस-साफ्फात अनुवाद, सूरा अस-साफ्फात mp3, सूरा अस-साफ्फात pdf. आयत 4–8. हिंदी अर्थ: اردو.





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Friday, October 2, 2026

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