अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- حِفْظًا: सुरक्षा, हिफ़ाज़त।
- شَيْطَانٍ مَّارِدٍ: सरकश, सिरकश और अत्याचारी शैतान, जो आज्ञा मानने से इनकार कर देता है और अपनी सरकशी में हद से आगे बढ़ जाता है।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने आसमान-ए-दुनिया (निचले आसमान) को सितारों और उनसे निकलने वाली चिंगारियों (शहाबों) के ज़रिए हर सरकश और अत्याचारी शैतान से महफ़ूज़ रखा है। ये शैतान आसमान की तरफ बढ़ने और वहां की बातें चुराने की कोशिश करते हैं, लेकिन अल्लाह की हिफ़ाज़त के कारण उन्हें आसमान से मार भगाया जाता है और जलती हुई चिंगारियों से उन पर वार किया जाता है। यह अल्लाह की क़ुदरत का नमूना है कि उसने आसमान को इस तरह महफ़ूज़ बनाया है कि कोई शैतान वहां तक पहुंचकर वहां की खबरें चुरा नहीं सकता। यह हिफ़ाज़त अल्लाह की रहमत और उसकी तदबीर से है, ताकि उसका निज़ाम-ए-कायनात बरकरार रहे और उसके बंदों को उसकी क़ुदरत का यक़ीन हो।
दावती पहलू:
यह आयत हमें अल्लाह की अज़ीम क़ुदरत और उसकी हिफ़ाज़त पर ग़ौर करने की तरग़ीब देती है। जिस अल्लाह ने आसमान को शैतानों से महफ़ूज़ रखा है, वही अल्लाह अपने नेक बंदों को भी शैतान के वसवसों (बुरे ख्यालों) से महफ़ूज़ रखता है। जब हम क़ुरआन पढ़ते हैं और अल्लाह की याद में मशगूल रहते हैं, तो अल्लाह हमें शैतान के हमलों से बचाता है। यह आयत हमें सिखाती है कि जिस तरह आसमान की हिफ़ाज़त अल्लाह ने की, उसी तरह हमें अपने दिल को शैतानी ख्यालों से पाक रखने की कोशिश करनी चाहिए। अल्लाह की पनाह मांगने वाले को अल्लाह कभी निराश नहीं करता। यह हमारे लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है कि अल्लाह अपने बंदों की हिफ़ाज़त करता है, बशर्ते वे उसकी तरफ रुजू करें और उसकी इबादत में लगे रहें। इस आयत से हमें अल्लाह पर भरोसा और उसकी हिफ़ाज़त पर यक़ीन मज़बूत करना चाहिए, और शैतान के बहकावे से बचने के लिए अल्लाह की पनाह मांगते रहना चाहिए।
📜 आयत 5-9 — अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 7
सूरा अस-साफ्फात आयत 7 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (तारों को) हर सरकश शैतान से हिफ़ाज़त के वास्ते…सूरा आयत 7/182 — अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-साफ्फात सुनें, अस-साफ्फात अनुवाद, अस-साफ्फात mp3, अस-साफ्फात pdf. आयत 5–9. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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