अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- رَبُّ: पालनहार, स्वामी, प्रबंधक।
- السَّمَاوَاتِ: आकाश (बहुवचन)।
- الْأَرْضِ: पृथ्वी।
- مَا بَيْنَهُمَا: जो कुछ इन दोनों के बीच है (सारी मख़लूक़ात)।
- الْمَشَارِقِ: सूरज के उगने के स्थान (पूर्व दिशाएँ)।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत हमें अल्लाह की रुबूबियत (पालनहार होने) की सच्चाई से रूबरू कराती है। अल्लाह ही इस विशाल ब्रह्मांड का मालिक और प्रबंधक है। उसी ने आकाशों को ऊँचा उठाया, पृथ्वी को बिछाया, और उन दोनों के बीच जो कुछ भी है — चाहे वह तारे हों, ग्रह हों, हवाएँ हों, पहाड़ हों, समुद्र हों, पेड़-पौधे हों, जानवर हों या इंसान — सब कुछ उसी की पैदाइश और उसी की मिल्कियत में है।
फिर अल्लाह ने ख़ास तौर पर "मशारिक़" (सूरज के उगने के स्थान) का ज़िक्र किया। यह एक अद्भुत निज़ाम है कि सूरज हर रोज़ एक नई जगह से उगता है — सर्दी में एक कोण से, गर्मी में दूसरे कोण से — और यह बदलाव भी अल्लाह ही के इशारे से होता है। यह उसकी क़ुदरत का एक ज़िंदा सबूत है।
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि जिसने इस पूरे निज़ाम को चला रखा है, वही हमारा असली मालिक है। उसी की इबादत करनी चाहिए, उसी से मदद माँगनी चाहिए। जब हम सुबह सूरज को उगते देखते हैं, तो याद करें कि यह अल्लाह की आयत है — वह हमें बता रहा है कि जिस तरह वह हर रोज़ सूरज को रौशनी देता है, वह हमारी ज़िंदगी में भी रौशनी, रिज़्क़ और रहमत भेज सकता है।
यह आयत हमें तौहीद (एकेश्वरवाद) की तरफ बुलाती है और दिल में अल्लाह की अज़मत का एहसास पैदा करती है। जो इंसान इस निज़ाम पर ग़ौर करे, वह कभी शिर्क (किसी और को पूजने) की ग़लती नहीं कर सकता। अल्लाह हर चीज़ का मालिक है — वही हमारी हर ज़रूरत को पूरा करने वाला है। इसलिए हमें चाहिए कि हम उसी की तरफ रुजू करें, उसी से डरें और उसी से उम्मीद रखें। यही सच्ची कामयाबी का रास्ता है।
📜 आयत 3-7 — अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 5
सूरा अस-साफ्फात आयत 5 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो सारे आसमान ज़मीन का और जो कुछ इन दोनों…सूरा आयत 5/182 — अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-साफ्फात सुनें, अस-साफ्फात अनुवाद, अस-साफ्फात mp3, अस-साफ्फात pdf. आयत 3–7. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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